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31 अगस्त 2026

क्या आगरा उत्तर प्रदेश का अगला सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र बन सकता है?

 

आगरा का नाम सुनते ही हमारे मन में सबसे पहले ताजमहल, पर्यटन, पेठा और जूता उद्योग की तस्वीर सामने आती है। लेकिन बदलती अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ती तकनीक के इस दौर में क्या आगरा की पहचान केवल पर्यटन नगरी तक सीमित रहनी चाहिए?

क्या आने वाले वर्षों में आगरा उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र बन सकता है?

मेरे विचार से इसका उत्तर हाँ है।

हालाँकि इसके लिए केवल एक सरकारी केंद्र या कुछ कंपनियों की मौजूदगी पर्याप्त नहीं होगी। आगरा को ऐसा पूरा वातावरण तैयार करना होगा, जहाँ तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवा, नए उद्यमी, स्थानीय व्यवसाय, शिक्षण संस्थान, निवेशक और सरकार मिलकर काम कर सकें।

आगरा के लिए सूचना प्रौद्योगिकी क्यों महत्वपूर्ण है?

आगरा और आसपास के क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा इंजीनियरिंग, कंप्यूटर, प्रबंधन और अन्य व्यावसायिक शिक्षा पूरी करते हैं।

इनमें से बहुत से युवा तकनीकी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। लेकिन अच्छी नौकरी की तलाश में उन्हें नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों की ओर जाना पड़ता है।

यह केवल युवाओं के दूसरे शहर जाने की समस्या नहीं है। जब प्रतिभाशाली युवा

14 अगस्त 2026

आगरा में भी चले मिनी टूरिस्ट ट्रेन, पर्यटन को मिल सकती है नई रफ्तार

 

आगरा का नाम सुनते ही दुनिया भर के पर्यटकों के सामने ताजमहल की खूबसूरत तस्वीर उभर आती है। मुगलकालीन इतिहास, शानदार स्थापत्य, पुराने बाजार और सांस्कृतिक विरासत के कारण आगरा भारत के प्रमुख पर्यटन शहरों में शामिल है। हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

लेकिन सवाल यह है कि क्या आगरा में पर्यटकों को शहर और उसकी विरासत को देखने का कोई ऐसा नया और यादगार माध्यम मिल सकता है, जो यात्रा को और सुविधाजनक होने के साथ-साथ मनोरंजक भी बनाए?

इस दिशा में मिनी टूरिस्ट ट्रेन एक आकर्षक विकल्प हो सकती है।

Read Also : क्या सिर्फ पर्यटन के दम पर बदल सकता है आगरा का भविष्य ?

आगरा की सैर को मिल सकता है नया अनुभव :

कई प्रसिद्ध पर्यटन शहरों में पर्यटकों को प्रमुख स्थलों की सैर कराने के लिए छोटी टूरिस्ट ट्रेन या हेरिटेज ट्रेन जैसी सुविधाएं देखने को मिलती हैं। इसी तरह आगरा में भी एक विशेष मिनी टूरिस्ट ट्रेन शुरू की जा सकती है।

यह ट्रेन शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक निर्धारित पर्यटन मार्ग से जोड़ सकती है। पर्यटक आराम से बैठकर शहर की ऐतिहासिक इमारतों, पुराने इलाकों और स्थानीय संस्कृति का आनंद ले सकेंगे।

खास बात यह होगी कि यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने

16 मई 2026

ताजमहल को पहली बार देखकर लोगों के मुंह से अपने आप निकलता है “वाह!”

 

भारत में खूबसूरत इमारतों और ऐतिहासिक धरोहरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन जब बात दुनिया के सबसे सुंदर स्मारकों की आती है, तो  ताजमहलका नाम सबसे पहले लिया जाता है। सफेद संगमरमर से बना यह अद्भुत स्मारक केवल एक इमारत नहीं, बल्कि प्रेम, कला और वास्तुकला का ऐसा संगम है जिसे देखकर आज भी लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

कई लोग तस्वीरों और वीडियो में ताजमहल को देखकर सोचते हैं कि असल में यह शायद इतना खास नहीं होगा। लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति ताजमहल के मुख्य दरवाजे से अंदर प्रवेश करता है और सामने उसकी पहली झलक दिखाई देती है, उसके मुंह से अनायास ही एक शब्द निकलता है  “वाह!” शायद यही ताजमहल की सबसे बड़ी खूबी है। उसकी भव्यता को शब्दों में पूरी तरह बयान करना आसान नहीं।

सुबह की हल्की धूप में चमकता हुआ ताजमहल, शाम के बदलते रंगों में उसका अलग रूप, और पूर्णिमा की रात में उसकी खूबसूरती , हर समय यह स्मारक अलग एहसास देता है। खास बात यह भी है कि आसमान से देखने पर ताजमहल की बनावट और भी अद्भुत दिखाई देती है। ऊपर से देखने पर उसकी पूर्ण समरूपता, चारों मीनारें और बीच में चमकता सफेद गुंबद किसी

7 जनवरी 2026

क्या आगरा सच में स्मार्ट सिटी बनकर आदर्श बन पाएगा

 

आगरा, जो ताजमहल के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, अब केवल एक ऐतिहासिक और पर्यटन शहर नहीं बल्कि भविष्य का स्मार्ट शहर बनने की राह पर है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह शहर सच में स्मार्ट सिटी बनकर आदर्श बन पाएगा ? स्मार्ट सिटी का मतलब सिर्फ तकनीक नहीं है। यह शहर को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और रहने योग्य बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। आगरा के लिए यह कदम बहुत मायने रखता है, क्योंकि लाखों पर्यटक हर साल यहाँ आते हैं और शहर की रोजमर्रा की समस्याएँ भी अब चुनौती बन चुकी हैं।

स्मार्ट आगरा से यातायात की समस्या कम हो सकती है, स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स और डिजिटल सिग्नल के माध्यम से जाम में राहत मिलेगी और नागरिक और पर्यटक आसानी से शहर में घूम सकेंगे। इसके साथ ही, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाना और सार्वजनिक जगहों की साफ-सफाई

8 नवंबर 2024

अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के डाटा गायब होने और उनमें हेराफेरी पर अब पूरा नियंत्रण

 

आगरा। डा भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है और उसकी गरिमामयी रही छवि को पुनर्स्थापित करने का हर भरसक प्रयास किया जा रहा है। यह कहना है विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.आशुरानी का जो कि सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा के प्रतिनिधियों से औपचारिक मुलाकात के दौरान चल रहे सुधार के कार्यों पर चर्चा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी राज्य सरकार के तहत संचालित स्वायत्तशासी संस्था है एक्ट के तहत जो भी प्राविधान है वे लागू होगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का सीनेट हाल अत्यंत भव्य है,यह अन्य प्रयोजनों के लिए पिछले काफी समय से इस्तेमाल हो रहा है किंतु आने वाले समय में यह सीनेट और विश्वविद्यालय के विभागों,कमेटियों आदि की आधिकारिक बैठकों के लिये उपयोग में लाया जाना शुरू हो जायेगा।

प्रो.आशु रानी ने कहा कि उन्होंने सीनेट का चुनाव करवाये जाने को पूरी गंभीरता से लिया है और इसके लिये आगामी कार्यवाही करवाने को कहा है। एक जानकारी में उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में सुधार के लिए उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं ,विश्वविद्यालय के चारों परिसरों में इसका आकलन किया जा सकता है। नीतिगत तौर पर विद्यार्थियों का हित उनके लिए सर्वोपरि है।उपरोक्त को दृष्टिगत जो भी उनके संज्ञान में लाया जाएगा, उसका समाधान  जरूर करवायें। 

वीसी ने कहा कि विश्वविद्यालय के डाटा आदि गायब होने और उनमें हेराफेरी आदि की घटनाओं पर अब पूरी तरह से नियंत्रण किया जा चुका है। विश्वविद्यालय का अब अपना ‘क्लाउड’ है। सारे पुराने रिकॉर्ड अपडेट करवाये जाने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर खामियां पिछले तीस साल का कालखंड की है,जिन्हे दूर किया जा रहा है।इनके दूर होते ही विश्वविद्यालय का सारा रिकार्ड अपडेट हो जायेगा।

14 अगस्त 2024

पीढ़ियों से चला आ रहा आगरा का 100 साल से पुराना किराना स्टोर

 

( आगरा का 100 साल  पुराना किराना स्टोर )
आगरा में बहुत सी ऐतिहासिक मशहूर दुकानें पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही हैं। उन्हीं में से बेलनगंज आगरा में स्थित  यह किराना स्टोर  100 साल से पुराना है। इस तरह के पुराने किराना स्टोर से स्थानी लोगों  अब भी लगाव है क्योंकि  चंद दूरी  पर रोजमर्रा का सामान पुराणी तरह से अब भी उपलब्थ है। 

पड़ोस में स्थित किराना दुकानों के अक्सर अपने ग्राहकों के साथ ऐसे संबंध स्थापित हो जाते हैं जिन्हें बड़े स्टोरों द्वारा तोड़ना बहुत  मुश्किल होता  है।

ताजा, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन और विशेष उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करना, जो ऑनलाइन तथा बड़े स्टोरों  के लिए मुश्किल हो सकता है । पारंपरिक किराना स्टोर से सामान खरीदना काफी लोग पसंद करते हैं  ।

पारंपरिक किराना स्टोर के लिए महत्वपूर्ण बात यह होगी कि वे अपनी अनूठी ताकत को पहचानें और उसका लाभ उठाएं । देखा गया है किराना दुकानें उपभोक्ताओं को आकर्षक मूल्य  प्रदान करने में सक्षम हैं। भारतीय खुदरा किराना परिदृश्य में अब भी इनके सफल होने की अधिक संभावना है।

26 दिसंबर 2023

उन्नीस वीं सदी की प्रकाशित, व्यपारियों लिखी किताब में है आगरा के व्यापारी

 

--आगरा की परोपकारी परंपरा के वाहक थे रावत पाडा के लाला मोहन लाल ( राजीव सक्सेना द्वारा ) आगरा : सामाजिक सरोकारों में योगदान ,दान ,धनाढ्य और सहष्णुता आगरा की लोक परंपरा रही है।स्वतंत्रता पूर्व काल से चली आ रही इस परंपरा में बेलनगंज, रावतपडा क्षेत्र के कारोबारियों का इसमें खास योगदरान रहा है। इन्हीं में वैश्य समाज के लाला मोहन लाल जी का नाम भी उल्लेखनीय है। संवत 1928 यानि सन 1871में लाला मोहन लाल पुत्र बुद्धा सिंह जी  ने मैसर्स बुद्धा सिंह मोहन लाल गोटेवाला   फर्म बनाकर अपना कारोबार शुरू किया था। गोटा -किनारी खरीदन और थोक में बेचना (आढत) इनका मुख्य और आधारभूत कारोबार था।व्यापारिक कुशलता और लोकव्यवहार की समृद्ध परंपरा की विरासत छोडकर संवत 1952(सन 1897) में वह गोलोक वासी हुऐ ।

--आत्म अभिमान और प्रेरक

उन्नीसवीं सदी तक रहे भारतीय कारोबार और कारोबारियों की स्थिति व परंपराओं पर प्रकाश डालने वाली पुस्तक  ‘भारतीय व्यापारियों का परिचय ‘ (Bharatiya Vyapari Parchya ) प्रकाश में आने से मोहन लाल जी और उनके जनजीवन में रहे योगदान को ताजा करना अनायास ही सामायिक हो गया। हालांकि इस किताब में आगरा के अन्य कारोबारियों का भी उल्लेख है। गोटेवाले परिवार की मौजूदा पीढी के श्री बृजेश अग्रवाल जो कि ‘फैमली हिस्ट्री’ की महतत्ता की समक्ष रखते हैं का कहना है कि किताब में अपने पूर्वज और उनके कार्यों का उल्लेख किसके लिये महत्वपूर्ण नहीं होगा।हमारे परिवार

8 सितंबर 2021

जोधपुर झाल जलाशय को पं दीन दयाल सरोवर बनाये जाने में चैंबर देगा योगदान

-- ‘नान रोस्टर’ नहरी पानी से पुर्न जीवित हो सकेगा टी टी जैड के लिये महत्वपूर्ण जलाशय

चैंबर अध्‍यक्ष मनीष अग्रवाल, सिकन्‍दरा राजवाह कट(इन्‍सेट में) लगवाना
 चाहते हैं रैग्‍युलेटर।साथ में हैं श्री सीताराम जी।फोटो:असलम सलीमी
आगरा  ताज सिटी के वायु पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में नेशनल चैंबर आफ इंडस्‍ट्रीज ऐंड कमर्स आगरा ने शासन से महत्‍वपूर्ण पेशकश की है।अपने प्रस्‍ताव पर स्‍थानीय स्‍तर पर वार्ता करने के साथ ही लखनऊ में भी संबधितों से मुलाकात करेंगे। चैंबर की पेशकश पं.दीन दयाल सरोवर जलाशय योजना में योगदान को लेकर है।  जहां मथुरा के फरह,गोबर्धन विकास खंडों की अतिदोहित स्थिति में सुधार  लिये अवश्यक है, वहीं आगरा के नहरी तंत्र तथा यमुना के माध्यम से आगरा के लिये भरपूर जल उपलब्धता का स्त्रोत

3 सितंबर 2021

आगरा में सूर सरोवर 'रिसोर्स सेंटर ' बैहतर सुविधायुक्‍त करने को चैंम्‍बर ने की पेशकश

-- राष्‍ट्रीय चम्‍बल सेंचुरी प्रशासन के साथ शीघ्र ही चैंबर की बैठक

 चैंबर अध्‍यक्ष मनीष अग्रवाल (दांय) साथ में हैं,पूर्व 
अध्‍यक्ष सीता राम जी एवं जर्नलिस्‍ट राजीव सक्‍सेना।

आगरा:नेशनल चैम्बर आफ कामर्स ऐंड इंडस्‍ट्रीज यू पी आगरा के अध्‍यक्ष श्री मनीष अग्रवाल के नेतृत्‍व में चैम्‍बर की टीम ने  अध्यक्ष मनीष अग्रवाल की अध्यक्षता में सूर सरोवर स्थित रिसोर्स सेंटर का चैम्बर की टीम ने निरिक्षण किया। उन्होंने कहा कि रिसोर्स सेंटर ( प्रकृति अध्ययन केन्द्र सूर सरोवर) सूर सरोवर सेंचुरी परिसर का अहम स्थान है। नेशनल  चैम्बर आफ इंडस्ट्रीज ऐंड कामर्स, यू.पी. आगरा  अपने जनसरोकार के कार्यों के तहत इसे ज्ञानबर्धन तथा पर्यावरण संबधित  केन्द्र के रूप में इसे अधिक उपयोगी बनाये जाने में योगदान देने को उत्सुक है। वर्तमान में इसमें रीडिंग, ग्रुप डिस्कशन, विजिटर फैसेलिटी संबधित सीमित व्यवस्थायें है ,जिन्हें अधिक व्यवस्थित किया

22 अगस्त 2021

आगरा की ‘राम बारात’ में राम चन्‍द्र जी की बडी बहन' शांता' की झांकी को फिर से हुई कोशिश

 

--मेयर और रामलीला कमेटी को लिखे गये पत्र

शांता घाट सूर सरोवर पर 'शांता' पेंटिंग, इन्‍सेट में पूर्व वन अधिकारी
पूर्व बन अधिकारी श्री आनन्‍द कुमार श्रीवास्‍तव।फोटो:असलम सलीमी
आगरा : आगरा की प्रख्‍यात राम बारात में  'शांता ' की सवारी भी 
अन्‍य धार्मिक प्रसंगों की सवारियों के साथ शामिल करवाने को प्रयासरत नेशनल चैम्‍बर आफ इंडस्‍ट्रीज ऐंड कामर्स यू पी  के पूर्व अध्‍यक्ष श्री राजीव गुप्‍ता ने गत वर्ष के समान ही इस साल भी इसके लिये प्रयास किया । संयोग से कोरोना की दूसरी लहर के बाद बने माहौल तथा तीसरी लहर को लेकर को लेकर व्‍याप्‍त संशयों के कारण इस बार राम भी  बारात को निकाले जाने का कार्यक्रम स्‍थगित रहा।

श्री गुप्‍ता सामाजिक सरोकारों के प्रति सरोकार रखने वाले संगठन लोक स्‍वर के अध्‍यक्ष हैं, ने

13 अगस्त 2021

आगरा के जलक्षेत्रों एवं नदी तटीय क्षेत्रों की ड्रौन मैपिंग करवायेगी चैम्‍बर

 --सूर सरोवर,बृथला कुंड,बरुअर तालाब ,ककरैठा बैटलैंड को भी देखेगी आसमानी आंख

आगरा: नेशनल चैंबर आफ इंडस्‍ट्रीज एंड कामर्स (एन सी आई सी)आगरा के जलशयों एवं नदी तटीय क्षेत्रों की जलसंचय क्षमता के आंकलन के लिये ड्रौन मैपिंग करवायेगा। चैम्‍बर की ओर से इसके लिये आगरा प्रशासन को पत्र लिखा गया है। जिन जलाशयों एवं तलीय जलसंग्रह की संरख्‍नाओं की मैपिंग करवाने की योजना बनायी गयी है, उनमें जलाशयों (सूर सरोवर,बृथला कुंड,बरुअर तालाब ,ककरैठा बैटलैंड), नदियों (यमुना,चम्‍बल,खारी,उटंगन , झरना नाला ) तथा जगनेर की बंधियां मुख्‍य हैं।   मानसून काल में  इनके जलविस्‍तार एवं तटबंधों की स्‍थिति का आंकलन सहित जलसंचय की वस्‍तुस्‍थिति का आंकलन संभव होगा।

चैम्‍बर के अध्‍यक्ष श्री मनीष अग्रवाल ने बताया है कि प्रशासन की अनुमति मिलने के साथ ही अगली कार्रवाही संभव होगी। एक जानकारी में बताया कि चूंकि ड्रोन मैपिंग को प्रस्‍तावित सभी जलक्षेत्र 'नो फ्लाइंग जोन ' से

5 जून 2021

आगरा के संदेश जैन बनाये गये भरत-तिब्‍बत अंतराष्‍ट्रीय सम्‍बन्‍ध प्रभाग के सह संयोजक

 -- तिब्‍बत के साथ समन्‍वय को मजबूत करने को  होंगे सक्रिय

आगरा:प्रख्‍यात समाज सेवी श्री संदेश जैन को भारत   तिब्‍बत समन्‍वय   संघ (बी टी एस एस) के अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍बन्‍ध  प्रभाग का राष्‍ट्रीय सह संयोजक बनाया गया है। बी टी एस एस की  राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के सक्षम प्राधिकारियों के     निर्देश  पर राष्‍ट्रीय महामंत्री श्री सौरभ सारास्‍वत ने   उन्‍हें यह दायित्‍व  सौंपा है । उनकी     नियुक्‍ति की जानकारी संगठन की ओर से आधिकारिक रूप से एक प्रेस नोट की जारी किया गया है।

श्री संदेश जैन समाज और आगरा के सार्वजनिक क्षेत्र में पहचान रखने वाल श्री महेन्‍द्र प्रताप जैन के सुपुत्र है और तिब्‍बत से जुडे मसलों में खास रुचि रखते आये हैं। भारत तिब्‍बत समन्‍वय संघ ( बी टी एस एस) एक अंतर्राष्‍ट्रीय नागरिक संगठन के रूप में सक्रिय है जो दानों दोनों के बीच  के पारस्‍परिक संबधों को अधिक मजबूत बनाने तथा आपसी समझ को बढावा दिये जाने के प्रति प्रतिबद्ध एवं सक्रिय है। 

16 सितंबर 2019

जनप्रति‍नि‍धि‍यों की नापसंदगी के बावजूद पालीवाल पार्क पर लागू कर डाला प्रवेश टि‍कट

नि‍गम पार्षद शरद चौहान पूर्व में ही जता चुके है  ' नाइत्तफाकी '

( दैनि‍क जारण तथा  प्रमुख अखबारों में   टि‍कट  का वि‍रोध ) 
आगरा - महानगर के वाशिदों को शुद्ध हवा और आक्‍सीजन देने वाले पालीवाल पार्क पर उद्यान विभाग  ने अंतत:टि‍कट लगा ही दि‍या। यह एक ऐसा फैसला है जो नागरिकों  को तो ना पसंद है ही साथ ही आगरा के सांसद प्रा.एस पी सिह बघेल , मेयर नवीन जैन और क्षेत्र से संबधि‍त वि‍धायक पुरुषोत्‍तम खंडेलवाल भी  गलत मानते हैं और इसे न चलने देने की बात कह रहे हैं। 
पब्‍लि‍क इंट्रैस्‍ट दरकि‍नार :
सबसे आश्‍चर्य तो यह है कि सत्‍तादल के स्‍थापि‍त  बड़े  चेहरे  जनहि‍त में जि‍स टि‍कट को गैर जरूरी मानते हैं , उसे उद्यान वि‍भाग लगाये जाने पर क्‍यो आमादा है। पालीवाल पार्क के अलावा शाहजहां पार्क भी टि‍कट के दायरे में ला दि‍या गया है। यह वह पार्क है जो कि तमाम सुरक्षात्‍मक पाबंदि‍यों मे जकड़े  ताजगंज के नागरि‍कों के लि‍ये ही नहीं सीमि‍त साधनों से आगरा दि‍खने आने वालों के लि‍ये वि‍श्राम स्‍थल के रूप में उपयोग कि‍या जाता है । ये दानों ही पार्क प्रदेश सरकार के नि‍यमि‍त बजट वाले उद्यान वि‍भाग के अधि‍कारि‍यों और कर्मचारि‍यों के द्वारा प्रबंधि‍त हैं। जो जरूरत होने पर मस्‍टौल पर कर्मचारी रखने में भी सक्षम है।

26 नवंबर 2018

मुगल वास्तुकला के पांच प्रवेश द्वार बनेगे भावी स्मार्ट सिटी आगरा में

आगरा।शहर में  स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत मुगल वास्तुकला पर पांच प्रवेश द्वार बनाये जायेगे। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने कहा आगरा में प्रवेश के समय टूरिस्ट इन विशेष द्वारों में होकर आने पर अपना स्वागत महसूस करेंगे। यह पांच प्राचीन  मुग़ल वास्तुकला में स्वागत द्वार  जयपुर हाईवे से आगरा प्रवेश पर , एत्मादपुर रोड , रिंग रोड फतेहाबाद ,खेरिआ तथा  आगरा ग्वालियर राजमार्ग पर स्थापित किये जायेंगे। आगरा  टूरिस्ट ट्रेड से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि राजामंडी स्टेशन के नजदीक स्थित पुराने   दिल्ली गेट  जैसे अन्य गेटों  की भी  नगर नगम द्वारा विशेष देख रेख करनी चाइये तथा इनकी सुंदरता बहाल करनी चाहिए । राजमण्डी स्टेशन से बाहर निकलते ही टूरिस्टों की नज़र सीधी इस गेट पर ही जाती है। 

4 अगस्त 2018

आगरा की प्राचीन धरोहर पालीवाल पार्क के मूल रूप को बिगाड़ने में जुटा नगर निगम

यूनिस्को द्वारा  पुरानी इमारतों और पार्कों को बचाने  के लिए दुनिया भर में चलाये  अभियान को ताक रख नगर निगम आगरा शहर के प्राचीन धरोहर पालीवाल पार्क को पिकनिक स्पॉट बनाने जा रही  है। अब यहाँ नगर निगम व्यामशाला ,म्यूजिकल फॉउन्टेंस ,पुस्तकालय तथा 2500 गायों का शेल्टर होम, 1500 लोगों के कैपेसिटी वाला ऑडिटोरियम आदि बनाएगा। शहर के बुद्धजीवियों  और जनता द्वारा सोशल मीडिया  पर इसका  भारी विरोध किया जा रहा है। शहरवासिओं का मानना है कि  भीड़ भाड़ तथा नए कंस्ट्रक्शन से से इस प्राचीन पार्क की सुंदरता नष्ट हो जाएगी। लोगों का कहना है कि  प्राचीन स्थानों और पार्कों को हर देश धरोहर के रूप में सुरक्षित

6 जून 2018

आगरा में ट्रांसफर पर स्‍टे किये दो डिप्‍टी चीफ एडीटराेें तक को नहीं करवाया जा सका ज्‍वाइन

सेवा योजक ' दैनिक जागरण ' ने लेबर डिपार्टमेंट के इंस्‍पैक्‍टर को बैरंग लौटाया 
अवध प्रकाश बाजपेयी एडवोकेट:न्‍याय
तो मिल चुका बस क्रियान्‍‍‍‍‍वयन होना हैै।  
आगरा: मजीठिया बेज बोर्ड वाद के मामलों में पत्रकारों और गैर पत्रकारों को कोयी बडी राहत मिलना तो दूर लेबर डिपार्टमेंट के इंस्‍पैक्‍टर अपने विभाग के आदेश की कंप्‍लांइंस के रूप में दैनिक जागरण के आगरा एडीशन में  चीफ सब एडीटर सुनयन शर्मा और डिप्‍टी चीफ सब एडीटर रूपेश चौधरी को ज्‍वाइन तक नहीं करवा सके। 
जब लेबर इंस्‍पैक्‍टर श्री राम मिलन  विभागीय आदेश लेकर उक्‍त दोनों के साथ सिकंदरा इंडस्‍ट्रियल स्‍टेट स्‍थित समाचार पत्र के कार्यालय पहुंचे तो गेट पर रोक दिया गया। बाद में केवल इंस्‍पैक्‍टर को ही अंदर आने दिया गया । कार्यालय में पहुंचेन पर बताया गया कि महाप्रबंधक एवं स्‍थानीय संपादक आफिस में नहीं हैं। बाद में टैलीफोन पर संपर्क करने पर प्रबंधन की ओर से बताया गया कि दोनों के संबध में वाद लंबित हैं। इस लिये उन्‍हे काम पर वापस लेना मुमकिन नहीं है। 
एक अन्‍य सीनियर सब एडीटर श्री नरेन्‍द्र प्रताप को भी विभागीय आदेश के तहत लेबर इंस्‍पैक्‍टर ने ज्‍वाइन करवाने का

21 अप्रैल 2018

आगरा से मुखरित भाईचारा के संदेश बने ' लव वर्सेज जेहाद’ किताब

-- जनधन की लूट रोकने को सरकारी काम काज में और अधिक पारदर्शिता लायी जाये
‘ लव वर्सेज जेहाद’ पुस्‍तक का हुआ विमोचन, पटियाला यूनीवर्सटी के
 प्रो डा कुलदीप सिंह ने किये व्‍यक्‍त विचार ।फोटो :असलम सलीमी 

 आगरा: प्रख्‍यात पत्रकार सतीश जैकब ने कहा कि काम काज मे पारदर्शिता आज की अहम जरूरत है। डिजिटल टैक्‍नेलाजी के प्रचलन के बाद जब सरकार जनता के बारे में सबकुछ जानती है तो नागरिकों को भी हक है कि सरकार के बारे में वे अधिकतम जानें , वह अमृत विद्या एजूकेशन फार इममोर्टलिटी सोसायटी, आगरा, फाक लोर रिसर्च एकैडैमी अमृतसर एवं पाकिस्तान - इंडिया पीपुल्स फोरम फार पीस ऐंड डैमोक्रेसी, नई दिल्ली,  के संयुक्‍त तत्‍वावधान में सैंटपीटर्स कॉलेज के कल्‍चरर हॉल में ‘ ट्रांसपैरेंसी इन मीडिया,गवमेंट , और सिविल सेासयटी’  विषय पर आयोजित पैनल डिस्‍कशन में मुख्‍य वक्‍ता

17 फ़रवरी 2018

ताजमहल दीदार करने पहुंचे सपरिवार जस्टिन ट्रूडो आगरा

सपरिवार जस्टिन ट्रूडो
आगरा : कनाडा के युवा  प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सपरिवार आगरा का  ताजमहल दीदार करने  पहुंचे। वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ भारत  आए हुए  हैं। जस्टिन ट्रूडो ने प्रातः ताजमहल का अवलोकन किया। उनकी सुरक्षा के ताज सिटी में  कड़े इंतजाम किए गए हैं।ताजमहल देखने के बाद वह  मथुरा  के चुरमुरा स्थिति हाथी संरक्षण केन्द्र का भ्रमड़  करेंगे। उनकी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए  आम टूरिस्टों  के लिए दो घंटे के लिए ताज महल में प्रवेश  बंद कर दिया गया है । टिकट  विंडो  1 घंटे पहले  ही बंद कर दी गई । बता दें रविवार को  बड़ी संख्या में देश विदेश के  सैलानी गाड़ियों और ट्रेनों के द्वारा ताज का दीदार करने के लिए आगरा पहुंचते हैं।

20 जनवरी 2018

राजामंडी स्टेशन दीवार चित्रकारी के लिए बनेगा पर्यटकों का आकर्षण

राजामंडी स्टेशन आगरा अब वाल  पेंटिंग्स के लिए मशहूर हो जायेगा। रेलवे प्रशासन ने ललित कला संस्थान के छात्रों को स्टेशन की दीवारों पर दीवार चित्रकारी के लिए आमंत्रित  किया  है। अब पान की पीक से गन्दी इन दीवारों का रूप बदल रहा है। रेलवे स्टेशन की दीवारों को  जीवंत आधुनिक कला के निर्माण के साथ सुव्यवस्थित किया जा रहा है। अब यह दीवारें सेल्फी प्रेमियों में  पृष्ठभूमि के रूप में लोकप्रिय होती जा रही हैं। ललित  कला संस्थान के शिक्षक शार्दुल मिश्रा का कहना  है कि आगरा जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटक  शहर में पान की पीक से गन्दी दीवारें शर्मनाक हैं। उन्हें पूरा विश्वाश है कि दीवार चित्रकारी परियोजना से आगरा को नया रूप दिया जा सकता है। 

26 दिसंबर 2017

आगरा और कानपुर में भी मेट्रो बनाने की परियोजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में आगरा और कानपुर के लिए नई मेट्रो परियोजनाओं की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि नोएडा के पास जेवर  पर हवाई अड्डे स्थापित करने का काम भी तेज किया गया है।योगी आदित्यनाथ ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेट्रो की मेगंटा लाइन के उद्घाटन के बाद नोएडा में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित किया था।योगी  ने कहा कि राज्य में दो प्रमुख एक्सप्रेसवे  पूर्वांचलऔर  बुंदेलखंड में भी योजना बनाई जा रही है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल्डर्स ने अगले छह महीनों में उपभोक्ताओं को 80,000 अपार्टमेंट सौंपने का वादा किया है।