13 अप्रैल 2021

भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए रूस की स्पुतनिक को मंजूरी

नई दिल्ली - ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया ने  भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए एक तीसरा वैक्सीन, रूस की स्पुतनिक V स्वीकृत किया गया है।सरकार ने विदेशी उत्पादित कोविद -19 वैक्सीन को अधिकृत करने के लिए कोविद -19 नेशनल टास्क फोर्स की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है, जिन्हें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान और डब्ल्यूएचओ-सूचीबद्ध एजेंसियों द्वारा आपातकालीन स्वीकृति प्रदान की गई है।

जिसके परिणामस्वरूप आपातकालीन उपयोग  के लिए पहले एक वैक्सीन के लिए क्लिनिकल परीक्षणों की पूर्व स्थितियां दूर हो गई हैं। इससे टीकों की उपलब्धता और तेज हो जाएगी।

रेमेडिसविर इंजेक्शन की मांग में अभूतपूर्व उछाल के बारे में बताया गया कि , रेमेडिसविर केवल अस्पताल में भर्ती लोगों के लिए है और जो ऑक्सीजन के समर्थन में हैं। घर  में रेमेसडीवीर के उपयोग का कोई सवाल ही नहीं है। ड्रग शूड केवल अस्पतालों में आपूर्ति की जाती है, केमिस्ट के पास नहीं। इस दवा का तर्कसंगत

12 अप्रैल 2021

रेमेडिसविर के निर्यात पर प्रतिबन्ध लगाया भारत ने

 

नई  दिल्ली। भारत  में वर्तमान कोविड स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने रेमेडिसविर तथा अन्य सक्रिय फार्मास्यूटिकल्स सामग्री के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंत्रालय ने कहा कि देश में बढ़ते कोविड केसों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। देश के रेमेडिसविर निर्माताओं को अपनी वेबसाइट, अपने स्टॉकिस्टों और वितरकों के विवरण को दवा के उपयोग की सुविधा के लिए प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है।

सरकार के फार्मास्युटिकल विभाग ने रेमेडिसविर के उत्पादन को बढ़ाने के लिए घरेलू निर्माताओं के साथ संपर्क किया है। नेशनल क्लिनिकल मैनेजमेंट के कोविड से सम्बंधित प्रोटोकॉल में, रेमेडीसविर इंजेक्शन को एक इन्वेस्टिगेशनल थ्रेपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जहां विस्तृत दिशा-निर्देशों में उल्लिखित संकेतों पर ध्यान देने के अलावा, सूचित और साझा निर्णय लेना आवश्यक है। देश की सात फार्मास्युटिकल कंपनियां

11 अप्रैल 2021

कोविड के चलते मंदिर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आवश्यक

 

( श्रीबांके बिहारी मंदिर मथुरा )
मथुरा में कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए जिलाधिकारी ने रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक के कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है। मथुरा के मंदिरों में आने वाले  श्रद्धालुओं से प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। अब मास्क लगाए लोगों को ही मंदिरों में प्रवेश दिया जायेगा। श्रीबांके बिहारी मंदिर की प्रबंध कमेटी ने अब 2 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन प्रवेश की संख्या निर्धारित की  है। एक बार मे केवल 5 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आवश्यक कर दिया है । मंदिर  में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों  और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को साथ न लेन की सलाह दी गई है । रंगनाथ मंदिर में  प्रवेश के लिए मास्क के साथ  श्रद्धालुओं का  तापमान भी चेक किया जा रहा है। 

10 अप्रैल 2021

सबसे अधिक टीकाकरण करने वाला भारत दुनिया का पहला देश

 

नई दिल्ली - 85 दिन में दस करोड़  टीकाकरण  करने वाला भारत दुनिया का सबसे पहला  देश  है।  अमेरिका और चीन की तुलना में भारत का स्थान ऊपर  है। अमरीका ने   89 दिनों और चीन ने 103 दिनों में दस करोड़  लोगों का  टीकाकरण किया है । समन्वित कदमों के कारण  भारत अपने नागरिकों को 10 करोड़ से अधिक COVID-19 टीके  लगाने  के  शिखर पर पहुंचा गया  है। देश में प्रशासित COVID19 वैक्सीन खुराक की संचयी संख्या  अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार 10,12,84,282 है।

नागरिकों के  कार्यस्थलों ( सरकारी  और निजी) पर टीकाकरण करवाने के लिए हाल के प्रावधानों के साथ 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को वैक्सीन कवरेज का विस्तार केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सुरक्षा के लिए सक्रिय, सहयोगात्मक और समन्वित कदमों की एक श्रृंखला के कारण मिल सका  है। ताकि  संक्रामक COVID बीमारी से देश के नागरिकों के  कीमती जीवन को सुरक्षित किया जा सके । सरकार के  कुशल नैदानिक ​​प्रबंधन के साथ इस प्रकार यह सुनिश्चित हो गया है कि भारत में दुनिया में सबसे कम मृत्यु दर 1.28% है।

8 अप्रैल 2021

जोन्स पब्लिक लाइब्रेरी आगरा की स्थापना यूनानी हीरा व्यवसायी ने की थी

 

यदि आपका सम्बन्ध आगरा से रहा है तो आप यहाँ की प्राचीन जोन्स पब्लिक लाइब्रेरी को अवश्य जानते होंगे। इसकी स्थापना में जॉन एंथनी का मुख्य योगदान था । उनका पूर्व नाम एंटोनियस आयोनाइड्स था , जो एक यूनानी व्यवसायी थे, 1800 के आसपास, लेवांत से भारत के आगरा पहुंचे।लेवंत पूर्वी भूमध्य सागर के भौगोलिक क्षेत्र को संदर्भित करता है, जैसे कि सीरिया, जॉर्डन, इज़राइल और लेबनान। उस समय सीरिया में एक बड़ा ग्रीक समुदाय था।आगरा में पहले से ही एक संपन्न ग्रीक समुदाय था जब एंटोनियस आयोनाइड्स का आगमन हुआ और आगरा में अन्य ग्रीक परिवारों के रिकॉर्ड अनुसार अपने नामों के साथ जॉन उपनाम जोड़ा था ।