20 जून 2021

देखिए नई तकनीक का जादू,दो विभिन्न भारतीय भाषाई वाले व्यक्तियों के बीच संचार संभव

 

अब जल्द ही एक ही भाषा नहीं बोलने वाले दो व्यक्तियों के बीच संचार का  आदान-प्रदान हो सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय  भारत  में भाषा की बाधा को समाप्त करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके अनुवाद परियोजना विकसित कर रहा  है। मंत्रालय सचिव ने कहा कि हमने एक बहुत ही महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन पर काम करना शुरू कर दिया है। देखिए नई तकनीक का जादू। सदियों से हम इस वास्तविकता के साथ जी रहे हैं कि जो व्यक्ति केवल बंगाली जानता है, वह उस व्यक्ति के साथ संवाद नहीं कर सकता जो केवल मलयालम जानता है। किन्तु इस नई तकनीकि से दो भाषाओँ वाले आपस में रीयल-टाइम संवाद कर सकेंगे। 


19 जून 2021

वेंटिलेटर की जरुरत वाले रोगियों की पहचान करने वाला नया सॉफ्टवेयर

 

एक सॉफ्टवेयर अब उन रोगियों की पहचान कर सकता है जिन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है। समय रहते मरीज को रेफर करने से आपात स्थिति से पहले आवश्यक व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। कोविड सेविरिटी स्कोर (सीएसएस) सॉफ्टवेयर नामक सॉफ्टवेयर में एक एल्गोरिथ्म है जो कारोना मरीजों को मापदंडों के एक सेट से मापता है। यह प्रत्येक रोगी के लिए एक पूर्व-निर्धारित डायनेमिक एल्गोरिथ्म के सहारे कई बार स्कोर करता है और एक ग्राफिकल ट्रेंड में इसे मैप करने के लिए एक कोविड सेविरिटी स्कोर (सीएसएस) देता है।

इस सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी का उपयोग कोलकाता और उपनगरों में तीन सामुदायिक कोविड देखभाल केंद्रों में किया जा रहा है, जिसमें कोलकाता के बैरकपुर में एक 100-बेड का सरकारी कोविड देखभाल केंद्र भी शामिल है।

कोरोना महामारी के दौरान अचानक आईसीयू और अन्य आपातकालीन आवश्यकताओं को पूरा करना अस्पतालों के लिए एक चुनौती रही है। ऐसी स्थितियों के बारे में समय पर जानकारी स्वास्थ्य संकट को बेहतर ढंग से प्रबंधन करने में मदद करेगी।

18 जून 2021

विधवा महिलाओं, मंगला मुखियों के प्रति किया समाज का ध्‍यान आकर्षित

 --मंगलामुखी देविका ने 'सेवा इंटरनेशनल' के सहयोग से वितरित  किया राशन वितरण 

कोरोना लहर प्रभावितों को मंगला मुखी ने 'सेवा
 इंटरनेशनल' के  सहयोग से किया राशन वितरण

     आगरा: ताज सिटी में मंगला मुखी देविका ने कोरोना पीडितों को सहायता करने वालों को ट्रांस जैंडर,विधवा महिलाओं की पीडा और सहायता जरूरत के प्रति ध्‍यान  आकर्षित कर एक नयी पहल की।    समाज को अपनी दुआओं से खुशहाल बनाने की कामना करते रहने वाले मंगला मुखियों की प्रतिनिधि देविका मंगला ने गुरूवार को 17जून को  आगरा में सेवा इंटरनेशनल के सहयोग से विधवा महिलाओं, मंगला मुखियों और विकलांगों को शहगंज और बोदला क्षेत्र में राशन बांटा। उनके द्वारा यह सेवा कौरोना की दूसरी लहर के कारण प्रभावित उपरोक्‍त वर्गों की पीडा को कम करने के परिप्रेक्ष्‍य में किया गया।

देविका के अनुसार उनका प्रयास जरूरतों के सापेक्ष कहीं कम जरूर है किन्‍तु उन तमाम लोगों को एक रास्‍ता दिखाने वाला है,जो कि मदद देने के लिये हाथ तो बढाते रहे हें किन्‍तु समाज के असली पीडित उपरोक्‍त वर्गों तक नहीं पहंचे हैं।देविका के साथ इस काम में देवेन्‍द्र मंगला मुखी भी सहभागी थे। 

प्रख्‍यात सर्वोदयी गौ सेवक सुश्री कृष्‍णा बल्‍ला का निधन

 --पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने को जनजागरूकता में लगीं थीं कृष्‍णा जी

सुश्री कृष्‍णा बल्‍ला 

  आगरा:प्रख्‍यात सर्वोदयी एवं गौ सेवक सुश्री कृष्‍णा बल्‍ला का 18जून शुक्रवार को निधन हो गया।कुछ दिनपूर्व उन्‍हें कोरोना हो गया था। रवि अस्‍पताल में कई  सप्‍ताह इलाज करवाने के बाद वह ठीक होकर अपने घर तो लौट   आयी थीं और  तथा जिस तरह रिकवरी कर रही थीं लगता था कि वह शीघ्र ही पूरीतरह से स्‍वस्‍थ्‍य हो जायेंगी। लेकिन अचानक तबियत बिगड गयी फलस्‍वरूप उन्‍हे अस्‍पताल में पुन: भर्ती होना पडा जहां डा.अजित चाहर और डा राघव चतुर्वेदी ने उनका उपचार करने का हरभरसक प्रयास किया लेकिन अंतत: वह  परलोक गमन कर ही गयीं।सुश्री बल्‍ला का ताजगंज शमशान घाट पर अंतिम संस्‍कार कर दिया गया। मुखग्‍नि उनकी बहिन की पुत्री सुश्री मीना ने दी।

सुश्री बल्‍ला अपने समय के प्रख्‍यात गांधीवादी एवं आगरा के पहले  सत्‍याग्रही स्‍व बालमुकुंद बल्‍ला की पुत्री थीं। जीवन पर्यंत खादी पहनती रहीं।वह कई गोसेवा संगठनों से जुडी हुई थीं। दयालबाग में एक गौशाला का संचालन वे स्‍वयं करवाती थीं। हमेशा एक एक आनापाई का हिसाब वह देती थीं। कोरोना काल में भी उन्‍हों ने इस परंपरा को जारी