27 मई 2024

'ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट'- भारत-फ्रांस सह-निर्माण फिल्म ने कान्स में इतिहास रचा

 

30 वर्षों में पहली बार, एक भारतीय फिल्म, पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट', जो दो नर्सों के जीवन पर केंद्रित है, को महोत्सव में सर्वोच्च पुरस्कार, पाल्मे डी'ओर के लिए नामांकित किया गया था। कपाड़िया की फिल्म ने ग्रांड प्रिक्स श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ एफटीआईआई की पूर्व छात्रा पायल कपाड़िया यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय बन गईं हैं। यह अवसर 30 वर्षों के बाद आया है, जब शाजी एन करुण की 'स्वहम' ने सर्वोच्च सम्मान के लिए प्रतिस्पर्धा की थी। 

पायल की फिल्‍म को भारत और फ्रांस के बीच हस्ताक्षरित ऑडियो-विज़ुअल संधि के अंतर्गत, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आधिकारिक इंडो-फ़्रेंच सह-उत्पादन का दर्जा दिया था। महाराष्ट्र (रत्नागिरी और मुंबई) में मंत्रालय ने भी फिल्म की शूटिंग की अनुमति दे दी थी। फिल्म को आधिकारिक सह-उत्पादन के लिए भारत सरकार की प्रोत्साहन योजना के तहत योग्यता सह-उत्पादन व्यय के 30 प्रतिशत की अंतरिम मंजूरी प्राप्‍त हुई।

24 मई 2024

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में दूरदर्शन की एंट्री

 

नई दिल्ली। दूरदर्शन एक और उपलब्धि हासिल करने जा रहा है क्योंकि 9 साल की अपार सफलता के बाद डीडी किसान 26 मई 2024 को एक नए रंग रूप और एक नए अंदाज के साथ, भारत के किसानों के बीच आ रहा है। जहां चैनल की प्रस्तुति एक नए अंदाज में होने जा रही है।

'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' के इस युग में ये देश का पहला सरकारी टीवी चैनल बनने जा रहा है जहां AI एंकर पर सभी की निगाहें रहेंगी। दूरदर्शन किसान दो AI एंकर AI कृष और AI भूमि लान्च करने जा रहा है। ये न्यूज एंकर एक कंप्यूटर हैं, जो हूबहू इंसान की तरह ही हैं और इंसानों की तरह ही काम कर सकते/सकती हैं। ये एंकर बिना रुके या फिर बिना थके 24 घंटे और 365 दिन न्यूज़ पढ़ सकते हैं।

किसान दर्शक इन्हें कश्मीर से तमिलनाडु और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक देश के सभी राज्यों में देख पाएंगे। ये AI एंकर देश विदेश में हो रहे कृषि अनुसंधान, अनाज मंडियों में हो रही उठापटक या फिर मौसम की फेरबदल, हर आवश्यक जानकारी किसानों तक पहुंचाएंगे। इन एंकर की एक खास बात यह भी है कि ये देश-विदेश की पचास भाषाओं में बात कर सकते हैं।

21 मई 2024

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के ग्लोबल सिटीज़ इंडेक्स में दिल्ली रहा 350 वे रैंक पर रहा

 

भारतीय राजधानी दिल्ली को ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के ग्लोबल सिटीज़ इंडेक्स में 350वां  रैंक मिला  है।  रैंकिंग में अर्थशास्त्र से लेकर मानव पूंजी तक के मापदंडों के आधार पर दुनिया के 1000 सबसे बड़े शहरों की तुलना की गई है।

 रैंकिंग में  न्यूयॉर्क पहले स्थान पर रखा गया है, उसके बाद लंदन, सैन जोस, टोक्यो, पेरिस, सिएटल, लॉस एंजिल्स, सैन फ्रांसिस्को, मेलबर्न और ज्यूरिख के नाम हैं।

दुनिया के  1000 सबसे बड़े शहरों की सूची में बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई सहित कई अन्य भारतीय शहरों के नाम भी  हैं। किन्तु भारत का कोई भी शहर शीर्ष 300 की सूची में स्थान नहीं  प्  सका। दिल्ली इस  सूची में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला भारतीय शहर है।

18 मई 2024

फिल्म ' मंथन ' ने फ्रेंच फिल्म फेस्टिवल 2024 में दर्शकों को आकर्षित क्यों किया ?

 

भारतीय निर्देशक श्याम बेनेगल की  ग्रामीण उत्पीड़न पर भारतीय फिल्म ' मंथन ' फ्रांस के अंतराष्ट्रीय कान्स फिल्म फेस्टिवल के कम्पटीशन  में दिखाई गई। 

शीर्षक एक डेयरी सहकारी समिति के निर्माण के आसपास पूरे गांव के संगठन को संदर्भित करता है। इस वर्ष, कान्स क्लासिक्स इस सामाजिक कहानी  को मूल नेगेटिव कॉपी  पर आधारित एक नई, पुनर्स्थापित प्रति में फिर से देखने  का मौका दे रहा है, जिसे इसके मुख्य कलाकारों में से एक, नसीरुद्दीन शाह की उपस्थिति में प्रदर्शित किया गया है।

500,000 किसानों द्वारा निर्मित, जिन्होंने फिल्म के निर्माण में प्रत्येक को 2 रुपये का योगदान दिया, "मंथन" एक गांव में परिवर्तन की तूफानी हवाओं के बारे में एक शक्तिशाली फिल्म है, जब शहर से एक आदर्शवादी पशु चिकित्सक दूध शुरू करने के लिए गांव में आता है। सहकारी आंदोलन. वर्ग और जाति से परे मुनाफ़े के समान वितरण और शोषणकारी बिचौलियों से मुक्ति की उनकी धारणाएँ, सामंती जमींदारों और किसानों के बीच अविश्वास, क्रोध और प्रतिरोध का भंवर पैदा करती हैं, जिससे भेदभाव की पीढ़ियों के आधार पर गहरी जड़ें जमा चुके सामाजिक पदानुक्रम को खतरा होता है। कहानी निराशा की गहराइयों में उतरती है क्योंकि डॉ. राव को झूठे आरोपों और गाँव की राजनीति का सामना करना पड़ता है, लेकिन परिवर्तन की झलक के साथ एक उच्च स्तर पर समाप्त होती है क्योंकि सहकारी का विचार धीरे-धीरे जड़ें जमा लेता है।

क्या आपको पता है,अमरीका के राजमार्गों पर भी पंजाबी ढाबे हैं

 

भारत ही नहीं,  अमेरिका भी हमारी देसी ढाबा संस्कृति का स्वाद चख रहा है क्योंकि कई  अमेरिकी राजमार्गों पर काफी संख्या में पंजाबी ढाबे खुल गए हैं। उसमें से अमर सिंह का  "छोटा पंजाब" या "छोटा भारत" के नाम से जाने वाला देसी ढाबा रूटर्स के बीच बहुत प्रचलित है।  

अमर सिंह का पंजाबी ढाबा अमेरिका के सबसे अधिक यात्रा वाले राजमार्गों पर मौजूद दर्जनों ढाबों में से एक है। कोई विज्ञापन नहीं होने के बावजूद, कोई साइनबोर्ड भी नहीं होने के बावजूद, अमर का ट्रक स्टॉप प्रतिदिन सैकड़ों भूखे ग्राहकों का स्वागत करता है, केवल मौखिक रूप से।                                                                                                 

 पश्चिमी ओकलाहोमा के रूट 66 पर ट्रक स्टॉप 40 और एग्जिट 26 पर स्थित इस ढाबे से सैकड़ों ट्रक ड्राइवरों को सांत्वना मिली है। रेस्तरां के मालिक, अमर सिंह ने  बताया कि उनका ढाबा  देश के ठीक मध्य में स्थित है। यह घर में बने भारतीय व्यंजन जैसे साग, राजमा, राजमा, पराठा और बहुत कुछ परोसने के लिए प्रसिद्ध है।

17 मई 2024

रूस की यात्रा जल्द ही वीज़ा मुक्त होगी भारतीय यात्रिओं के लिए

 

रूस सरकार के प्रवक्ता निकिता कोंद्रतयेव ने कहा कि रूस तथा भारत  के बीच वीजा-मुक्त यात्राओं के  समझौते पर बातचीत  करने के लिए जून में पहला परामर्श आयोजित करने की संभावना है।

 निकिता कोंद्रतयेव ने कहा कि दोनों देश  वीजा-मुक्त समूह पर्यटक आदान-प्रदान शुरू करके अपने पर्यटन संबंधों को बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग और विशेष परियोजना विभाग की निदेशक, निकिता कोंद्रतयेव ने परामर्श इस विषय पर खुलकर बात की और कहा, कि  समूह वीज़ा-मुक्त यात्राओं की प्रक्रिया थोड़ी आगे बढ़ गई है। भारत सरकार इस मुद्दे पर आंतरिक राज्य समन्वय के अंतिम चरण में है। 

14 मई 2024

आगरा में उपलब्ध है मटके का ठंडा ,केवडा की गंध से सुवासित जल

 --श्री नाथजी जलसेवा ने संचालित की हैं 30 मटका प्याऊऐं

 एस एन अस्पताल परिसर में शुरू हुई श्रीनाथजी निशुल्क जल सेवा की  
 मटका प्याऊ,इस बार कुल तीस प्याऊओं को संचालित किया जा रहा है।

आगरा:पानी की भारी किल्लत के दौर में शहरवासियों को ठंडा और केवडे की सुगंध से भरपूर जल उपलब्ध करवाने की शुरूआत हरसाल की तरह इस बार में 9 मई से श्री नाथ जी जल सेवा के द्वारा प्रारंभ कर दी गयी है।जलसेवा की ओर से अस्पताल परिसरों में विशेष प्याऊऐं लगायी गयी हैं,जिनमें पानी को ठंडा करने के लिये चलन में प्रचलित वाटर कूलर या किसी अन्य यांतिक व्यवस्था के स्थान पर परंपरागत मटकों के पानी की व्यवस्था की एस एन अस्पताल तथा मदिया कटरा रोड स्थित मानसिक आरोग्य शाला मुख्य द्वार परिसर के बाहर संचालित प्सऊओं पर जहां मटका जल सेवा सेवा शुरूआत के अवसर पर जल गोष्ठियां भी हुईं और महानगर में पानी को लेकर बढ रही चुनौतियों

12 मई 2024

प्यासी यमुना मैय्या को पानी पिलाया आगरा के लोगों ने

 

आगरा में मदर्स डे पर लोगों ने प्यासी यमुना मैय्या को पानी पिलाया। इसका आयोजन रिवर कनेक्ट संस्था द्वारा किया गया था। पानी के लिये आगरा की निर्भरता मुख्य रूप से यमुना पर ही है। गंगाजल  पाइपलाइन आने से आगरा के लोगों को कुछ राहत मिली थी। परंतु इस भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान में गंगाजल आपूर्ति 45 दिन  तक बाधित रहेगी उधर यमुना की वर्तमान हालात बड़ी सोचनीय है। ऐसे में आगरा की जनता पानी के लिये त्राहि त्राहि कर उठेगी। आगे क्या होगा  पानी की कमी होने पर , यह सोचकर ही मन कांप उठता है।