17 जनवरी 2021

भारत ने DAY1 पर सबसे अधिक व्यक्तियों का टीकाकरण किया

 

भारत ने अपने COVID19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत Day1 पर सबसे ज्यादा व्यक्तियों का टीकाकरण किया है, जो दुनिया का सबसे बड़ा ऐसा अभ्यास है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे कई अन्य देशों की तुलना में बहुत अधिक है।

अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार आज तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को टीका लगाया गया ।बड़े पैमाने पर देशव्यापी COVID-19 टीकाकरण कार्यक्रम का दूसरा दिन भी सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। छह राज्यों में कुल 553 सत्र आयोजित किए गए। Day2 पर 17,072 लाभार्थियों को टीका लगाया गया था।

16 जनवरी 2021

भारत के 18 मिलियन लोग देश के बाहर रहते हैं

 

भारत 2020 में सबसे बड़े प्रवासी देशों के साथ शीर्ष स्थान पर है, जिसमें भारत के 18 मिलियन लोग अपने देश के बाहर रहते हैं। बड़े अंतरराष्ट्रीय समुदाय वाले अन्य देशों में मेक्सिको और रूसी संघ (11 मिलियन प्रत्येक), चीन (10 मिलियन) और सीरिया (8 मिलियन) शामिल हैं । यह संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) द्वारा  इंटरनेशनल माइग्रेशन 2020 हाईलाइट्स ’नामक एक रिपोर्ट में प्रकाशित किया गया था।

दुनिया के प्रमुख क्षेत्रों में, 2020 में अंतर्राष्ट्रीय प्रवासियों की सबसे बड़ी संख्या यूरोप में रहती है, जिसमें कुल 87 मिलियन हैं। उत्तरी अमेरिका ने लगभग 59 मिलियन के साथ प्रवासियों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या की मेजबानी की। उत्तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया कुल मिलाकर लगभग 50 मिलियन थे।


15 जनवरी 2021

विश्व ने कभी भी इस स्तर के टीकाकरण अभियान को नहीं देखा होगा : नरेंद्र मोदी

 


नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए COVID-19 टीकाकरण अभियान के पैन इंडिया रोलआउट की शुरुआत की। यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है जो देश की पूरी लंबाई और चौड़ाई को कवर करता है। लॉन्च के दौरान सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कुल 3006 सत्र स्थल जुड़े हुए थे।

प्रधान मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत वैक्सीनों के विकास से जुड़े वैज्ञानिकों को बधाई देकर की। उन्होंने कहा, आमतौर पर एक टीका तैयार करने में कई साल लग जाते हैं, लेकिन यहां इतने कम समय में एक नहीं बल्कि दो मेड-इन-इंडिया वैक्सीन लॉन्च की जा रही हैं । प्रधानमंत्री ने लोगों को आगाह किया कि वे दो खुराक लेने से चूक न जाएं। उन्होंने कहा कि खुराक के बीच एक महीने का अंतर होगा। उन्होंने लोगों से वैक्सीन लेने के बाद भी अपने गार्ड रखने के लिए कहा क्योंकि दूसरी खुराक लेने के केवल दो हफ्ते बाद, मानव शरीर कोरोना के खिलाफ आवश्यक प्रतिरक्षा विकसित करेगा।

14 जनवरी 2021

दुनिया के सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम शुभारंभ करेंगे प्रधानमंत्री

 

नई दिल्ली - प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी 16 जनवरी, 2021 को सुबह 10:30बजेवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश स्तर पर शुरू हो रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ करेंगे। यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम होगा और देश के सभी हिस्सों में इस अभियान का आयोजन किया जायेगा। लॉन्च के दौरान सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के3000 से अधिक सत्र स्थल वर्चुअल रूप से जुड़े रहेंगे। उद्घाटन के दिन प्रत्येक सत्र स्थल पर लगभग 100 लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा।

यह टीकाकरण कार्यक्रम प्राथमिकता वाले समूहों के सिद्धांत पर आधारित है और इस चरण के दौरान आईसीडीएस श्रमिकों समेत सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जायेगा।

टीकाकरण कार्यक्रम में को-विन का उपयोग किया जायेगा, जो केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक ऑनलाइन डिजिटल

10 जनवरी 2021

प्रवासी भारतीय अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस को नवीनीकृत कर सकेंगे

 

नई दिल्ली - भारत सरकार ने, जिनकी अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (आईडीपी) की अवधि समाप्त हो गई है, जबकि वे विदेश में हैं, आईडीपी जारी करने की सुविधा प्रदान करने लिए एक अधिसूचना जारी की है। 

     ऐसे नागरिकों, जो विदेश में थे और उनकी आईडीपी समाप्त हो गई थी, के लिए इसके नवीकरण का कोई तंत्र नही था। अब, इस संशोधन के साथ, यह प्रस्तावित है कि भारतीय नागरिक विदेशों में भारतीय दूतावासों/मिशनों के माध्यम से नवीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं, जहाँ से ये आवेदन भारत में वाहन पोर्टल पर जाएँगे, जिन पर संबंधित आरटीओ द्वारा विचार किया जाएगा। आईडीपी को संबंधित आरटीओ द्वारा विदेश में नागरिकों के पते पर कुरिअर कर दिया जाएगा।

       यह अधिसूचना भारत में आईडीपी के लिए अनुरोध करने के समय एक चिकित्सा प्रमाण पत्र और वैध वीजा की शर्तों को भी खत्म करती है। विचार यह है कि जिस नागरिक के पास वैध ड्राइविंग

8 जनवरी 2021

प्रवासी भारतीय दिवस,आत्मनिर्भर भारत में योगदान

 

प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन विदेश मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है और यह विदेश में रहने वाले भारतीयों के साथ जुड़ने तथा संबंध स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। हमारे जीवंत प्रवासी समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए 16वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन 9 जनवरी, 2021 को मौजूदा कोविड महामारी के बावजूद किया जा रहा है। हालांकि इस वर्ष सम्मेलन को वर्चुअल फॉर्मेट में आयोजित किया जाएगा, जिस प्रकार से कि हाल ही में पीबीडी कॉन्फ्रेंस के आयोजन सम्मेलन की तैयारियों के चलते किये गये थे। 16वें पीबीडी सम्मेलन 2021 का विषय है- "आत्मनिर्भर भारत में योगदान"।

प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के तीन खंड होंगे। पीबीडी सम्मेलन का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किया जाएगा और मुख्य अतिथि सूरीनाम गणराज्य के माननीय राष्ट्रपति श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी द्वारा इस आयोजन का मुख्य भाषण दिया जाएगा। युवाओं के लिए आयोजित हुई 'भारत को जानो' ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी के विजेताओं की भी घोषणा की जाएगी।

6 जनवरी 2021

'न डरें , न ही डरायें ' भय से नष्‍ट होती है होती है 'इम्युनिटी '

--  डॉ सुनीता गर्ग  योग आसनों की उपयोगिता पर डाला प्रकाश

आगरा:'न डरें न ही डरायें ' यह सूझाव है  प्राकृतिक चिकत्सा विशेषज्ञ डॉ सुनीता गर्ग  का। उनका कहना है कि  भय से प्रतिरोधक शक्ति (इम्युनिटी) पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है।यह परामर्ष उन्‍होंने उस दौर में दिया है, जबकि   शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढाने की दबाओं और खानपानकी आदतों को उपयुक्‍त बनाये जाने के सुझाव ही ज्‍यादातर दिये जा रहे हैं।  जनजीवन पर तमाम तरह के मनोवैज्ञानिक दबाब हैं, जबकि बैहतरनीतम उपचार भी तभी कामयाब हो पाता है जबकि  मनोभाव सही हों।

डा सुनीता भार्गव जो कि गतदिवस एक वेबिनार में योग, एक्यूपंक्चर एवं प्राकृतिक चिकत्सा में बोल रही क्थीं  ने योगासनों के बारे में बताते हुए कहा कि  हमारे शरीर को अदम्य रोगनिरोधक शक्ति को सम्पूर्ण रूप से कार्यरत करने के लिए योग की सशक्त भूमिका

4 जनवरी 2021

यथार्त के पथ पर सौहाद्रता की मशाल लेकर ताजिंदगी खूब दौडे 'कृष्‍ण चन्‍द्र सहाय'


-- साइकिल,खादी का कुर्ता और सफेद धोती पहचान थी इस कर्मठ गांधीवादी की

आगरा । स्‍व कृष्‍ण चन्‍द्र सहाय को गुजरे एक साल हो गया। आगरा कोकर्मभूमि मानकर सक्रिय गांधीवादी कार्यकर्त्‍ता के रूप में खूब सक्रिय रहे। सही मायने में पिछले सदी के सातवें दशक के बाद के आगरा में मौजूद रहे प्रमुख गांधी वादी थे। हिंसा,गरीबी और शोषण संबधी सभी समस्‍याओं का हल अपनी अभिनभ क्षमता से गांधी दर्शन में ढूढने का प्रयास करते थे।गांधी शंतिप्रतिष्‍ठान के पूर्णकालीन कार्यकर्त्‍ता के रूप में उनका आगरा के जनजीवन में प्रवेश हुआ था और शारीरिक रूप से सक्षम बने रहने तक लगभग 50 साल तक अनवरत उनकी उपस्‍थिति का अहसास सबको होता रहा । 

सार्वजनिक जीवन की शुरूआत

स्‍व.सहाय के सार्वजनिजक जीवन की शुरूआत एक समाजवादी