8 फ़रवरी 2024

भारतीय टूरिस्टों को अब वीजा की आवश्यकता नहीं होगी ईरान में टूरिज्म के लिए

 

थाईलैंड, श्रीलंका और जमैका तथा मॉरीशस जैसे देशों के नक्शेकदम पर  ईरान ने भी भारत के नागरिकों को वीजा मुक्त प्रवेश देने की घोषणा की। इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान तथा पर्यटन को बढ़ावा देना है। ईरान ने यह छूट संयुक्त अरब अमीरात, रूस, सऊदी अरब, मलेशिया, ब्राजील, मैक्सिको, जापान, सिंगापुर और इंडोनेशिया सहित 33 देशों के नागरिकों के लिए बढ़ा दी है । ईरानी अधिकारियों ने दिसंबर 2023 में इस उपाय को मंजूरी दे दी। ईरान की नवीनतम नीति अनुसार  साधारण पासपोर्ट रखने वाले भारतीय यात्री हर छह महीने में एक बार ईरान की यात्रा कर सकते हैं, प्रति यात्रा अधिकतम 15 दिन रुक सकते हैं। हवाई जहाज़ के अलावा अन्य माध्यमों से ईरान की यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटकों को वीज़ा की आवश्यकता हो सकती है।

4 फ़रवरी 2024

छांव फाऊंडेशन ने अनिल शर्मा को बनाया एडवाईजरी बोर्ड सदस्य

   --महिलाओं की सुरक्षा और आत्म निर्भर बनाये जाने के लिये किये जायेंगे कार्य

'छांव ' के अधिशासी निदेशक अखिलेश शुक्ला
श्री अनिल शर्मा को नामित किया  एडवाइजर।

तेजाब फेंकने की घटनाओं से पीडित महिलाओं के संघर्ष और मौजूदा सामाजिक माहौल में पुर्नस्थापना के लिये सत्त प्रयासरत रहने वाले सामाजिक संगठन छांव फाउंडेशन ( The Chhanv Foundation) ने सामजसेवी अनिल शर्मा को संस्था के एडवाईजरी बोर्ड का सदस्य नामित किया है। फाऊंडेशन की ओर एडवाइजर बोर्ड में शामिल किय जाने की जानकारी देते हुए बोर्ड के अधिशासी निदेशक ( Executive Director ) श्री अखिलेश शुक्ला ने कहा है कि श्री शर्मा एसिड फेकेजाने से पीडित महिलाओं की समस्याओं के प्रति जानकारी रखने और उनके हितों के लिये स्वैच्छिक योगदान को तत्पर रहते हैं। छांव फाऊंडेशन की नई नीति के तहत सेवा एवं संपर्क क्षेत्र को व्यापक एवं प्रभावी बनाये जाने के लिये एडवाइजरी बोर्ड का गठन होना है,श्री शर्मा इसके पहले सदस्य हैं।
श्री शुक्ला ने कहा है कि आने वाले समय में एडवाईजरी बोर्ड की फाऊंडेश के लक्ष्यों को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी,बोर्ड फाऊंडेशन के लक्ष्यों और कार्यनीतियों को प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन के लिये सहयोग और सुझाव देगा।जो भी कार्यक्रम हैं,उन्हें दीर्घकाल तक जारी रखने के लिये कार्यनीति बनाये जाने में योगदान देगा।

उल्लेखनीय है कि श्री अनिल शर्मा ने देश के

3 फ़रवरी 2024

ईस्ट इंडिया कम्पनी द्वारा बनाया गया था बरहन जंक्शन का पुराना कुआँ 1948 में

 

ताज शहर आगरा से केवल 40 किमी दूर स्थित, बरहन जंक्शन सबसे पुराने स्टेशनों में से एक है। स्टेशन के करीब  कुछ दूरी पर एक प्राचीन  मीनार जैसी आकर्षक संरचना है । ओवर-ब्रिज पर चढ़ कर इसका सही अवलोकन किया जा सकता है ।  यह 1948 में ईस्ट इंडिया रेलवे द्वारा बनाया गया एक पुराना कुआँ था, जिसके पानी का उपयोग पुराने समय में भाप इंजन और बाद में स्टेशन परिसर के लिए किया जाता था। लगभग दो दशक पहले 1980  में यह सूख गया था और उपयोग से बाहर हो गया था, और बाद में इसे राष्ट्रीय हित का संरक्षित अवशेष घोषित कर दिया गया था। इस स्टेशन के पास के एक सुन्दर मंदिर में लोग सुबह-सुबह प्रार्थना के लिए अवश्य आते हैं ।

29 जनवरी 2024

बेकार रेल के डिब्बों को रेस्टॉरेंट के रूप में मिल रहा है नया नबावी जीवन

 

बेकार स्टेशन यार्डों पर पड़े रेल के डिब्बों को भारत के बहुत से रेलवे स्टेशनों पर रेल  कोच रेस्तरां बनाने का सिलसिला पूरे देश में तेजी से जारी है। लखनऊ के  रेल कोच रेस्तरां में भी आप नबाव बनकर  खाने का आनंद ले सकते हैं। लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर में  'कोच में रेस्तरां' बहुत लोकप्रिय हो गया है । नबाव स्टाइल में बना यह रेल कोच रेस्तरां एक समय में लगभग 80 लोगों को समायोजित कर सकता है और चौबीसों घंटे चालू रहता है। इस  रेस्तरां का बाहरी हिस्सा खास रूप से स्टाइलिश है। रेस्तरां के अंदर, बैठने की जगह को आरामदायक सीटों और मेज़ो के साथ बनाया गया है।इस वातानुकूलित कोच में आपके लिए सभी सुविधाएं हैं जैसे  शौचालय, ग्राहकों के लिए मानार्थ वाई-फाई और शहर के किसी भी अन्य रेस्तरां से अलग दृश्य! कोच में डिस्प्ले पैनल हैं जो विभिन्न भारतीय गंतव्यों का आभासी दौरा प्रदान करते हैं, साथ ही अवध के सांस्कृतिक सार को प्रदर्शित करने वाले फोटो फ्रेम भी हैं।

21 जनवरी 2024

वैश्विक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरने के द्वार पर तैयार है अयोध्या

 

अयोध्या वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक अत्यधिक विकसित और प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरने के द्वार पर है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, अयोध्या में पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई।  2021 में मामूली सवा तीन लाख से बढ़कर 2022 में आश्चर्यजनक रूप से 2.39 करोड़ हो गई।अब यह और बढ़कर 31.5 करोड़ हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी ने कहा कि अयोध्या की बढ़ती प्रसिद्धि केवल इसके आध्यात्मिक और भावनात्मक महत्व तक ही सीमित नहीं है , यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। वैश्विक कनेक्टिविटी की सुविधा के लिए शहर को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिया गया है। भारत  की व्यावसायिक संस्थाएं भी अयोध्या की पहचान को देश भर के उपभोक्ताओं के साथ जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।


19 जनवरी 2024

ब्रास टाउन जलेसर ने भी राम मंदिर के इतिहास में जोड़ा अपना नाम

 

आगरा - जलेसर को देश का "ब्रास टाउन" के नाम से भी जाना जाता है। यह उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित है। यह जगह  घुंघरुओं तथा घण्टे उत्पादन का मुख्य केंद्र है । आठ धातुओं के संयोजन 'अष्टधातु' से निर्मित, इस असाधारण रचना 2,400 किलोग्राम वजनी एक विशाल घंटा  अयोध्या में राम मंदिर  के लिए यहाँ से भेजा गया  है। ₹25 लाख की कीमत वाली यह घंटी मंगलवार को अयोध्या की यात्रा पर निकली, जिसे एटा जिले के विभिन्न उपखंडों से गुजरने के बाद ट्रेन के माध्यम से बहुत सावधानी से ले जाया गया। यहाँ के  30 कुशल श्रमिकों की एक टीम ने इस असाधारण घंटी को जीवंत बनाने के लिए सहयोग किया।  सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, टिन, लोहा और पारे से बना  यह घंटा यहाँ के  कारीगरों के  जटिल शिल्प कौशल और समर्पण का प्रमाण है। यह देश की सबसे बड़े घण्टों  में से एक है, जिसकी ऊंचाई छह फीट और चौड़ाई पांच फीट है।

14 जनवरी 2024

प्रभा अत्रे कहती थीं, मैं शास्त्रीय संगीत को आम जनता तक ले जाना चाहती हूँ

 

प्रभा अत्रे को भारतीय शास्त्रीय गायन संगीत को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में उनके योगदान के लिए भी जाना जाता है।  'जागूं मैं सारी रैना (राग मारू बिहाग), 'तन मन धन' (राग कलावती), 'नंद नंदन' (राग किरवानी) जैसे उनके गाने  संगीत प्रेमियों को सदैव मंत्रमुग्ध करते रहेंगे।वह अपनी आखिरी सांस तक गाना चाहती थीं और उन्होंने  गाया भी । वह कहती थीं , "एक साधक के रूप में, मैं कभी संतुष्ट नहीं हो सकती क्योंकि सीखने का कोई अंत नहीं है।" मैं अपनी आखिरी सांस तक गाना चाहता हूं और संगीत के अन्य पहलुओं पर भी काम करना चाहती  हूं।' मैं शास्त्रीय संगीत को आम जनता तक ले जाना चाहती हूं ताकि वे इसे आसानी से सीख सकें क्योंकि यदि  ऐसा नहीं हुआ तो शास्त्रीय संगीत नहीं बचेगा।ख्याल, ठुमरी, दादरा, ग़ज़ल, गीत, नाट्यसंगीत आदि जैसी विभिन्न संगीत शैलियों में भी उन्हें महारत हासिल थी।

ताज प्रेस क्लब में धूम धाम से मनाया गया मकर संक्रांति पर्व

 --पत्रकारों के हित में लिये गये कई महत्वपूर्ण संकल्प

आगरा: ताज प्रेस क्लब आगरा में मकर संक्रांति उत्सव धूमधाम से मनाया गया। शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित हुईं। इस सुअवसर पर अतिथियों और वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान और कलाकारों को पुरस्कृत किया गया। सभी ने स्वादिष्ट खिचड़ी,मंगौड़ा और पकौड़ों को आनंद लिया।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज मिश्र के कुशल संचालन में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ अपर नगर आयुक्त डॉ.अश्वनी कुमार और ताज प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. अश्वनी कुमार ने सभी को मकर संक्रांति की बधाई दी। उन्होंने ताज प्रेस क्लब का आद्योपांत

नागरी प्रचारिणी सभागार में कलम के योद्धा पं रमाशंकर शर्मा को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

 –पंडितजी के  कृतित्व , व्यक्तित्व और स्मृतियों को किया आपस में साझा

नागरी प्रचारिणी सभा लाइब्रेरी में पत्रकारों ने सभा कर
 स्व. पं रमाशंकर शर्मा दी श्रद्धांजलि। फोटो:असलम सलीमी
आगरा: जब देश में आपातकाल लागू हुआ तो उसका कई राजनेताओं और पत्रकारों ने प्रतिकार किया था। इन्हीं में शामिल थे पं.रमाशंकर शर्मा। उन्होंने शासन के द्वारा दी गये मान्यता कार्ड को लौटा कर कलम की निष्पक्षता से कभी समझौता नहीं किया। जब भी निष्पक्ष पत्रिकारिता और पत्रकार का जिक्र आता है अनायास ही पंडितजी याद आ जाते हैं। ये विचार ताज प्रेस क्लब के संस्थापक अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना ने  रविवार को प्रचारिणी सभागार में दैनिक सैनिक समाचार पत्र के पूर्व सम्पादक एवं अमर उजाला समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार स्व. रमाशंकर शर्मा जी की स्मृति में आयोजित शोक सभा में व्यक्त किए। 

नागरी प्रचारिणी सभागार में रेडियो पत्रकारिता के स्तंभ प. रमाशंकर शर्मा की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प. रमाशंकर शर्मा जी के साथ लंबे समय तक पत्रकारिता जगत से

राम जन्म भूमि आंदोलन की यादों से भरपूर रहा 'आगरा रत्न एवार्ड 'आयोजन

--गौवंश की सेवा प्रकृति संरक्षण के लिये सबसे अहम :महंत योगेश पुरी

आगरा:गौवंश की सुरक्षा एक अहम चुनौती है,इसके लिये जागरूकता और एकजुटता सामायिक जरूरत है,यह कहना है प्राचीन मन्कामश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी का जो कि  सामाजिक संस्था चिराग यूथ फाउंडेशन समिति द्वारा  अवधपुरी स्थित मिल्टन पब्लिक स्कूल ऑडिटोरियम में
मन्कामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी ने फोटो जर्नलिस्ट असलम
सलीमी को उनकी पेशागत दक्षता के लिये किया सम्मानित।

"आगरा रत्न अवार्ड्स 2023" के कार्यक्रम को मुख्यतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे1 महंत पुरी ने कहा कि गौ वंश की महत्ता को समझना होगा।खेती,दूध और पर्यावरण आदि सभी को दृष्टिगत यह उपयोगी है।उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो कम से कम एक गाय जरूर घर मं रखें और अगर यह नहीं करपाते हैं तो किसी गौशाला से जुडे ।वहां सप्ताह में दिया गया एक दिन भी आपको गाौसेवा की अनुभूति करवा देगा।

महंत पुरी ने राम जन्म भूमि आंदालन में रही आगरा की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि अब बनने जा रहे मन्दिर की असली आधार शिला तो ‘राम जन्म भूमि आंदोलन ‘ ही था।धर्म और जाति से परे उठकर लोगों ने सनातन संस्कृति के इस प्रतीक के लिये अपना योगदान दिया था। शहर के प्रख्यात फोटो ग्राफर असलम सलीमी के द्वारा

11 जनवरी 2024

सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में नगाड़ा डांस विदेशी पर्यटकों का खास आकर्षण

 

प्रत्येक फरवरी के पहले पखवाड़े के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद के सूरजकुंड में रंगों की बौछार, ढोल की थाप और खुशी का संगम होता है। भारतीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव, प्रशंसित वार्षिक सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला 1 फरवरी से शुरू होगा । अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक कैलेंडर में गौरव का स्थान रखते हुए, एक पखवाड़े के दौरान हजारों विदेशी पर्यटकों सहित दस लाख से अधिक पर्यटक मेले में आते हैं। सूरजकुंड मेला अद्वितीय है क्योंकि यह भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक ताने-बाने की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करता है, और दुनिया का सबसे बड़ा शिल्प मेला है।

बड़ी संख्या में प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकार और सांस्कृतिक समूह मेला परिसर में स्थित दोनों चौपालों, ओपन-एयर थिएटरों में प्रदर्शन करते हैं। मेले की प्रत्येक शाम के दौरान मुख्य चौपाल पर मनमोहक सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। मेला वास्तव में विरासत शिल्प का संरक्षक है जिसमें पारंपरिक कौशल का उपयोग शामिल है जो सस्ती मशीन निर्मित नकल के कारण लुप्त हो रहे हैं।

बहु-व्यंजन फूड कोर्ट दुनिया भर से जातीय व्यंजन उपलब्ध कराता है, जो आगंतुकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। यह मेला ग्रामीण भारत के लोकाचार का प्रतिनिधित्व करने के लिए बनाए गए माहौल में भारतीय परंपराओं और संस्कृति की अनूठी विविधता का जश्न मनाता है। सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला भारत के कुछ सबसे उत्कृष्ट हथकरघा और हस्तशिल्प का प्रदर्शन करता है। जातीय रंगों से सराबोर हस्तनिर्मित कपड़े आगंतुकों के लिए आकर्षक प्रदर्शन करते  हैं।

5 जनवरी 2024

आगरा के महत्वाकांक्षी स्टार्टअप उद्यमी दुनिया भर में सेवाएँ दे रहे हैं

 

ताज सिटी आगरा भी स्टार्ट-अप उद्यमियों का केंद्र बनता जा रहा है। दुनिया  भर के पर्यटक खूबसूरत ताज महल देखने यहाँ आते  हैं जबकि यहाँ  के लोग  नौकरी या रोज़गार की तलाश में अपने शहर को छोड़ दूसरे शहरों में चले जाते हैं। किन्तु अब यहाँ  ऐसे स्टार्ट-अप स्थापित हुए हैं जिन्हें स्टार्टअप उद्यमियों का  एक खुला समूह कहा जाता है और यह सबसे नवीन और महत्वाकांक्षी प्रकार के उद्यमी हैं। उदाहरण के तौर पर हिटच टेक्नोलॉजीज एक पूर्ण आईटी समाधान कंपनी है जो कस्टम ऑफशोर सॉफ्टवेयर, वेबसाइट डिजाइन, मोबाइल ऐप और वेब एप्लिकेशन विकास सेवाएं प्रदान करती है। इसके आलावा  टॉपर सॉल्यूशन, टॉपर सॉल्यूशन, फ्यूचरहेड्स टेक्नोलॉजीज, मायडिजिटल क्राउन, ई10 इन्फोटेक, विली टेक्नोलॉजी, मॉकट्यूटर आदि जैसे आगरा के कई स्टार्टअप दुनिया भर में सेवाएं दे रहे हैं। इन सभी का लक्ष्य शहर में ही काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की आय में वृद्धि करना और शहर के मूल निवासियों की सुरक्षा में सुधार करना है।