आगरा, जो ताजमहल के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, अब केवल एक ऐतिहासिक और पर्यटन शहर नहीं बल्कि भविष्य का स्मार्ट शहर बनने की राह पर है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह शहर सच में स्मार्ट सिटी बनकर आदर्श बन पाएगा ? स्मार्ट सिटी का मतलब सिर्फ तकनीक नहीं है। यह शहर को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और रहने योग्य बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। आगरा के लिए यह कदम बहुत मायने रखता है, क्योंकि लाखों पर्यटक हर साल यहाँ आते हैं और शहर की रोजमर्रा की समस्याएँ भी अब चुनौती बन चुकी हैं।
स्मार्ट आगरा से यातायात की समस्या कम हो सकती है, स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स और डिजिटल सिग्नल के माध्यम से जाम में राहत मिलेगी और नागरिक और पर्यटक आसानी से शहर में घूम सकेंगे। इसके साथ ही, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाना और सार्वजनिक जगहों की साफ-सफाई शहर को और रहने योग्य बनाएगी। डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस के माध्यम से नागरिकों को हेल्थकेयर, शिक्षा और सरकारी सेवाओं में आसानी मिलेगी। साथ ही, बेहतर पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर
आगरा आने वाले पर्यटकों को सुविधा देगा और स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा देगा।हालांकि, सिर्फ तकनीक और इन्फ्रास्ट्रक्चर ही पर्याप्त नहीं हैं। स्मार्ट सिटी का असली मतलब तभी पूरा होगा जब नागरिक भी इसके निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लें। हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, जैसे – साफ-सफाई बनाए रखना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना और पर्यावरण का ध्यान रखना। अगर हम नागरिकों की भागीदारी और सरकारी प्रयासों को मिलाकर देखें, तो आगरा सच में स्मार्ट सिटी बनकर आदर्श शहर बन सकता है। यह न केवल पर्यटकों के लिए बल्कि अपने नागरिकों के लिए भी जीवन को आसान, सुरक्षित और खुशनुमा बना देगा।