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12 मार्च 2017

अखिलेश के खिलाफ चाचा शिवपाल का गुस्सा और बढ़ा

शिवपाल सिंह ने अखिलेश को ठहराया हार का जिम्मेदार। सपा नेता   शिवपाल सिंह यादव ने सपा की करारी  हार पर कहा कि प्रदेश की जनता ने  उन लोगों को सबक  सिख  दिया है, जिन्होंने घमंड में आकर नेताजी को हटाया और  मेरा अपमान किया। अखिलेश यादव ने  अपने पिता और चाचा  को हटाकर  पार्टी पर जबरन  खुद कब्जा कर लिया । मुलायम सिंह के विरोध के बावजूद  मुख्य मंत्री अखिलेश यादव  ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के इरादे से कांग्रेस  के साथ गठबधन किया और  कांग्रेस को 105 सीटें दी गईं। दूसरे लोगों का मानना है कि अखिलेश अपने किये कामों  पर जनता से वोट मांग रहे थे लेकिन लगता है कि वह  जनता को संतुष्ट नहीं कर सके । विकास और कर्रेप्शन जैसे मामलों पर वह लोगों का दिल जीतने में असफल रहे। विकास और ब्लैक मनी कण्ट्रोल जैसे मुद्दों  पर में नरेन्द्र  मोदी उन पर बहुत  भारी पड़े । समाजवादी पार्टी का आंतरिक  झगडा भी उसको ले डूबा। समाजवादी पार्टी में खासतौर से आंतरिक झगडे भविष्य में भी समाप्त होते नहीं नज़र आते हैं। 

24 फ़रवरी 2017

जाएं तो जाएं कहाँ अमर सिंह

सपा से निष्कासित और मुलायम सिंह के करीब रहे  राज्य सभा सदस्य अमर सिंह अब किसी दूसरी पार्टी में जाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा यदि मुझे कोई अच्छा मौका मिलता है तो मैं निशित रूप से दूसरी पार्टी में शामिल हो सकता हूँ। उन्होंने कहा कि वह राज्य सभा के सदस्य बने रहेंगे। वर्तमान में  राज्यसभा सचिवालय ने अमर सिंह को समाजवादी पार्टी  से निष्कासित होने के बाद असंबद्ध सदस्य घोषित कर रखा है। पूछे जाने पर कि क्या  वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं, उत्तर में सिंह ने कहा  कि मेरे दिल  में गांधी परिवार के लिए कोई कडवाहट नहीं है लेकिन मैं जेल में जिस अत्याचार से गुजरा था , वह मैं कैसे  भूल सकता हूं। उन्होंने कहा अखिलेश और मुलायम ने जो नाटक किया वह पहले से वे तय कर चुके थे। 

5 नवंबर 2016

मुलायम के महागठबंधन के स्वप्न की शुरुआत

 (बैठे हैं पास पर दिलों में दूरियां )
मुलायम सिंह  जो अपनी समाजवादी  पार्टी का आंतरिक गठबंधन  नहीं कर पा रहे हैं  ने  अपने तितर बितर हुए पुराने  साथियों और अपनी   बिछड़ी  पार्टियों के महागठबंधन बनाने  का स्वप्न देखना आरम्भ कर दिया है। मुलायम सिंह द्वरा सपा  रजत जयंती समारोह  के जलसे के बहाने  अपने पुराने साथियों के साथ हाथ में हाथ थामना महागठबंधन बनाने की दिशा में पहली  शुरुआत लगती है। 
राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने  सपा के रजत जयंती समारोह में भाग लेकर  मुलायम सिंह के साथ भारी प्रेम दिखाया। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार  इसमें भाग लेने नहीं आये। नितीश के ना आने का वास्तविक कारण क्या था कहना कठिन है। नितीश ने बस यह कह दिया छठ पूजा की तैयरियों में व्यस्त होने  के कारण मैं वहां नहीं जा पाउंगा। पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल एस के नेता एचडी देवगौड़ा,जदयू के सीनियर नेता शरद यादव,आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद,रालोद प्रमुख अजित सिंह,इनेलोद नेता

3 नवंबर 2016

कांग्रेस सपा गठबंधन के सम्बन्ध में राज बब्बर रहे चुप

कांग्रेस और सपा उत्तर प्रदेश में  महागठबंधन बनाने का सपना देख रहे हैं। कांग्रेस द्वारा अखिलेश  सरकार के खिलाफ बयान भी करीब करीब गयाब से हो गए हैं। मीडिया में इसकी चर्चा प्रीतिदिन हो रही है।सपा मुखिया मुलायम सिंंह ने तो अपना मन महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने के बना लिया सा लगता है। उधर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने कांग्रेस सपा चुनाव  गठबंधन के  बारे में अभी कुछ बोलने से मना कर दिया। कांग्रेस  चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर मुलायम सिंंह से मिल चुके है। किन्तु उनकी क्या बातें हुईं इस पर राज बब्बर ने बोलने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी

27 अगस्त 2016

अंत में अमर सिंह ने अपनी मनवा ही ली, जयाप्रदा को पद दिलवा के ही माने

अमर सिंह और जयाप्रदा
आखिर  में अमर सिंह के दबाब और नाराज़गी से उत्तर प्रदेश सरकार ने जयाप्रदा को फिल्म विकास परिषद का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बना दिया है।राज्यसभा की सदस्यता मिलते ही अमर सिंह ने  जयाप्रदा के पद की बात उठाई थी। मुलायम सिंह से मिलने का समय भी उन्हें दिया गया था। बताया जाता है अमर सिंह की नाराज़गी इतनी बढ़ गई थी कि वह राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा तक देने की स्थिति में पहुँच गए थे। मुलायम सिंह अमर सिंह को काफी करीब से जानते हैं,अतह उनकी नाराज़गी को शांत करने के लिए जयाप्रदा को पद दे दिया। बताया जाता है कि समाजवादी पार्टी में आंतरिक कलह पूरी तरह से ख़तम नहीं हुई है। इस वजह से अखिलेश यादव अमर सिंह वाली नई परेशानी नहीं खड़ी करना  चाहते थे। 

7 अगस्त 2016

समाजवादी पार्टी से बाहर करने के सिलसिले में इस बार विधायक आबिद रजा का नाम

लखनऊ। विधायकों को समाजवादी पार्टी से बाहर करने के सिलसिले  में अखिलेश ने इस बार विधायक आबिद रजा को पार्टी और विधानमंडल से पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित करने के घोषणा की है। इससे पूर्व भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित , मुकेश शर्मा, नवाजिश आलम पार्टी से निलंबित किये गए थे। इन सभी विधयकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप है। 

18 अप्रैल 2016

सपा की घोषित प्रत्‍याशी हेमलता भाजपा में शामिल

--आगरा देहात की सीट के दावेदारों में पार्टी के फैसले से भारी निराशा                                                          आगरा:भारतीय जनता पार्टी  ने सपा के द्वारा शुरू करवाये गये दल बदल के खेल में जबावी
   कार्रवाही करते हुए सपा की आगरा देहात से घोषित प्रत्‍याशी हेमलता दिवाकर को पार्टी में शामिल कर लिया है।इसी के साथ यह भी स्‍पष्‍ट हो गया है कि आगामी विधान सभा का चुनाव यथावत लडेंगी। प्रकटतौर पर तो यह  उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या का प्रतापी कारनामा माना जा रहा है किन्‍तु इस दलबदल के साथ ही आगरा देहात सीट के लिये दावेदारी कर रहे नेताओं में आंतरिक तौर पर भारी आक्रोष की स्‍थिति भी बन गयी है।
                                 
एक पूर्व विधायक ने आगरा समाचार को नाम उल्‍लेख न करने की शर्त के साथ बताया कि पार्टी के कुछ वरिष्‍ठों ने उन्‍हें इस बार इस सीट से प्रत्‍याशी बनाये..