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2 जून 2018

ताजमहल के भीतर और आसपास प्रदूषण पर आगरा में वर्कशॉप

 राज्य मंत्री डॉ महेश शर्मा 
आगरा - ताजमहल के भीतर और  आसपास  प्रदूषण के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सांस्क्रतिक  राज्य मंत्री डॉ महेश शर्मा ने 3 जून को  एक  कार्यशाला आयोजित की है। जिसमें इस   समस्या से निपटने और ताज की रक्षा के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों को आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा । पर्यावरण प्रदूषण से - पर्यावरण अनुकूल परिवहन विकल्पों को अपनाने के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए, डॉ महेश शर्मा इस कार्यक्रम के लिए ट्रेन से यात्रा करेंगे।
इस बैठक में राज्य सरकार, सांसदों और आगरा के विधायकों  के साथ-साथ संस्कृति मंत्रालय, एमओ पर्यावरण, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सभी संबंधित लोग भाग लेंगे । भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और स्थानीय प्रशासन।
ताजमहल घोषणा के बाद बैठक के बाद वह पैदल चलकर ' वाक अराउंड ताज ' और साथ ही यमुना नदी को साफ करने में भाग लेंगे । इस अवसर पर किए गए निर्णयों और कार्य योजना को उजागर करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई है ।

12 जून 2016

ताजमहल का फीका पड़ता रंग, प्रतिबंध के बावजूद खुले में जल रहा है कूड़ा

आगरा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रदूषण से ताजमहल के रंग फीका पड़ता जाने  के कारण शहर में ठोस कूड़ा जलाने पर  प्रतिबन्ध लागू कर  दिया था । किन्तु आगरा नगर निगम इस प्रतिबन्ध पर पूरी तरह गौर नहीं कर रहा है।प्रतिबंध लगे होने के बावजूद  कचरे के ढेर अभी भी शहर भर में नगर निगम के कलेक्शन पॉइंट्स  पर प्रीतिदिन  जलाना जारी  है। दूसरी तरफ नगर निगम का कहना है कि  कि  शहर में  इस प्रथा को रोकने के लिए  संबंधित क्षेत्र के पर्यवेक्षकों का कठोर  निर्देश दिए जा चुके हैं । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उत्तर प्रदेश सरकार और आगरा के कई सरकारी विभागों को नोटिस जारी कर निधारित समय में उत्तर माँगा है। 

30 मई 2016

आगरा की यमुना में पानी नहीं, रेत स्नान कर पानी छोड़े जाने की माँग

ताज महल बचाने के लिए प्रदूषण खत्म किया जाए, नदी में अबिलंब जल प्रवाहित किया जाए

( रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों का रेत स्नान )
आगरा। एतमौद्दौला व्यू पॉइंट पार्क पर रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों ने रेत स्नान कर यमुना नदी की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित किया और माँग की की गंगा दशहरा से पूर्ब् नदी में जल प्रविहित किया जाए। प्रदूषण की वजह से ताज माहल और एतमौद्दौल्ला को कीड़े नुकसान पहुँचा रहे है लेकिन सरकार को कतई चिंता नहीं है।रिवर कनेक्ट अभियान के ब्रज खंडेलवाल ने कहा की यमुना में अगर जल साँचे की व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शहरवसिओं को  रेत स्नान करके काम चलाना होगा।सरकार को न तो इंसानों की नही विरासत की चिंता है। रेत स्नान के माध्यम  से संबंधित एजेन्सीस और कोर्ट्स को हम बताना चाहते हैं की आगरा में यमुना नदी मर चुकी है सिर्फ़ सीवर और उद्योगों  का अवशेष..

6 मई 2016

यमुना में प्रदूषण से पनपे कीड़े ताज की पच्चीकारी को कर रहे हैं नष्ट

एंटोमोलॉजी विभाग, सेंटजोंस कॉलेज आगरा के प्रमुख  डॉ. गिरीश माहेश्वरी का कहना हैं यमुना नदी में बढ़ते  प्रदूषण के कारण गोल्डीकाइरोनोमस प्रजाति के कीड़ों की संख्या  तेज़ी से बढ़ती जा रही है। ये कीड़े उड़कर ताजमहल पर पहुँच कर इसके  इन ले वर्क को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। 
इस कीड़े ने कई देशों के पर्यटक स्थलों को नुकसान पहुँचाया हैं। डॉ माहेश्वरी का कहना हैं कि इस  कीड़े पर तत्काल काबू करना जरुरी हैं नहीं तो ताज को भारी नुकसान हो सकता हैं। 

10 मार्च 2016

राजधानी में प्रदूषण पर काबू करने का एक और कदम ई-बस

दिल्ली की सरकार राजधानी में प्रदूषण पर काबू करने के लिए हर प्रकार के प्रयास कर रही है। पर्यावरण का ध्यान रखते हुए दिल्ली परिवहन निगम ने बिजली से चलने वाली पूर्ण वातानुकुलित बस शुरू की है। दिल्ली के  परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा  यह बस शहर में प्रदूषण स्तर को कम करने का ध्यान करते हुए चलाई गई है। यह बिजली से चलने वाली बस आरम्भ में  छह महीने के लिए पायलट आधार पर केन्द्रीय टर्मिनल से दिल्ली सचिवालय के बीच दौड़ेगी। 31 लोगों के बैठने की क्षमता वाली यह प्रदूषण रहित बस २२ बार आना जाना करेगी। 

5 फ़रवरी 2016

यमुना में प्राकृतिक रूप से प्रदूषण रोकने की योज़ना

 वर्षा जल को रोक  ग्रीन फिल्टर से  भूमिगत जल रीचार्ज  किया जायेगा

(  निदेशक सचिन यादव, पत्रकार  राजीव सक्सैना,  उपायुक्त मनरेगा आदि )
आगरा। मौनीटरिंग कमेटी के सदस्य  रमन तथा मुख्य विकास अधिकारी  नागेन्द प्रताप ने  आगरा-मथुरा बाईपास मार्ग पर गैलाना मार्ग स्थित आर्द्ध विकास क्षेत्र का भ्रमण किया गया। इस 25 हैक्टेयर के क्षेत्र में जिसके अन्दर ककरैठा, मऊ,  गैलाना की घनी आबादी तथा विभिन्न कालौनियों के नालों का गन्दा पानी जंगल के अन्दर से होता हुआ  यमुना में जाता था, उस पानी को जंगल में चैक डैम के माध्यम से रोक कर प्राकृतिक रूप से प्रदूषण रोकने का कार्य किया जा रहा है। इसको वन विभाग द्वारा विभिन्न नालों को पक्के चैक डैम से जोड़ा गया है। क्षेत्र में वर्षा जल को रोक कर ग्रीन फिल्टर द्वारा भूमिगत जल रीचार्ज करने का कार्य किया जा रहा है। तालाबों के किनारे ऐसी प्रजातियों के पेड़ों को लगाया जा रहा है जिससे प्रदूषित जल में से आर्सेनिक आदि हानिकारक तत्वों को शोषित कर प्रदूषित जल को हानिकारक तत्वों से मुक्त करता है।इस निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक सचिन यादव, राजीव सक्सैना, यमुना एक्शन प्लान, भूगर्भ जल विभाग, उपायुक्त मनरेगा सहित सभी खण्ड विकास अधिकारी...

18 जनवरी 2016

गंगा नदी में प्रदूषण पर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की लगी फटकार

नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने  कहा केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार  वाराणसी में गंगा नदी में प्रदूषण काबू करने के लिए कहती बहुत है पर उसके परिणाम खास नहीं है। अधिकरण  के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार की अगुवाई वाली एक खंडपीठ ने कहा कि कथनी और करनी में फर्क है।राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लेते हुए अविलम्ब कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 

17 जनवरी 2016

नन्हे मुन्ने रोलर स्केटर्स ने दिया यमुना बचाओ का सन्देश

--यमुना आरती स्थल तक स्केटिंग करके पहुंचे 

आगरा: एतमाउददौला व्यू पॉइंट पार्क पर नन्हे मुन्ने स्‍कैटर्स ने  यमुना आरती स्‍थल पर नदी को
(यमुना को बचाओ )
प्रदूषण रहित और साफ़ रखने का संकल्प लिया.
 बच्चे हाथी घाट से एतमाउददौला व्यू पॉइंट पार्क तक स्केटिंग करके पहुंचे। , उनके साथ यमुना बचाओ के पोस्टर्स थे. रैली को समाज सेवी विनोद बंसल ने हरी झंडी दिखा कर शुरू किया।

  सड़क के दोनों तरफ लोगों ने रुक कर बच्चों को शाबाशी दी और उनके जोश को सराहा...

27 दिसंबर 2015

इंदौर के 15,000 लोगों ने एकसाथ साइकिल चलाकर तोड़ा पिछला विश्व कीर्तिमान

इंदौर साइकिलिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित इंदौर साइक्लोथॉन में 15,000 से ज्यादा लोगों ने साइकिल चलाकर दक्षिण अफ्रीका में बनाए गए वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।  गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्ज में इस कीर्तिमान अंकित किया गया है। इस प्रकार के आयोजन इंदौर और सारे देश में साइकिल चलाने को प्रोहत्सान देगा।  साइकिलिंग एसोसिएशन का कहना है कि व्यस्त मार्गों पर पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों पर सप्ताह में एक दिन के लिए रोक लगा कर  साइकिल के इस्तेमाल को अनुमति देनी चाहिए। साइकिल के इस्तेमाल से प्रदूषण पर कंट्रोल किया जा सकता है। 


12 दिसंबर 2015

गंगा में मलबा और अन्‍य कचरा बहाने पर प्रतिबन्ध, 20,000 तक जुर्माना

गंगा नदी के पास गोमुख से हरिद्वार तक प्‍लास्टिक इस्तेमाल पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया  है। इस रोक के निर्देश  राष्‍ट्रीय हरित न्‍यायाधिकरण द्वारा जारी किये गए हैं। यह रोक एक फरवरी से लागू हो जायेंगे  ।गंगा नदी के किनारे कौडियाला से ऋषिकेश तक के इलाके में कैम्प लगाने पर प्रतिबन्ध लग जायेगा।
सिर्फ  राफटिंग की अनुमति जारी रहेगी ।गंगा नदी और इसकी सहायक नदियों में जल-मल और कचरा डालने वाले होटलों, धर्मशालाओं और आश्रमों पर प्रतिदिन पांच हजार रूपये जुर्माना हो सकता है ।साथ ही यदि  अस्पताल गंगा में प्रदूषण करते पाये जाएंगे तो उनपर 20,000 तक का जुर्माना लगेगा। न्‍यायाधिकारण ने गंगा नदी को प्रदूषण मुक्‍त बनाने के लिए कई निर्देश दिये हैं।गंगा और इसकी सहायक नदियों में मलबा और अन्‍य कचरा बहाने वालों पर कड़ाई से कार्यवाही की जायगी । 

4 दिसंबर 2015

केजरीवाल ने लिया प्रदूषण रोकथाम का फैसला, आधी गाड़ियां चलेंगी दिल्ली में

केजरीवाल सरकार दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए एक नई योज़ना बना रही है। इस योज़ना के अंतर्गत दिल्ली में  में एक दिन सम तो दूसरे दिन विषम नंबर प्लेट की गाड़ियां चलाने का प्रस्ताव है। इसके लागु हो जाने पर सड़क पर गाड़ियों की संख्या अधि रह जाएगी। यह  नई योज़ना 1 जनवरी से लागू करने का  विचार है। 

17 नवंबर 2015

श्मशान घाट के धुंए से ताजमहल को होने वाले नुकसान का सुप्रीम कोर्ट ने उठाया मुद्दा

ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए  इसके  निकट स्थित  श्मशान घाट को स्थानांतरित करने के लिए  आगरा नगर निगम और आगरा विकास प्राधिकरण से सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव माँगा है।  श्मशान घाट के स्थान बदलने का कारण ताज को धुंए के  पोलूशन से सुरक्षित रखना बताया गया है।  विद्युत शवदाह के बारे में  राज्य के एडवोकेट जनरल विजय बहादुर ने कहा कि अभी भी बहुत से  लोग शव जलाना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में  इस पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है । वहीँ दूसरी ओर ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए श्मशान घाट को स्थानांतरित करने की मांग का कुछ संगठनों ने  विरोध भी  शुरू कर दिया  है।