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10 नवंबर 2025

आगरा की सड़कों पर कैमरे की आँख: 1950 का दौर

 

1950 का दशक आगरा के लिए केवल ताज महल या लाल किला ही नहीं, बल्कि शहर की सड़कों पर जिंदगी के छोटे‑छोटे दृश्य भी उतने ही जीवंत थे। उस समय बड़े‑बड़े फॉर्मेट कैमरे, ट्राइपॉड और फिल्म रोल्स वाले फोटोग्राफर शहर के माहौल को अपने लेंस में कैद करने की कोशिश करते थे।

 स्टूडियो से सड़क तक

उस समय आगरा में कुछ प्रसिद्ध फोटोग्राफ़ी स्टूडियो थे, जैसे Priya Lall & Sons Photo Studio, जो 1878 में स्थापित हुआ था। यहाँ मुख्यतः पोर्ट्रेट और परिवारिक फोटो खींचे जाते थे। लेकिन कुछ फोटोग्राफ़र ऐसे भी थे, जिन्होंने अपने बड़े कैमरे लेकर सड़क की जीवंत झलक को कैद करने की ठानी।

इन फोटोग्राफ़रों के लिए चुनौती थी,बड़े कैमरों को ले जाना कठिन था।हर तस्वीर के लिए फिल्म रोल सीमित था। शहर की हलचल और लोग अक्सर कैमरे के प्रति आशंकित रहते थे।

 सड़क‑फोटोग्राफ़ी के दृश्य

1950 के आगरा में आप रिक्शा, बैलगाड़ी, हाथ में सामान लिए दुकानदार, बच्चों का खेल और बाजार की हलचल देखते। बड़े कैमरे के साथ फोटोग्राफ़र इन क्षणों को सावधानी से फ्रेम करते।

एक आम दृश्य: ताज महल की सफेदी के पीछे, सड़क पर बैठे रिक्शा चालक

30 मई 2016

आगरा की यमुना में पानी नहीं, रेत स्नान कर पानी छोड़े जाने की माँग

ताज महल बचाने के लिए प्रदूषण खत्म किया जाए, नदी में अबिलंब जल प्रवाहित किया जाए

( रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों का रेत स्नान )
आगरा। एतमौद्दौला व्यू पॉइंट पार्क पर रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों ने रेत स्नान कर यमुना नदी की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित किया और माँग की की गंगा दशहरा से पूर्ब् नदी में जल प्रविहित किया जाए। प्रदूषण की वजह से ताज माहल और एतमौद्दौल्ला को कीड़े नुकसान पहुँचा रहे है लेकिन सरकार को कतई चिंता नहीं है।रिवर कनेक्ट अभियान के ब्रज खंडेलवाल ने कहा की यमुना में अगर जल साँचे की व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शहरवसिओं को  रेत स्नान करके काम चलाना होगा।सरकार को न तो इंसानों की नही विरासत की चिंता है। रेत स्नान के माध्यम  से संबंधित एजेन्सीस और कोर्ट्स को हम बताना चाहते हैं की आगरा में यमुना नदी मर चुकी है सिर्फ़ सीवर और उद्योगों  का अवशेष..

29 अप्रैल 2016

ताज महल के पास शादियों के लिए किराए पर जगह देने का सरकार का इरादा


ताज महल, अन्य स्मारकों के पास शादियां आयोजित  करने की अनुमति देकर धन अरजन करने के एक संसदीय समिति के  सुझाव पर आगरा पर्यटन निकायों ने तीव्र आलोचना की है। संसदीय समिति ने कहा कि  स्मारकों के  पास  शादियों आदि आयोजित करने के लिए अनुमति देकर पर्यटन को बढ़ावा देने और  राजस्व कमाने  के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

28 अप्रैल 2016

ओबामा की ताज महल देखने की बड़ी इच्छा


20 जनवरी को ओबामा का  अमरीकी  राष्ट्रपति  पद पर  कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा कि ओबामा अपनी पत्नी  के साथ अपना कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व आगरा का ताज महल देखने के भारी इछुक थे किन्तु इसमें वे अबतक  नहीं सफल हो सके। व्हाइट हाउस की जानकारी अनुसार इससे वे ‘निराश’ थे। अपनी पिछली  भारत यात्रा के दौरान वह ताज देखने नहीं जा सके क्योंकि उन्हें सउदी अरब के शाह अब्दुल्ला के निधन होने के कारण आगरा जाने का  कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था। 

15 सितंबर 2015

ताज प्रवेश शुल्क बढ़ने से पड़ सकता है आगरा टूरिज्म ट्रेड पर बुरा प्रभाव

आगरा: एक नवंबर से भारतीय, सार्क और बिमस्टेक देशों के नागरिकों को ताज महल में  प्रवेश के लिए  शुल्क 40 रुपये जबकि अन्य देशों या विदेशी नागरिकों को 1250 रुपये देने होंगे। इस समय  भारतीय, सार्क और बिमस्टेक देशों के नागरिकों को 20 रुपये, जबकि अन्य देशों के नागरिकों या विदेशी नागरिकों को 750 रुपये देने होते हैं। इस सम्बन्ध में प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
विदेशी युवा तथा स्टूडेंट्स  टूरिस्ट के लिए प्रवेश शुल्क पहले ही काफी  मंहगा था। पहले ही विदेशी स्टूडेंट्स और युवा टूरिस्ट   बजट काफी न होने के कारण दिल्ली से ताज देखने के लिए आगरा आने के बारे में  काफी सोचते थे। अब ताज  प्रवेश शुल्क बढ़ने से यह स्थिति और बिगड़ सकती है।  जिससे आगरा के टूरिज्म पर काफी प्रभाव पड़ सकता है।