बसपा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बसपा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

4 मार्च 2018

हमने भाजपा को हराने के लिए अखिलेश यादव की पार्टी को समर्थन दिया - माया

बसपा  प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी  से गंठबंधन करने से  साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा   हमारी पार्टी ने किसी भी पार्टी से  गठबंधन नहीं किया है सिर्फ हमने उत्तर प्रदेश में दो  लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट्स को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है। फुलपुर और गोरखपुर उप-चुनावों में हमारा कोई भो उम्मीदवार नहीं है। हमने भाजपा कैंडिडेट्स को हारने के लिए  समाजवादी पार्टी  को समर्थन देने का निर्णय लिया। बीएसपी प्रमुख ने आगामी  लोकसभा चुनाव के लिए एसपी-बीएसपी के गठबंधन की बात को  निराधार बताया। 

17 सितंबर 2017

मेरठ में मायावती की बड़ी रैली

बसपा अध्यक्ष मायावती भाजपा सरकार की  दलित एवं अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों के विरुद्ध  18 सितंबर से मेरठ में जनता को जागरुक करने के अभियान की शुरुआत  करने जा रही हैं। वह मेरठ में एक   विशाल रैली को सम्बोधित करेंगी। राज्य सभा  की सदस्य्ता से त्यागपत्र देने के बाद बसपा अध्यक्ष की यह पहली बड़ी रैली होगी। मायावती मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद जिलों में दलित एवं अल्पसंख्यक समुदायों बढ़ते अत्याचारों की आवाज़ उठयेंगी। इस अभियान की  शुरुआत मेरठ से हो रही है। 

2 मार्च 2017

नोटबंदी की घोषणा के बाद बसपा कहाँ से लाई इतना कैश

चुनाव आयोग ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी से नकदी  में मिले चंदे और खाते में जमा किये गए पैसों का विवरण माँगा है। चुनाव आयोग ने  पार्टी द्वारा भारी मात्रा में कैश जमा करने के कारण पारदर्शिता नियमों के तहत ऐसा किया है। बता दें कि  8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद छोटे समय के दौरान पार्टी खाते में बड़ी मात्रा में कैश धन जमा किया गया था। बसपा से इसका जबाब  १५ मार्च तक देने के आदेश जारी किये गए हैं। सवाल यह है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा  नोटबंदी की घोषणा के बाद बसपा के बाद इतना सारा कैश कहाँ से आया। भारी मात्रा में कैश  का मामला बसपा के लिए परेशानियां कड़ी कर सकता है।  

24 जून 2015

‘हाथी’ उतरेगा यू पी के त्रि‍स्तरीय पंचायत चुनाव में

--बोट बैंक की राजनीति‍ में ओबैसी की ‘एआईएमआईएम’ भाजपा से भी बडी चुनौती

(मुस्‍लि‍म वोट बैंक के शुरू हो चुके  खेल को लेकर हैदराबादी उबैसी
  की यू पी पर नजर को लेकर बसपा भी है शंकालू)
आगरा:प्रदेश में होने जा रहे त्रि‍स्‍तरीय पंचायत चुनावों को बसपा अपने चुनाव चि‍न्‍ह के आधार पर लडेगी।इस सम्‍बन्‍ध में पार्टी के द्वारा आधि‍कारि‍क रूप से जानकारी देने में हो सकता है कुछ सप्‍ताह और लग जाये कि‍न्‍तु उत्‍तर प्रदेश में अपनी  बि‍खरी ताकत को एकजुट रखने के लि‍ये पार्टी नेतृत्‍व को मि‍ले फीडबैक के अनुसार संगठन के अधि‍कांश लोग यही मानते हें।वि‍धायकों में से जि‍नकी स्‍थि‍ति‍ जरा सी भी मजबूत है और टि‍कट के बरकरा रखे जाने का आश्‍वासन मि‍ला हुआ है व

10 अप्रैल 2015

वि‍धान परि‍षद में भी बढने जा रही है सपा की ताकत

--दस सपाईयों को नामि‍त होने का अवसर मि‍लेगा

--सपाईयों से कही आगे हैं कवि‍पुत्र और कुछ पत्रकार भी नामि‍त होने के अभ्‍यार्थि‍यों की लाइन में  




(वि‍ प में बसपा नेता
 नसीमुद्दीन सि‍द्दकी)
(स्‍पीकर 
गणेष शंकर पाण्‍डेय)
(मुख्‍यमंत्री अखि‍लेश यादव
 भी वि‍ प के सदस्‍य हैं)
(सपा दल नेता
अहमद हसन)
आगरा,वि‍धान परि‍षद की दस नामि‍त सदस्‍यों की सीटों के लि‍ये समाजवादी पार्टी में जोड तोड शुरू हो गयी है, चुनावी राजनीति‍ में नाकारा साबि‍त होते रहे नेता इन सीटों के माध्‍यम से वि‍धान मंडल तक पहुंचने को खास तौर से बेताब हैं।वैसे नेताओं के अलावा एक कवि‍ पुत्र जि‍नका दूर दूर तक राजनीति‍ से कोई रि‍श्‍ता नहीं है गणेष परि‍कृम्‍मा के पराकृमी बने हुए हैं।इसी प्रकार एक पत्रकार भी सपा नेताओं को भागदौड में पीछे छोडे हुए हैं,वह एक टैलीवि‍जन चैनल के लाइव टाक शो के लि‍ये ऐंकरि‍ग भी करते रहे हैं और वर्तमान में सपा नेतृत्‍व को अपने साथ हर समय रहने वाले आई पैड पर रि‍कार्डि‍ग दि‍खाते घम रहे हैं।मुम्‍बई के उन फि‍ल्‍मी स्‍टार के माध्‍यम से वह जुगाड लगा रहे हैं,जो कि‍ श्री मुलायम सि‍ह यादव से नि‍जी संबध रखने वाले माने जाते हैं।   वर्तमान नामि‍त