चुनाव आयोग ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी से नकदी में मिले चंदे और खाते में जमा किये गए पैसों का विवरण माँगा है। चुनाव आयोग ने पार्टी द्वारा भारी मात्रा में कैश जमा करने के कारण पारदर्शिता नियमों के तहत ऐसा किया है। बता दें कि 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद छोटे समय के दौरान पार्टी खाते में बड़ी मात्रा में कैश धन जमा किया गया था। बसपा से इसका जबाब १५ मार्च तक देने के आदेश जारी किये गए हैं। सवाल यह है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के बाद बसपा के बाद इतना सारा कैश कहाँ से आया। भारी मात्रा में कैश का मामला बसपा के लिए परेशानियां कड़ी कर सकता है।
