बसपा अध्यक्ष मायावती भाजपा सरकार की दलित एवं अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों के विरुद्ध 18 सितंबर से मेरठ में जनता को जागरुक करने के अभियान की शुरुआत करने जा रही हैं। वह मेरठ में एक विशाल रैली को सम्बोधित करेंगी। राज्य सभा की सदस्य्ता से त्यागपत्र देने के बाद बसपा अध्यक्ष की यह पहली बड़ी रैली होगी। मायावती मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद जिलों में दलित एवं अल्पसंख्यक समुदायों बढ़ते अत्याचारों की आवाज़ उठयेंगी। इस अभियान की शुरुआत मेरठ से हो रही है।
रैली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रैली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
17 सितंबर 2017
1 सितंबर 2017
“बीजेपी भगाओ देश बचाओ” के लिए लालू के पास पैसा कहाँ से आया
आयकर विभाग अब लालू की पीछे लग गया है। लालू को नोटिस जारी किया गया है जिसमें आयकर विभाग ने पूछा है कि 27 अगस्त को “बीजेपी भगाओ देश बचाओ” रैली में खर्च किया गया पैसा कहां से आया। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर भ्रष्टाचार का केस पहले से ही चल रहा है। लालू की इस रैली में विपक्ष पार्टियों के कई बड़े नेताओं ने भी भाग लिया था। लालू और उनके परिवार को परेशानियों के चक्र से बाहर निकलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। इस रैली में लालू और उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव ने 30 लाख लोग शामिल होने का दावा किया था।
24 अगस्त 2017
शरद यादव राज्य सभा की सदस्यता से भी हाथ धो सकते हैं
शरद यादव आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की ‘बीजेपी भगाओ, देश बचाओ’ रैली में भाग लेंगे। उन्होंने नितीश की चेतावनी को ठुकरा दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह चुके हैं कि यदि शरद ने लालू की इस रैली में भाग लिया तो यह उनके लिए बहुत महंगा पड़ सकता है। शरद के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा और उन्हें राज्य सभा की सदस्यता से भी हाथ धोना पड़ सकता है। बताया जाता है कि शरद यादव लालू की रैली में जाने की हामी भर चुके हैं । शरद ने कहा कि महागठबंधन की ताकत दिखाने के लिए हम रैली में अवश्य भाग लेंगे । शरद यादव जदयू के चुनाव चिन्ह के दावे के लिए चुनाव आयोग में एक याचिका भी जमा करने जा रहे हैं।
लालू यादव की रैली माया और सोनिया के लिए सौदा नुकसान का
मायावती ने भी लालू प्रसाद यादव को झटका देते हुए कह डाला की उनकी पार्टी लालू द्वारा आयोजित 27 अगस्त की रैली में शामिल नहीं होगी। लगता है मायावती और सोनिया गाँधी दोनों को लालू की रैली में भाग लेने से नुकसान ही नुकसान नज़र आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन से अलग होने से आम लोगों के गठजोड़ के प्रति विश्वास कमजोर हो जाता है। माया वती ने कहा कि विपक्षी दलों को बदनाम करने और उन्हें कमजोर करने के लिए मोदी की पार्टी गलत कदम उठा रही है।बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने इस बात का एलान किया उनकी पार्टी अपने स्वयं के सम्मान और स्थिति को नजरअंदाज करने के लिए किसी भी गठबंधन के लिए नहीं जाएगी। सोनिया गाँधी भी लालू की रैली में भाग नहीं लेना चाहती है। अब देखना है कि लालू की पार्टी द्वारा आयोजित रैली को कहाँ तक सफलता मिलती है।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)



