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17 अक्टूबर 2026

आगरा की यमुना हमारी जिम्मेदारी, हर नागरिक की भागीदारी

 

आगरा और यमुना का रिश्ता सदियों पुराना है। लेकिन आज नदी की हालत देखकर मन में एक सवाल उठता है,जिस यमुना ने हमारे शहर की पहचान को आकार दिया, क्या हम उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचा पाएँगे?

यमुना में प्रदूषण की समस्या सिर्फ सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता होनी चाहिए। हालाँकि, नदी को साफ रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन व्यवस्थाओं की भी है, जो गंदे पानी का उपचार करने और प्रदूषण रोकने के लिए बनाई गई हैं।

एक नागरिक के तौर पर हम भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं। नदी में कचरा या पूजा सामग्री न डालना, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करना और दूसरों को जागरूक करना छोटे कदम हैं, लेकिन जरूरी हैं।

साथ ही, जहाँ नालों का गंदा पानी यमुना में गिरता दिखाई दे, वहाँ संबंधित विभाग तक शिकायत पहुँचानी चाहिए। प्रशासन से यह सवाल भी पूछना चाहिए कि सीवेज का उपचार और नदी की सफाई के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

आगरा के युवा, सामाजिक संगठन और स्थानीय निवासी मिलकर यमुना संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चला सकते हैं। लेकिन यह प्रयास केवल किसी खास दिन तक सीमित नहीं रहने चाहिए। नदी को बचाने के लिए लगातार भागीदारी और प्रशासन की जवाबदेही, दोनों जरूरी हैं।

यमुना की चिंता करना अच्छी बात है, लेकिन चिंता को जिम्मेदारी में बदलना उससे भी ज्यादा जरूरी है। हमें यह नहीं मानना चाहिए कि हमारे अकेले के प्रयास से कुछ नहीं होगा। बदलाव तभी आता है, जब लोग अपनी भूमिका निभाते हैं और व्यवस्था से सही काम की माँग करते हैं।

यमुना को बचाना सिर्फ एक नारा नहीं, हमारी साझा जिम्मेदारी है। आज हम जो कदम उठाएँगे, वही तय करेंगे कि आने वाली पीढ़ियों को कैसी नदी मिलेगी।

10 मार्च 2016

पर्यावरणविद् डा राना बैंगलूर में भी हुए सम्मानित

--संपादकों के राष्ट्रीय संगठन महासचिव डा केएस कौशिक ने जताया हर्ष

(पर्यावरण विद् डा के एस राना)

आगरा : पर्यावरण मंत्रालय की एक्सपर्ट एप्रेजल ऑथिरिटी के वाइस चेयरमैन डॉ के एस राना को एडिटर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की ओर से  राष्ट्रीय महासचिव डॉ सुनील कौशिक ने वधाई देते हुए उनकी पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जन जागरूकता के प्रयासों को अत्यंएत महत्व्पूर्ण बताया है। हाल ही में डॉ राना को ग्लोबल सोसायटी द्वारा बैंगलूरु में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में ग्लोरी ऑफ़ इंडिया से कर्नाटक के लोकायुक्त जस्टिस चंद्रशेखरैया द्वारा सम्मानित किया गया था। यही नहीं कुछ दिन पूर्व  केंद्रीय मंत्री रहे गुलाब नबी आजाद द्वारा नई दिल्ली  के कस्टिट्यूशन क्लब