आगरा। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री कोई भी बने किन्तु दुनिया भर के टूरिस्टों का आकर्षण ताज सिटी आगरा से मत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व अगर सही व्यक्ति को नहीं मिल पाता है तो तब कोई खास फायदा ताज सिटी को हो पाना मुश्किल ही है। आगरा की छवि दुबारा दुबारा जनता को लौटने के लिए मत्रिमंडल में यहाँ सही प्रतिनिधित्व की पहली आवश्यकता है। यहाँ की टॉप आवशकता है पीने के पानी और बिजली का इंतजाम और दूसरी शहर की सफाई की ।अखिलेश यादव के शासन काल में नगर निगम का कामकाज अत्यंत ढीला रहा। निगम के वेतन भोगी पिछले चार सालों से चार अरब से ज्यादा (नगर निगम का बजट)हर वर्ष शहर के नाम पर जमा- खर्च दर्शा रहे हें। चुने हुए जन प्रतिनिधि दर किनार हैं।नई सरकार को ताज सिटी की इस बनी चल रही दुर्दशा के बारे में आगरा के नागरिक संगठनों और राजनेतिक दलों के नेताओं से फीडबैक लेकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे ( विशेष - राजीव सक्सेना )
