मायावती के लिए उत्तर प्रदेश चुनाव एक भारी झटका है। मोदी की तेज हवा से जूझने के लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के साथ बसपा यूपी में यदि महागठजोड़ नहीं बनाते हैं तो इन तीनों पार्टियों का मोदी के सामने अकेला टिकना बहुत मुश्किल होगा। ये पार्टियां मोदी की चलती आंधी को देखकर पूरी तरह पस्त हो चुकी हैं। मायावती जो कि सरकार बनाने की उम्मीद में थीं उनका तीसरे नंबर पर खिसकने से बसपा खस्ता हालत में नज़र आती है। मुलायम ने भी जब चुनाव का रिजल्ट सुना तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। उन्हें ऐसी हार का अनुमान सपने में भी नहीं था। मुलायम ने अखिलेश की बिलकुल आलोचना नहीं की और कहा हार के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। इस चुनाव में जनता का झुकाव भाजपा की ओर था और हम लोग मतदाताओं को समझाने में सफल नहीं रहे। उन्होंने कहा हमने हमेशा संघर्ष किया है और हम फिर संघर्ष करेंगे और अपनी जीत फिर से हांसिल करेंगे।
