Mathura के प्रसिद्ध चौक बाजार में स्थित नत्थू यादव लस्सी वाले अपनी पारंपरिक देसी लस्सी के कारण खास पहचान बना चुके हैं। गर्मियों के दिनों में यहां सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगती है, क्योंकि शहर में आने वाला लगभग हर पर्यटक उनकी मशहूर लस्सी का स्वाद जरूर चखना चाहता है।
इनका लोकप्रिय संवाद — “जो पियेगा हमारी लस्सी, वह जिएगा 80” — आज भी लोगों की जुबान पर बना रहता है। यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि उनकी लस्सी के स्वाद और भरोसे की पहचान बन चुकी है। वर्षों पुरानी यह दुकान आज भी अपने देसी अंदाज और पारंपरिक स्वाद को उसी तरह बनाए हुए है।
यहां मिलने वाली गाढ़ी, ठंडी और मलाईदार लस्सी मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाती है, जिससे इसका स्वाद और भी खास हो जाता है। कुल्हड़ की सोंधी खुशबू और ऊपर जमी ताजी मलाई हर घूंट को यादगार बना देती है।
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सुबह से देर शाम तक दुकान पर ग्राहकों की लंबी कतार लगी रहती है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालु और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी
यहां पहुंचते हैं। Shri Krishna Janmabhoomi, Dwarkadhish Temple और Vishram Ghat घूमने आने वाले लोग अक्सर यहां की लस्सी का आनंद लेना नहीं भूलते।तेज गर्मी और उमस के बीच नत्थू यादव की ठंडी लस्सी लोगों को ताजगी और राहत देने का काम करती है। शुद्ध दही, मलाई और पारंपरिक तरीके से तैयार की गई यह लस्सी आज सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि ब्रज की खानपान संस्कृति और देसी स्वाद की खास पहचान बन चुकी है। यही कारण है कि नत्थू यादव लस्सी वाले अब केवल एक दुकान नहीं, बल्कि मथुरा की लोकप्रिय पहचान माने जाते हैं।
