उ प्र की राजनीति में जल्दी ही नितीश के दखल असर दिखाना होगा शुरू
पश्चिमी यू पी के पिछडा वर्ग बहुल इलाकों से तो उनको भाषण करने
आने के निमंत्रण पक पहुंचना शुरू हो गये हैं।
रविवार को जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया. 23 अप्रैल को पटना में होनेवाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक
में इस निर्णय पर विधिवत मुहर लगायी जायेगी. बैठक में नीतीश कुमार को अध्यक्ष
बनाने का प्रस्ताव पार्टी के निवर्तमान अध्यक्ष शरद यादव ने रखा, जिसका अनुमोदन राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने किया.
पूरी कार्यकारिणी ने इस पर मुहर लगायी.
कार्यकारिणी की बैठक
में नये अध्यक्ष के चुनाव से पहले निवर्तमान अध्यक्ष शरद यादव के लिए एक प्रस्ताव
पारित किया गया, जिसमें अपना कार्यकाल
नहीं बढ़ाने के शरद यादव के निर्णय को सैद्धांतिक, गरिमापूर्ण
व राजनीति की उच्चतम मान्यताओं को स्थापित करनेवाला बताया गया. गौरतलब है कि 2013 में पार्टी के संविधान में संशोधन कर शरद यादव को तीसरी
बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था. लेकिन, इस
बार उन्होंने इसके लिए पार्टी संविधान में किसी संशोधन से इनकार कर दिया।
पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद नीतीश कुमार के सामने यू पी के अलावा
अन्य राज्यों में भी भाजपा को हराने के
लिए बिहार के फार्मूले के इस्तेमाल की चुनौती होगी। जदयू के प्रशसंक राजनैतिक हलकों
का मानना है कि यदि विधानसभा चुनाव में भाजपा को रोकने में विरोधी दल सफल रहे, तो लोकसभा का अगला चुनाव भाजपा के लिए बहुत ही मुश्किल भरा
साबित होगा।
