20 अप्रैल 2015

गंगा के हालातों पर भले ही फर्क नहीं उपलब्धियां भरपूर बतायीं

--जल संसाधन गंगा पुनर्रोद्धार मंत्रालय की उपलब्धि पुस्तिका और पॉकेट पुस्तक जारी 

(उमा  भारती:केवल आरती ही नहीं कार्ययोजना
का क्रि‍यान्‍वयन  भी जरूरी )
आगरा, गंगा नदी साफ हुई हो या नहीं भारत सरकार ने इसे लेकर अपनी उपलब्‍धि‍यों की पुस्‍तक जारी कर दी है।इस अवसर पर नई दि‍ल्‍ली में जानकारी देते हुए केन्द्रीय जल संसाधननदी विकास और गंगा पुनर्रोद्धार मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा है कि नदियों को आपस में जोड़ने से देश में आंतरिक जल मार्गों को विकसित करने में सहायता मिलेगी।
 जल संसाधननदी विकास और गंगा
पुनर्रोद्धार मंत्रालय की उपलब्धि पुस्तिका के साथ ही उनहोंने नदी संबधी योजनाओं पर  पॉकेट पुस्तक भी जारी की है।उन्‍हों ने कहा कि बहुत से लोग देश में नदियों को आपस में जोड़ने के पक्ष में हैं। स्वच्छ गंगा अभियान ने बताया  कि देश की आधी से ज्यादा जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए गंगा पर निर्भर है और यदि गंगा को स्वच्छ करने में सफलता मि‍लती है अर्थव्यवस्था में शानदार वृद्धि होगी। सुश्री..
भारती ने कहा कि सरकार गंगा को एक बार स्वच्छ कर सकती है लेकिन यह लोगों का दायित्व होगा कि वे इसे आने वाले वर्षों में भी स्वच्छ रखें। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग इस व्यापक कार्य में शामिल होना चाहता है और उसे यह अवसर मि‍लना ही चाहि‍ये।
 
मंत्रालय के सचिव ए. के. विश्नोई ने पिछले एक वर्ष के दौरान उठाए गए मंत्रालय के विभिन्न कदमों की जानकारी में बताया है कि पिछले एक वर्ष के दौरान गोदावरी और कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड का गठननदियों   को आपस में जोड़ने पर विशेष समिति का गठनकेनद्रीय जल आयोग का बाढ़ पूर्व सूचना और देश में छोटी सिंचाई परियोजनाओं की पांचवी गणना का शुभारंभ मंत्रालय की कुछ महत्वपूर्ण पहले हैं।