--जैदी रह चुके हैं आगरा नगर निगम के प्रशासक और नगरायुक्त
नई दिल्ली डॉ. नसीम जैदी ने
आज 20वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त का
पदभार संभाला। वे श्री एच एस ब्रह्मा के स्थान पर मुख्यनिर्वाचन आयुक्त बने हैं जो
गत दिवस सेवानिवृत्त हो गए। डॉ. जैदी ने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाता केंद्रित गतिविधियों पर ध्यान देगा।
श्री जैदी इससे पहले 7अगस्त से निर्वाचन आयोग में चुनाव आयुक्त रहे। निर्वाचन आयोग में आने से पहले डॉ. जैदी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लोक सेवक के रूप में लंबे समय तक देशा सेवा की। वे 1976 बैच के आइएएस हैं। आगरा में नगर निगम के प्रशासक और नगरायुक्त रह चुके हैं।
पदभार संभालने के बाद डॉ. जैदी ने संवाददाताओं से कहा कि निर्वाचन आयोग स्वतंत्रता, पारदर्शिता, पेशेवराना, समावेशी और अनुकूलता के सिद्धांतों के आधार पर 10-15 वर्ष के लिए रणनीतिक योजना तैयार...
करेगा। यह योजना चहुंमुखी सांस्थानिक मजबूती, मतदाता शिक्षा और कारगर निर्वाचन प्रक्रिया पर आधारित होगी। डॉ. जैदी ने बताया कि वे निर्वाचन आयोग को अधिक गतिशील और पारदर्शी बनाना चाहेंगे।
डॉ. जैदी ने कहा, ” इस बेहतरीन संस्था की जिम्मेदारी और नेतृत्व पाकर मैं बेहद गौरवान्वित और सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह शानदार संस्था भारतीय संविधान ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उपलब्ध कराई है।
मैं जानता हूं कि यह कार्य बहुत बोझिल है। निरंतरता आयोग के कामकाज की मुख्य पहचान है इसलिए अपने पूर्ववर्ती मुख्य निर्वाचन आयुक्तों के उत्कृष्ट कार्यों से बनी इस संस्था को और मजबूत बनाने की उम्मीद करता हूं। मैं सभी हितधारकों और लोगों की आशा पूरी करने की कोशिश करूंगा।
हमने आसान सा विजन बनाया है: त्रुटिमुक्त और प्रमाणिक मतदाता सूची के साथ समावेशी ढंग से मतदाताओं की सर्वोच्च भागीदारी पर आधारित स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव।
श्री जैदी इससे पहले 7अगस्त से निर्वाचन आयोग में चुनाव आयुक्त रहे। निर्वाचन आयोग में आने से पहले डॉ. जैदी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लोक सेवक के रूप में लंबे समय तक देशा सेवा की। वे 1976 बैच के आइएएस हैं। आगरा में नगर निगम के प्रशासक और नगरायुक्त रह चुके हैं।
पदभार संभालने के बाद डॉ. जैदी ने संवाददाताओं से कहा कि निर्वाचन आयोग स्वतंत्रता, पारदर्शिता, पेशेवराना, समावेशी और अनुकूलता के सिद्धांतों के आधार पर 10-15 वर्ष के लिए रणनीतिक योजना तैयार...
करेगा। यह योजना चहुंमुखी सांस्थानिक मजबूती, मतदाता शिक्षा और कारगर निर्वाचन प्रक्रिया पर आधारित होगी। डॉ. जैदी ने बताया कि वे निर्वाचन आयोग को अधिक गतिशील और पारदर्शी बनाना चाहेंगे।
डॉ. जैदी ने कहा, ” इस बेहतरीन संस्था की जिम्मेदारी और नेतृत्व पाकर मैं बेहद गौरवान्वित और सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह शानदार संस्था भारतीय संविधान ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उपलब्ध कराई है।
मैं जानता हूं कि यह कार्य बहुत बोझिल है। निरंतरता आयोग के कामकाज की मुख्य पहचान है इसलिए अपने पूर्ववर्ती मुख्य निर्वाचन आयुक्तों के उत्कृष्ट कार्यों से बनी इस संस्था को और मजबूत बनाने की उम्मीद करता हूं। मैं सभी हितधारकों और लोगों की आशा पूरी करने की कोशिश करूंगा।
हमने आसान सा विजन बनाया है: त्रुटिमुक्त और प्रमाणिक मतदाता सूची के साथ समावेशी ढंग से मतदाताओं की सर्वोच्च भागीदारी पर आधारित स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव।
