--3मई से 6मई 2011 के बीच आगरा में भूकम्प को लेकर हुआ था अंतर्राष्ट्रींय सम्मेलन
--भूकम्प मानकों के तहत वर्गीकरण में जोन-तीन के अर्न्तगत आता है ताज सिटी
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| (उपायों के बावजूद खतरा विश्वदाय विरासत को भी) |
1950 में पूना में मोसम विज्ञान की
भूकमप से सम्ब न्धिलत अलग शाखा का पूना में गठन हुआ।इसी के बाद भूकम्पक लेखियों में समय आंकित करने के लिये ‘लोलक घडियां’ बनायी जाने लगीं।1958 तक देश में भूकम्प बेधशालाओं का सबसे बडा पद भूकम्पम विशेषा का था जबकि 1958 में इसे बढाकर निदेशक का कर दिया गया।वर्तमान में 22स्थापयी भूकमप बेधशालाये हैं साथ ही निदेशक के तहत कुछ अस्था यी बेधशालाये भी संचालित हैं।
भारतीय वेधशालाओं के द्वारा प्रतिदिन सात बजे भूकमप के आंकडे अपउेट किये जाते ओर इन्हेंर दिल्लीे विश्विद्यालय के पासएक पहाडी पर स्थि्त स्थिेत दिल्ली की बेधशाला को भेज दिया जाता है,जहां चोबीसों घंटे एक वैज्ञानिक सहायक की आफीसर्स इंचार्ज के रूप में ड्यूटी रहती है।इस परंपरागत पुराने चलन के बावजूद अब भूकम्प के आंकडे भूगर्भ कैप्सूरलों के माध्यंम से भी आते हैं।इसी प्रकार की एक भू गर्भ कंपन मापी आगरा के बांईपुर के वन क्षेत्र के पस भी स्थपति है।जो अपानी रिकार्डिंग सीधे दिल्लीप भेजती रहती है।पहले आगरा में ही इसकी चाबी मौसम वैज्ञानिक के पास रहती थी किन्तु यह कार्यालय और पद श्री कपिल सिब्ब ल के मंत्री पद के कार्यकाल में समाप्ती कर कार्यालय को दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया। आगरा वर्तमान में जोन-तीन के अर्न्तगत आता है. फलस्वकरूप नागरिकों से अपेक्षा की गयी है कि वे अपने भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के भूकम्पन संबधी मानकों के कोड अनुसार ही बनवाये।
3मई से 6मई 1911 में आगरा में भूकम्प को लेकर अंतर्राष्ट्रींय सममेलन भी हो चुका है जिसमें कि चालीस देशों के वैज्ञानिको ने भाग लिया था। इसमें भारतीय वैाज्ञानिको ने बताया था कि देश में आपदा प्रबन्धन एक्ट-2005 के विभिन्न प्रावधानों को लागू किया जा चुका है।यही नहीं ताजमहल की जमीं पर दी गयी जानकारियों में यह भी बताया गया था कि 3मई से 6मई 2011 में आगरा में भूकम्प को लेकर अंतर्राष्ट्रींय सममेलन की अब तक 10 बटालियन गठित की जा चुकी हैं. हर बटालियन में छह कम्पनी हैं. इसमें चिकित्सक, इन्जीनियर, विशेषज्ञों सहित नवीनतम उपकरण सुलभ हैं।मेयर इस फोर्स की महानगर से संबधित इकाई के अध्यनक्ष होते हैं किन्तुभ नहीं लगता कि प्रदेश के 13 नगर निगमें में से किसी के भी महापैर को भारत सरकार की केन्द्र सरकार के माध्यरम से की गयी इस व्यावस्थाे की जानकारी भी होगी
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