काठमांडू : भारत के पड़ोसी देश नेपाल में बीते 80 वर्षों का सबसे भयावह शक्तिशाली भूकंप शनिवार को 7.9 गति से आया जिससे करीब 1,500 लोगों की मौत हो गयी। भूकम्प से काठमांडू की सदियों पुरानी धरहरा मीनार और प्रसिद्ध दरबार स्कवेयर के साथ कई प्रमुख इमारतें और मकानो को भरी छति हुई ।
इस भयावह भूकंप का केंद्र काठमांडू से उत्तर पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर लामजुंग में था और बिहार तथा पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के कई शहरों में भी इसका असर हुआ । चीन , पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी इस भूकंप के असर को लोगों ने महसूस किया। इस भूकंप की गति रिक्टर पैमाने पर 7.9 आंकी गयी और
इसके बाद 4.5 अथवा इससे अधिक गति के कम से कम 16 झटके महसूस किए गए।
इस भयावह भूकंप का केंद्र काठमांडू से उत्तर पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर लामजुंग में था और बिहार तथा पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के कई शहरों में भी इसका असर हुआ । चीन , पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी इस भूकंप के असर को लोगों ने महसूस किया। इस भूकंप की गति रिक्टर पैमाने पर 7.9 आंकी गयी और
इसके बाद 4.5 अथवा इससे अधिक गति के कम से कम 16 झटके महसूस किए गए।
