दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों को रोकने की जानकारी भाजपा के लोगों को पहले ही थी। इसी कारण जुलाई से सितंबर तक बैंकों में काफी तादाद में रुपया जमा हुआ था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री की घोषणा से जिन लोगों को दिक्कत हुई है वह है आम आदमी जो परेशानी से रोजाना अपनी रोटी रोज़ी कमाता है। केजरीवाल का कहना है कि पुराने नोटों पर रोक लगाने से काला धन प्रणाली में वापस नहीं आएगा यह वास्तविकता से परे है। अरविंद केजरीवाल ने इसे आम नागरिक की छोटी बचत पर सर्जिकल स्ट्राइक बताया। किसानों, रिक्शाचालकों, दुकानदारों और मज़दूरों को इस परिवर्तन से बहुत नुकसान हुआ है। पैसे वाले और काले धन वाले लोग तो कोई न कोई तरीका निकाल ही लेते हैं। बताया जाता है जैसे काले धन वाले लोग 60,000 रुपए प्रति तोला की कीमत पर नकदी देकर सोना खरीद रहे हैं।
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12 नवंबर 2016
15 मई 2016
विज्ञापनों पर तीन माह में खर्च किए 15 करोड़ रुपए आप ने
दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने तीन महीनों के भीतर अख़बारों में विज्ञापन पर लगभग 15 करोड़ रुपए खर्च किये हैं। कॉंग्रेसी नेता अजय माकन ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो सरकार सफाई कर्मचारियों का वेतन देने में असमर्थ है वह विज्ञापन पर इतना अधिक पैसा क्यों खर्च कर रही है। उनका कहना है ये विज्ञापन सिर्फ दिल्ली के अख़बारों में ही नहीं केरल, कर्नाटक, आेडिशा और तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों के अख़बारों में भी छपे हैं।
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