10 फरवरी 1985 को महाराष्ट्र के नागपुर में एक बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के तीन दिन बाद ही उसकी माँ ने उसे छोड़ दिया। शिशु करीब एक महीने तक नागपुर की MSS संस्था में रहा, जो बेसहारा बच्चों और जरूरतमंद महिलाओं के लिए काम करती है। तभी मुंबई घूमने आए नीदरलैंड के एक दंपती ने उसे गोद लिया और यूरोप ले गए। संस्था की एक नर्स ने बच्चे का नाम “फाल्गुन” रखा, क्योंकि उसका जन्म फरवरी महीने में हुआ था।
फाल्गुन बिनेनडिज्क ने अपनी जिंदगी नीदरलैंड में बिताई और अब वे हीमस्टेड शहर के मेयर हैं। 41 साल बाद
