9 अप्रैल 2020

राम बाबू हरि‍त ने पुलि‍स के माध्‍यम से वि‍तरण हेतु खाद्य पैकेट उपलब्‍ध करवाये


राशन कार्ड न बनने की शि‍कायतों पर भाजपाई खामोश

 कोरोना वारि‍यराेें को समर्पि‍त  पूर्व मंत्री
डा राम बाबू हरि‍त की फेस वाल का अपडेट
 
आगरा: पूर्व स्‍वास्‍थ्‍य  डा राम बाबू हरि‍त ने तीन सौ से ज्‍यादा  खाद्यान पैकि‍ट  पृथ्‍वी नाथ फ।टक के पास बंटवाये । पहले उन्‍होंने इसके लि‍ये खुद ही प्रयास कि‍या कि‍न्‍तु बाद में जब भीड ज्‍यादा लगने लगी तो सभी पेकेट प्रथ्‍वीनाथ गेट चौकी  इंचार्ज को देकर उम्‍मीद जतायी जो कि‍सी भी अन्‍य स्‍त्रोत से भोजन प्राप्‍त नहीं कर सकें इन्‍हें उन तक हर हालत में पहुंचाना सुनि‍श्‍चि‍त करें।
डा हरि‍त कई बार क्षेत्र से वि‍धायक और मंत्री रहे हैं इस लि‍ये उनके  पदपर न रहने के बावजूद तमाम पुराने संपर्की  अपनी समस्याएं  लेकर अब भी उनके पास आते रहते हैं। प्राप्‍त जानकारी के अनुसार उनका लक्ष्‍य कई जरूरी चीजों के  अलावा रोज सौ पैकेट  खाना उपलब्‍ध करवाना रहता है कि‍न्‍तु पि‍छले कई दि‍नों से ज्‍यादा पैकेट बंटवाने पड़े  हैं। नागरि‍को के द्वारा संज्ञान में लाये गये कई मामलों
के बारे में डा हरि‍त ही नहीं भाजपा के कई अन्‍य बडे नेता लगातार पार्टी नेतृत्‍व या संबधि‍त अधि‍कारि‍यों को सूचि‍त कर रहे हैं।
वैसे महानगर में राशन वि‍तरण  की व्‍यापक व्‍यवस्‍था शासन के द्वारा करवायी हुई है, कि‍न्‍तु इसके बावजूद राशन कार्ड न होने के कारण सरकार की योजनाओं का लाभ अनेक नागरि‍कों को नहीं मि‍ल पा रहा है।

गांवों में राशन कार्डें का सर्वे हो:जि‍तेन्‍द यादव

अब लडाई होगी गांव वालों
के राशन की :जि‍तेन्‍द्र यादव
उधर पुराने समाजवादी नेता श्री जि‍तेन्‍द्र यादव जो पि‍छले काफी समय से घर में बैठ गये थे और मान रहे थे कि‍ अब सब ठीक चल रहा है, एक बार फि‍र से सक्रि‍य हो गये हैं। श्री यादव ने कहा कि‍ सबसे पहले तो उन्‍होंने अपने गांव बांईपुर में ही अधिकारि‍यों को फोन कर खाद्यान बंटवाना सुनि‍श्‍चि‍त करवाया। इसके बाद सोशल डि‍स्‍टैंसि‍ग का पालन करते हुए जहाँ  भी जा सकते थे गावों में लोगों से मि‍ले ऑर लॉक डाउन  के दौरान उनके द्वारा सामना की जा रही दि‍क्‍कतो की जानकारी ली। अब पि‍छले तीन दि‍न से वह व्हाट्सएप्प के माध्‍यम से लोगों के संपर्क में हैं।
श्री यादव ने कहा कि‍ गांवों में सबसे ज्‍यादा परेशानी राशन कार्ड न होने को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि‍ आनलाइन आवेदन पत्रों तक का नि‍स्‍तारण सही प्रकार से नहीं कि‍या गया। 
अपनी जानकारि‍यों के आधार पर केवल इतना ही कह सकते हैं कि‍ सार्वजनि‍क वितरण प्रणाली गांवों में प्रभावी नहीं हो सकी है। उन्‍होंने कहा कि‍ गांव के गांव असंगठि‍त क्षेत्र के श्रमि‍को से भरे पड़े  हैं कि‍न्‍तु इन श्रमि‍को में से अपवाद स्‍वरूप कुछ के अलावा अधि‍कांश को भारत सरकार या राज्‍य सरकार के द्वारा श्रमि‍को के लि‍ये जारी कि‍सी भी योजना का लाभ नहीं मि‍ल पा रहा है।

 जि‍ला अधि‍कारी को दूंगा फीडबैक

श्री यादव ने कहा हे कि‍ वह प्रशासन को अवगत करवायेंगे और मांग करेंगे कि‍ असंगठि‍त श्रमि‍को के पंजीकरण के शि‍वि‍र लगवाये जाये तथा पात्रता के दायरे में आने वाले सभी परि‍वरों के राशन कार्ड बनवाने के लि‍ये बि‍चपुरी और बरौली अहीर वि‍कास खंड के गांवों में व्‍यापक‍ सर्वे करवाया जाये।