9 अप्रैल 2020

अलग ही अनुभव है पथरीली चट्टानों पर खड़े 'सूआ का कि‍ला ' से चम्‍बल तक की ताक झांक का

गोल्‍डन ट्रांइंगि‍ल का इनर ट्राइंगि‍ल  है रोमांचक  अनुभूति‍यों से सरोबोर करने वाला

शानदार ' सूआ का कि‍ला' दम दार एडवेंचरि‍स्‍ट
 हरवि‍जय सि‍ह वाहि‍या

(राजीव सक्‍सेना) 
आगरा : उत्तर भारत में मानसून समाप्‍त हो जाने के बाद अक्‍टूवर महीने से शुरू हुआ पर्यटन सत्र  शि‍शि‍र में जहां अपने चरम पर होता है, वहीं मार्च में नौ दुर्गा  पर्व पर लगने वाले मेलों के साथ दि‍ल्‍ली -आगरा-जयपुर गोल्‍डन ट्रैंगल में समाप्‍त हो जाता है। इस बार भी यही परंपरा बनी रही । 
मार्च के महीने के दूसरे पखवारे में  समाप्‍त हो गया। कि‍न्‍तु इस बार इस बीते पर्यटन सत्र में तमाम परंपरागत अनुभवों को ताजा करने के साथ ही 'गोल्‍डन ट्राइंगि‍ल' के  इनर ट्रांइंगि‍ल  'हंड्रैड मीटर सर्कि‍ट' की पहचान के रूप में एक नयी उपलब्‍धि रही ।  'सुखद रोमंचक अनुभवों ' वाले इस सर्कि‍ट का सबसे ज्‍यादा आकषर्ण भरा   धौलपुर के 'सूआ का कि‍ला ' की  भ्रमण स्‍थल के रूप में पहचान रही।
यू पी वार्डर पर राजस्‍थान की सीमा में स्‍थि‍त  सूआ का कि‍ला (SUAJU DEV HANS KA KILA--शुआंजु देव हंस का कि‍ला )

 के रूप में  पहचान रखने वाला यह पुरास्‍मारक (कि‍ला) आगरा के पडोसी जनपद  धौलपुर (राजस्‍थान) की बाड़ी तहसील में पड़ने  वाले उत्‍तूपुरा गांव मे स्‍थि‍त है। 

ताजमहल से सि‍र्फ सौ कि‍ मी दूर :

आगरा से सौ कि‍लोमीटर से भी कुछ कम दूरी पर धौलपुर-बाडी रोड के बांये ओर प्रख्‍यात जलाशय  'तालाब शाही ' के पास यह स्‍थि‍त है। राजस्थान और उत्‍तर प्रदेश के पर्यटन स्‍थलों को घुमाने वाले टूरि‍स्‍ट गाइडों  में से कुछ  तालाब शाही तक  अपने मेजवानों को लेकर जरूर पहुंचते हैं लेकि‍न ' सूआ का कि‍ला ' उनके द्वारा  टूरिस्ट 'इंटरैस्‍ट के स्‍पाट' की महत्‍ता नहीं माना जा सका । यही कारण है कि  पर्यटन स्‍थल के रूप में यह कभी कि‍सी को सूझा हो। लेकि‍न इस बार को पर्यटन स्‍थल के रूप मे सबसे पहले सुखद संयोग ही जबकि इस गांव 'उत्‍तूपुरा गांव'  को पहल कर मोटर एडवेंचर स्‍पोर्ट क्षेत्र में  प्रख्‍यात एडवेंचरि‍स्‍ट हरवि‍जय सि‍ह वाहि‍या ने न केवल खुद पहचाना अपि‍तु उन सैकडों युवाओं को वहां तक लेजाकर इसकी पहचान करवायी।

हैरीटेज बि‍लेज 

दरअसल 'सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा' के साथ मोटर साइकि‍लि‍स्‍ट ग्रुप 'ताज राईडर्स ' फोटो ग्राफर्स क्‍लब आगरा  के  तांतपुर जगनेर क्षेत्र की जल संग्रह  संरचनाओं ( वाटर वाडियों ) की पहचान जन सामान्‍य तक पहुंचाने के शुरूआती प्रयास में  सहभागि‍ता के बाद से श्री वाहि‍या  लगातार 'आगरा-धौलपुर डीग ' क्षेत्र  में भ्रमण  जारी रखे हुए हैं ।  खोजबीन के क्रम में उनका  वाड़ी क्षेत्र में भी आवागमन रहा । इसी के दौरान नवम्‍बर 2019 में एक दि‍न उनकी नजर में आया 'सूआ का कि‍ला' और इस तक पहुंच मार्ग की जानकारी लेने के प्रयास में संपर्क हुआ सदि‍यों से इसकी रखवाली करने वाले  परि‍वार से । तमाम जानकारि‍यां एकत्र कर 'प्‍लान्‍ड  टूर ' आर्गनाइज करने के सि‍लि‍सले में कुछ दि‍न के अंतराल में उन्‍होंने चार चक्‍कर कि‍ले और गांव के लगा डाले।
उतुपुरा (उत्‍तूपुरा ) गांव यूं तो राजस्‍थान के धौलपुर और भरतपुर में फैले  डीग क्षेत्र के अन्‍य गांवों के समान ही एक सामान्‍य गांव है कि‍न्‍तु यहां खडे लगभग 250 वर्ष से अधि‍क पुराने कि‍ले ने इसे अनायास ही हैरीटेज वि‍लेज का स्‍वरूप प्रदान कर रखा है। लाल पत्‍थर की  पहाड़ी  पर खडा यह कि‍ला पूरी तरह से दुरुस्‍त है अगर इसे कि‍सी ने छाति पहुंचायी भी है तो सरकार के उन मुलाजि‍मों ने ही जि‍नकी जि‍म्‍मेदारी इस प्रकार के पुराने नि‍र्माणों को संरक्षण देने की होती है। लेकि‍न अब गांव के लोग अपनी वि‍रासत को संरक्षि‍त करने के लि‍ये स्‍वयं भी पर्याप्‍त जागरूकता रखते हैं।

 पुश्‍तैनी परंपरा 

इन ग्रामीणों में वह गुर्जर परि‍वार भी शामि‍ल है जि‍सके पूर्वजों ने   कि‍ला बनाने के बाद से अब तक यहां से एक बडे इलाके में कि‍लेदारी (सूबेदारी) की कई पुश्‍तो से यहीं जीवन गुजारते रहने वाले इन गुर्जरों ने जब भी जरूरत पडी धौलपुर राज्‍य की एक बफादारी के साथ  अपने दमखम के बूते  हरसंभव सेवा की। तमाम घटनाओं के उल्‍लेखों में से खास वह है जि‍सके अनुसार महाराज धौलपुर  के नेतृत्‍व मे सरमथुरा के सैन्‍य बल(धौलपुर राज्‍य की एक पडोसी रि‍यासत) से मोर्चा लि‍या। यही कारण है कि 'उतुआ का पुरा'  इस कि‍ले को अब भी सूबेदार के पदनाम से जोड कर 'सूआ का कि‍ला ' कहा जाता है।
-- वि‍‍राजमान हैं हनुमान जी
धौलपुर के कई अन्‍य कि‍लो के समान ही इस कि‍ले में हनूमान  जी का यहां  है और उनके प्रति ही  यहां के लोगों की आस्‍था अन्‍य देवी देवताओं की तुलना में कही अधि‍क है। अरावली पहडी क्षेत्र के तहत आने वाले इस गांव का एक भाग जरूर पथरीला है कि‍न्‍तु आसपास का अन्‍य भाग रेतली मि‍ट्टी की भरपूरता और सि‍चाई के लि‍ये जरूरी पानी की उपलब्‍धता से दो फसली है। हनूमान मन्‍दि‍र के पास बना एक तालाब भी है, जो कि‍  क्षेत्र के वर्षा कालीन पानी जलग्रसही केन्‍द है होने से एक एसा महत्‍वपूर्ण स्‍त्रोत है जि‍ससे खोती और पीने के लि‍ये सालभर पानी की उपलब्‍धता संभव है ।  
-- वसुंधरा की अनुपम छटा
दि‍सम्‍बर में यह कि‍ला रबी की बुबाई का मौसम शुरू होने के साथ हरि‍याली भरे खेतों के बीच होने से और भी लुभावनी दृष्‍यावली बनाता है, चूंकि सरसों और लाही यहां की मुख्‍य फसलें हैं इस लि‍ये पीले फूल खेतों में खि‍लना शुरू होते ही माहौल और भी रमणीक हो जाता है।
  पथरीले मैदानों और ढालानों की तुलना में कहीं अधि‍क आकर्षक फसल अच्‍छादि‍त खेत और क्‍यारि‍यां  आकर्षि‍त करती हैं। अमूमन प्रकृति का यह स्थानीय स्‍वरुप होली के आसपास ,मार्च महीने) के अंत तक बना रहता है और इसके बाद फसल कटाई शुरू हो जाती है। खेतों की हरि‍याली वि‍दायी की बेला में होती है। 

-- यादगार लंच
अपराह्न तक घुमक्‍क्‍कडी और शि‍शि‍र की शीत का आनंद लेने में व्‍यस्‍त सदस्‍यों को गांव के प्रमुख परि‍वार ने बतौर मेजवान दोपहर भोज पर पर आमंत्रि‍त कि‍या। ठेठ गुर्जर परि‍पाटी में कि‍ये जैवण (लंच)  के दौरान खूब जमकर बाते हुई ।धौलपुर की राजनीति के अलावा सरमथुरा और करौली तक 'मन-मानस' ने दौड लगायी। गुर्जर आंदोलन और उस हुई उस राजनीति पर भी चर्चा हुई जि‍सके कारण राजस्‍थान की सरकारें कई बार बेहद परेशान रही हैं। गांव वाले राजेश पायलट के प्रति काफी आदर भाव रखते हैं और मानते हैं कि राज्‍य की राजनीति‍ में उनके समाज की वि‍शि‍ष्‍ट पहचान उन्‍हीं के कारण संभव हो सकी। 
-- धौलपुर राज परि‍वार के प्रति आदरभाव
धौलपुर राज परि‍वार के प्रति अब भी आदरभाव जरूर रखते हैं कि‍न्‍तु मानते है कि राजा उदय भान सि‍ह के समय गुर्जर समाज के प्रति  मानसम्‍मान की बात कुछ अलग ही थी। 
गांव में इस कि‍ले के सूबेदार रहे 'दवनेश गुर्जर' परि‍वार के मौजूदा मुखि‍या श्री हरीसि‍ह की धौलपुर के गुर्जर समाज में एक खास शख्‍सि‍यत है। वे मानते है कि अब बीते इति‍हास की धटनाओं की भूमि‍का केवल प्रेरक  होने तक ही सीमि‍त है। सवाल उनके कुटुमब का ही नहीं गुर्जर समाज को राजकाज और सरकारी नौकरि‍यों में भागीदारी देने का है। जहां तक गांव का सवाल है बि‍जली की उपलब्‍धता सबसे बडी जरूरत है,जो कि सरकार अपनी संचालि‍त योजनाओं के तहत ही सोलर पैनल लगवाकर दूर कर सकती है।। पशुपालन का व्‍यवसाय गांव में वि‍कसि‍त कि‍ये जाने की भरपूर संभावनाये हैं बस उत्‍पादि‍त दूध का उचि‍त लाभकरी दाम मि‍ल सके।
  श्री हरि‍सि‍ह का कहना है कि कई युवाओं को तो अपने काम धंधों के कारण गांव छोड कर शहर में रहना पड रहा है। खेती से आमदनी चाहे दो गुनी हो जाये या तीन गुनी कि‍न्‍तु उस आकार तो बढना नहीं है और मौजूदा जोतों के बूते खेती पर नि‍र्भता की कल्‍पना करना एक गलत कैल- कुलेशन ही है।
-- मि‍ला जुला प्रयास
सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा ,वाईकर्स आफ तज रौयल्‍स तथा फोटो ग्राफर्स क्‍लब आगरा ने यह रैली आयोजि‍त की  जबकि नेतृत्‍व कि‍या एडवेचर टूरि‍म को प्रमोट करने के प्रति‍प्रति‍बद्धता रखने वाले श्री हरवि‍जयसि‍ह वाहि‍या ने। 
खूब मि‍लजुल कर कई घंटे साथ बि‍ताने के बाद मोटर स्‍पोर्टस एडवेंचरि‍स्‍ट श्री हरवि‍जय सि‍ह वाहि‍या फि‍र मि‍लने का वायदा करने के साथ अपनी बैगनार में सवार हो जाते हैं और चलपडते हैं अपने साथि‍यों के काफि‍ले के साथ धौलपुर होते हुए शहर की व्‍यस्‍ताओं में खोजाने को आगरा की ओर। 
-- ड्रोन फोटो कप्‍चरिग
'ताज राईडर्स ' और 'फोटो ग्राफर्स क्‍लब' आगरा के दल को चढाई
 के बाद मुकाम पर पहुंचने का हर्ष(इन्‍सेट में अनि‍ल शर्मा  राजीव सक्‍सेना)
हालांकि इस भ्रमण में कई बातें सामान्‍य ही रहीं कि‍न्‍तु ड्रौन से फोटोग्राफी सबसे दि‍लचस्‍प रही। सूआ के कि‍ले की बुर्जि‍यों पर पहुंच कर ड्रौन आपरेट करने का अपना अलग ही आनंद है। एक ओर चम्‍बल के खादारी क्षेत्र की जमकर फोटो ग्राफी वहीं दूसरी ओर बरवली के डांग क्षेत्र की भरपूर फोटुऐं और वीडि‍यो शूट करने का मौका और कहां इतना सहज हो सकता है।  'फोटो ग्राफर्स क्‍लब' के सदस्‍यों दल के लि‍ये नि‍श्‍चि‍त रूप से अपने आप में अलग अनुभव रहा ।
-- 'इनर- ट्राइंगि‍ल' में भरपूर हैं 'एडवेंचर एक्‍सप्रीयंस '
इस एडवेंचर टूरि‍स्‍ट ट्रि‍प में सहभागी थे मोटर साइकि‍लि‍स्‍ट ग्रुप 'ताज राईडर्स ' और 'फोटो ग्राफर्स क्‍लब' आगरा का संयुक्‍त अभि‍यान अपने कि‍स्‍म का समाप्‍त हो चुके पर्यटन वर्ष का एक एसा प्रयोग था जो कि‍ आने वाले पर्यटन वर्ष के लि‍ये कई को अपने कार्यक्रम का नि‍र्धारण करने में प्रेरक साबि‍त हो सकता है। सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा के जर्नल सैकेट्री श्री अनिल शर्मा ने कहा कि‍ 'गोल्‍डन ट्रांइगि‍ल' की तरह ही यह 'इनर- ट्राइंगि‍ल' भी इंटर स्‍टेट ही है। यह पर्यटकों के आगरा या धौलपुर में रात्रि‍ बि‍ताने का सबल कारण के अलावा 'एडवेंचर एक्‍सप्रीयंस ' के लि‍ये बडा आकर्षण साबि‍त हो सकता है।