आगरा में कोविड19 की रोकथाम के लिए विशेष ड्यूटी पर चिकित्साधिकारी डॉ पीयूष जैन के पास घर वालों से बात करने का वक़्त नहीं है लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह इस बीमारी से लड़ाई में योगदान दे रहे हैं। वह आजकल अपना अधिक से अधिक समय मरीज़ों की सेवा में बिताते हैं। यह आगरा के चिकित्सा छेत्र के लिए बड़े गौरव की बात है। डॉ जैन को गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के क्षेत्र में नैदानिक और सामुदायिक सेवाओं के लिए राष्ट्रपति प्रशंसा पुरस्कार भी मिल चुका है ।
प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (NIE) चेन्नई में गैर-संचारी रोगों (FETP-NCD) में महत्वपूर्ण फेलोशिप में शामिल होने वाले उत्तर प्रदेश के पहले चिकित्सा अधिकारी थे तथा पूरे भारत में 8 में से 1 चिकित्सा अधिकारी थे। चेन्नई की इस आयोजन में भाग लेने से उन्हें एक सरकारी अधिकारी होने के नाते असीम संतुष्टि मिली थी। जहाँ उन्हें पूरे समुदाय को बहुत बेहतर, प्रभावी और व्यापक तरीके से सेवा करने के लिए नई जिम्मेदारियों, सीखने और अवसरों के नए क्षितिज की जानकारी मिली थी
