आगरा:तीन तलाक के मुद्दे सहित
शरीयत के कानूनों के प्रति मौजूदा हालातों में बनी हुई भ्रम की
स्थिति से मुस्लिमों
को उबारने के लिये ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ जागरूकता अभियान’ शुरू किया गया है।
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| पर्सनल लॉ जागरूकता अभियन पर चचा्ररत जमाअत नेता |
जमाअत इस्लामी हिन्द के तत्वावधान में इस अभियान की अर्गनाईजर श्रीमती फरमान शमसी
(प्राकाश नगर) ,डिप्टी आर्गनाईजर श्रीमती गुलनाज शम्सी ने यूथ हॉस्टिल
में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि मुस्लिम समाज
का एक बडा हिस्सा इस्लामी
पारवारिक कानूनों से अनभिज्ञ है।फलस्वरूप समुदाय में बहुत से लोग इन कानूनों का
उनके मूल रूप में पालन नहीं करते हैं। यही नहीं सामाजिक जागरूकता न होने से सवैधानिक न्यायिक व्यवस्था के तहत भी मुस्लिम
पर्सनल ला से संबधित वादों में इस्लामी शरीयत उसूलों के विपरीत निर्णय आते रहे
हैं। उच्च एवं उच्तम न्यायलयों से आने वाले ये निर्णय बाद में आने वाले वादों
के लिये कानूनी उद्हारण बन जाते हैं। सबसे बडी मुश्किल यह है कि विधायी संस्थायें
पर्सनल लॉ संबधित हस्ताक्षेपकरतीहैं साथ मीडिया भी इस प्रकार के मामलों में एक
तरफा छवि पेश करताहै।
अन्य धर्मों के सभी मतालंबी
जिस प्रकार अपने धर्मों की सटीक जानकारी नहीं रखपाते हैं,ठीक उसी से मिली जुली स्थिति
मुसलमानों में इस्लामिक उसूलों की गहराई से जानने को लेकर है। बस इसी गैप को पूरा
करने का लक्ष्य ‘मुस्लितम पर्सनल ला जागरूकता’ के माध्यम से किये जाने का है।जमाअत इस्लामी के शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद, जमाअत इस्लामी की आगरा-फीरोजाबाद इकाईयों के सैकेट्री
वहाब उद्दीन, अतीक अहमद आदि जमाअत नेता इस अवसर पर मौजूद थे।
इस अभियन के तहत जो कार्यक्रम
होने हैं , उनके तहत रविवार को जफर
साहब के बोदला स्थित मकान पर महिलओं का कार्यक्रम, यूथ हॉस्टिल संजय प्लेस मे मीडिया मीट हो चुकी है,जबकि अन्य कार्यक्रमों
में 23 अप्रैल को 09 बजे सांय खैराती टोला
ताजगंज में जलसा जिसमें मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड और शरीयत के कानूनो को समझाया
जायेगा।2 मई को दोपहर 2 बजे होटल जिज्ञासापैलेस में महिलओं का बडा जलसा आदि
कार्यक्रम तय किये गये हैं।
