भारत में शादियां इतनी खर्चीली होती जा रही हैं कि काफी लोग हमेशा के लिए कर्ज में डूब जाते हैं और बहुत से लोग जिंदगी की सारी कमाई शादी में झोंक देते हैं। लोग मानते हैं कि शादी ही ऐसा मौका है जिसके जरिये समाज में इमेज बनाई जा सकती है और रुतबा ऊँचा किया जा सकता है। कांग्रेस सांसद रणजीता रंजन भी लोकसभा में शादियों में फिजुलखर्ची पर लगाम लगाने का प्राइवेट बिल ला चुके हैं। किन्तु जम्मू कश्मीर सरकार पहल करते हुए इस कुप्रथा के लिए एक बिल लेकर आई है। इस बिल में कहा गया है कि शादियो में अधिकतम 500 लोगों को ही आमंत्रित किया जा सकेगा तो छोटे कार्यक्रमों में 100 से अधिक लोगों की उपस्थिती नहीं होगी। खाने के फ़िज़ूल खर्चे को कम करने के लिए इस बिल अनुसार सात से अधिक पकवान नहीं हो सकेगें तो दो स्टाल मीठे या फल के ही हो सकेगें। शादी के कार्ड के साथ ड्राई प्रुट या मिठाई देने में पाबंदी लगा दी गई है। खर्चे में रोकथाम के लिए लाऊडस्पीकर और पटाखों के इस्तेमाल पर भी पांबंदी लगा दी गई है। प्रदेश सरकार इस बिल को एक अप्रैल से लागू करने जा रही है।
