लखनऊ। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट कहता है कि धर्म ,जाति आदि को चुनावों से दूर रखना चाहिए। उधर उत्तर प्रदेश के चुनावों इसका खुलकर प्रयोग हो रहा है। मुस्लिम वोटों के लिए सारी पार्टियों में संघर्ष जारी है।मायावती की बसपा ने 36 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। उधर सपा और कांग्रेस के बीच भी मुस्लिम वोटों के लिए जबरदस्त खींच तान जारी है। काफी तादाद में मुस्लिम बीजेपी को भी वोट देना चाहते हैं। मायावती ने पहली सूची में 100 में 36 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी होना मुस्लिम समुदाए के लिए बहु महत्वपूर्ण बात है। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि मुसलमानों का वोट किसी भी सियासी समीकरण को बना और बिगाड़ सकता है। मायावती ने कहा कि बसपा जातिवादी वाली पार्टी नहीं है। उन्होंने कहा हमारी पार्टी में सभी वर्गों के लोगों को टिकट दिया जाता है। अब देखना यह है कि मुस्लिम वोट का रुख किस टर्फ होता है। इसके बंटने पर भाजपा को सीधा लाभ होगा।
