सपा से निष्काषित रामगोपाल यादव ने चुनाव आयोग से साइकिल के निशान की मांग की। उन्होंने कहा 90 प्रतिशत विधायक अखिलेश गुट के साथ हैं। इसलिए उनके गुट इस चिन्ह को दिया जाये और हमारे गुट को ही असली सपा के रूप में मान्यता दी जाये। मुलायम सिंह अब भी अखिलेश को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है अखिलेश रामगोपाल के अलावा किसी की बात नहीं सुनने को तैयार हैं। मुलायम सिंह यादव चुनाव आयोग के सम्मुख साइकिल के लिए पहले ही दावा प्रस्तुत कर चुके हैं। किन्तु बताया जाता है कि पार्टी के अधिकांश विधायक अखिलेश के साथ होने के कारण चुनाव आयोग के सामने मुश्किलें बढ़ गई हैं। बेहतर यही होगा कि सपा के बटवारे का फैसला चुनाव से पहले हो जाये। क्योंकि यदि सपा सत्ता में आती है यह झगड़ा प्रदेश के विकास में बाधा अवश्य उत्पन्न करेगा।
