नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक पार्टियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी दल जनता के धन और सरकारी मशीनरी का उपयोग करता है तो उसका चुनाव चिन्ह तक रद्द किया जा सकता है।आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन न करना आयोग के निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा और इस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी । तत्कालीन मायावती सरकार द्वारा सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग के लिए बहुजन समाज पार्टी पर आरोप है। इस कारण पार्टी का चुनाव चिन्ह 'हाथी' रद्द करने की मांग कोर्ट द्वारा की गई थी। चुनाव चिन्ह रद्द होना किसी भी पार्टी को बहुत महँगा पड़ सकता है।
