6 अक्टूबर 2016

‘ला- इलाज’ नहीं है आगरा में पानी का संकट

--जलस्त्रो तों की जानकारी देने वाली 'जल संकट निवारण' पुस्तक का विमोचन

जल संरक्षण  के अथक प्रयासों केे लिये सम्‍मानित किये गये
समाज सेवी विष्‍णू कपूर:फोटो असलम सलीमी

आगरा: यमुना नदी तटीय आगरा में व्या्प्त रहने वाले पीने के पानी के संकट पर हमेशा बहुत कुछ कहा जाता रहा है किन्तु इससे उबारने के विकल्पों के नाम पर बेहद खर्चीले उपायों को बताने के अलावा ज्यादातर खामोशी ही रही है। इस परिप्रेक्ष्य में हाल में प्रकाशित पुस्तक 'जल संकट निवारण' एक महत्वपूर्ण  तथ्यात्मक दस्ताबेज है। प्रख्यात समाज सेवी श्री विष्णूा कपूर की इस किताब में उन सभी स्थल और माध्य्मों की जानकारी दी गयी है जो कि कभी आगरा को पानी से भरपूर रखने में अहम भूमिका रखते थे।

बाईपास रोड स्थि त साकेत मॉल में पुस्तखक के विमोचन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए श्रीकपूर ने कहा कि अगर सब जल संरक्षणके लिये कमर कस लें तो जल संकट को सहजता के साथ समाप्ते किया जा सकता है किन्तुर इसके लिये पानी की एक एक बूंद के महत्वप को समझना होगा। श्री कपूर ने कहा कि पानी के गैर जरूरी खर्च के अलावा वर्षा जल की एक एक बूंद को समेट कर रखना होगा और भूगर्भजल के रिचार्ज के लिये प्रचलित व्यवस्थायें अपनानी होंगी।

श्री कपूर ने कहा कि आगरा में वर्षाजल को सुरक्षित रखने का पुराना संचय तंत्र मौजूद है, बस इसमें समय के साथ आ गयी खामियों को दूर करने की जरूरत है।

प्रकाशित पुस्‍तक जलसंकट  निवारण
:फोटो असल मसलीमी

श्री कपूर ने सूर सरोवर से बन विभाग के द्वारा डिस्चाोर्ज करवाये जाने वाले पानी को सूर सरोवर लोअर लेक के रूप में यमुना नदी के जल किल्लत वाले दिनों के लिये संचय कर रखने, जोधपुर झाल जलाशय और जगनेर के बधियों श्रंखला को आगरा को जलसंकट से उबारने के लिये पुन: सुचारू करना आज की सबसे बडी सामायिक आवश्यक्ता बताया।

इस अवसर पर उपस्थिरत ताज सिटी के सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों के द्वारा जल संचयन के अभियान में लगे श्री कपूर एवं उनके इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देते रहने वाली पत्नीे श्रीमती प्रमिला कपूर का सार्वजनिक अभिनंन्दन,श्री कपूर के अभियान में अपने कैमरे के साथ हमकदम रहे,वरिष्‍ठ फोटो जर्नलिस्‍ट असलम सलीमी काेे सम्‍मानित किया । अखिल भारतीय महिला परिषद सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका प्रयास आगरा के लिये अत्यंमत महत्वापूर्ण है। डा अजित माथुर और डा अशोक शर्मा ने कहा कि वाटरहार्वेस्टिंतग सोसायटी आफ इंडिया के माध्याम से उन्हों ने अपने अस्पयतालो और घरों में रेन वसटर हार्वेस्टिं ग करवायी है.जिससे न केवल जलस्तेर में ही सुधार हुआ है अपितु भू गर्भित जल की की गुणवत्ता भी उच्चीकृत हुई है।

पांडेचेरी से आयीं श्रीमती नलनी कामरा ने कहा कि आगरा की पानी की समस्या नई नहीं है किन्तु ऐसी भी नहीं है जिस में प्रयास करने पर समाधान नहीं हो सके। मुख्यतिथि के रूप  में जे सी बत्रा, डा अजित माथुर, नरेशसूद, संजय श्रीवास्तयव, भुवनेश श्रोत्रिय, अमित खत्री, डा नीलिमां आनंन्द, आदि वक्ताओंने भी विचार व्ययक्त किये जबकि कार्यक्रम का संचालन गौतम सेठ के द्वारा किया गया।