13 अक्टूबर 2016

बलूचिस्ताकन की आजादी कीं मांगको लेकर तीन दिनी प्रदर्शन शुरू हुए

नई दिल्ली: बलूच नेताओं को भारत में राजनैतिक शरण दिये जाने को लेकर पाकिस्तान बेहद
आजाद करो बलूचिस्‍तान 
पशोपेश में है और उसका विदेश विभाग अपने सामने आ खडी हुई इस चुनौती के आगे लगभग बेदम है। प्राप्तजानकरीके अनुसार बलूचिस्तान के नेता दिल्ली को अपने लिये सबसे मुफिद जगह मान रहे हैं और मीडिया की प्रभावी मौजूदगी उनके आकर्षण का सबसे बडा कारण है। नई दिल्ली के लिये अपने आप में यही पर्याप्त है कि कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ दुनियाभर में जहर उगल रहे पाकिस्तान बलूची आये दिन उसके अपने उस आंतरिक झगडे की याद दिला देते हैं जो कि कभी भी पाकिस्तान के एक बार फिर से टूटने का गंभीर कारण बन सकता है।

उधर पाक और चीन के सहयोग से बलूचिस्तान में बन रहे आर्थिक गलियारे और गिलगित बाल्टिस्तान में चल रहे आतंकी शिविरों को लेकर विरोध प्रदर्शन का सिलसिला तेज गया है हो।  इस मुद्दे को लेकर बलूचिस्तानियों ने दुनियाभर में मौहर्रम से तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू किया है। कैनाडा में सबसे प्रभावी प्रदर्शन हुआ। 

उधर बलोच फ्रीडम मूवमेंट से जुड़ी हुई नाएला बलोच ने कहा है कि शांति पूर्वक तरीके से अगर हम प्रदर्शन करते रहेंगे तो पाकिस्तान कभी मानने वाला नही है। केवल भारत के कब्जाये हुए भाग में ही नहीं समूचे पाकिस्तान को एक सर्जिकल प्रक्रिया से गुजारने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शासन करने वाले हुक्मरान शांति पूर्वक प्रदर्शन करने को कुछ नहीं मानते हैं। साथ ही वो लोकतंत्र और मानवाधिकार में भी भरोसा नहीं करते रखते हैं। नाएला ने कहा कि अगर पाकिस्तान और बलूचिस्तान के मामलेमें विदेशी ताकते दखन