कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा का भाजपा में जाना तय सा लग रहा है और इसकी चर्चाएं जोरों पर हैं। वह लखनऊ छावनी से कांग्रेस की विधायक हैं। उनका कांग्रेस से जाना पार्टी को काफी भारी पड़ सकता है। ब्राह्मण वोट बैंक पर दुबारा पकड़ करने के लिए दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को लखनऊ लाया गया था। कांग्रेस चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर शीला दीक्षित के आने से ब्राह्मण वोटों की आशाएं काफी बढ़ गई थीं। किन्तु रीता बहुगुणा के पार्टी छोड़ने से प्रशांत किशोर की ब्राह्मण वोट बैंक रणनीति पर फिर से लग सकता है झटका। हांलांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का फिर से स्थान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
