14 अगस्त 2016

युवा चिंतक सुनीत ने शुरू की साधू –महात्माओं पर एक नई खुली बहस

कई प्रकाशनों के बाद यू टयूब पर स्‍वयं जनमनस से मुखातिब


आगरा: भारतीय अध्‍यात्‍म को मौजूदा सामाजिक व्‍यवस्‍था शुचिता से जोडने को संकल्‍पित  युवा
(अब आडियो -वीडियों संस्‍करण यू ट्यूब परभी)
चिंतक सुनीत गौस्‍वामी का पहला आडियो –वीडियो संदेश यू ट्यूब पर अपलोड कर दिया गया। उनके प्रशंसकों द्वारा इसके लिये काफी समय से आग्रह किया जा रहा था। पाखंड और धर्म के नाम पर
जनमानस को भावनात्‍मक और आर्थिक शोषण से बचाये जाने को की जा रही कोशिशों में ही  एक के रूप में मेरे प्रयास को देखा जाये यह कहना है स्‍वंय श्री गौस्‍वामी का । उनका कहना है कि वह पूर्व में कई किताबे आम जनता की अध्‍यात्‍मिक मनोस्‍थिति को लेकर लिख चुके हैं। इन्‍हीं में से एक आपकी सफलता के अवरोधक भी एक है। जिसे काफी पसद किया गया और इसी की विषय वस्‍तु आपकी सफलता के अवरोधक साधु महात्मा इस आडियों वीडियों के you tube संस्‍करण में समाहित है।
श्री गौस्‍वामी का कहना है कि 2 अगस्‍त को अपलोड करने की औपचारिकता के बाद से इसे देखने और सुनने वालों की संख्‍या में तेजी के साथ बढोत्‍तरी हो रही है, यही उनकी रचनाधर्मिता का मुख्‍य मकसद था। काश उनकी बात वे साधू महात्‍मा भी सुन व देख सकें जिनके बारे मे उन्‍होंने लिखा और कहा  है।सुनीत मानते है कि विचार व्‍यक्‍ति की मौलिक बौद्धिक संपदा है। जब तक ये स्‍वयं तक सीमित रहें तब
तक इनको लेकर किसी को कुछ भी कहने या सुनने का कोई अधिकार नहीं है किन्‍तु जब इनको समाज और जनमानस के बीच प्रचारित कर
(सुनीत गौस्‍वामी)
प्रभावित करने की कोशिश हो तो समाज शास्‍त्रियों और विश्‍लेषकों की भूमिका स्‍वत: ही शुरू हो जाती है। मै मानता हूं कि आने वाला वक्‍त मुझे भी कई सावालों का जबाब देने के लिये बाध्‍य करने वाला होगा किन्‍तु फिलहाल एक आस्‍तिक के रूप में ईश्‍वर से यही प्रार्थना है वह मुझे सत्‍य कहने तथा बहस करने आने वालों को सत्‍य समझने की क्षमता दे।फिलहाल तो आगरा के गोकुलपुरा कंसगेट निवासी सुनीतभाई को उनकी
 यू ट्यूब से ही सहज समझा व जाना जा सकता है।