14 अगस्त 2016

‘अभिभूत कर देने वाले है आजादी की संघर्ष गाथाओं वाले अभिलेख’

जश्‍ने आजादी में आगरा क्षेत्र का योगदान 'तीन दिवसीय आगरा कॉलेज में आयोजन
(आगरा कॉलेज के प्रचार्य प्रो नरेन्‍द्र सिह नें किया आजादीमें
आगरा का योगदान प्रदर्शनी का उद्घाटन। साथमें हैं क्षेत्र
अभिलेख अधिकारी रमेशचन्‍द्र--फोटो: असलम सलीमी)


आगरा: आजादी हमारे देश की सबसे बडी उपलब्‍धि है,इसके इसे हांसिल करने के लिये हमारी पूर्व पीढियों क्‍या जज्‍बा और समर्पण रहा था,इसका अहसास उन अभिलेखों से होता है जो कि साक्ष्‍यों के रूप में हमारे अभिलेखागारों में संजोकर रखे हुए हैं यह कहना है आगरा कालेज के प्राचार्य प्रो. नरेन्‍द्र सिंह का जो कि कॉलेज के प्राध्‍यापक हॉल में लगी जश्‍न ए आजादी में आगरा का योगदान प्रदर्शनी का स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर उद्घाटन कर
रहे थे।
प्रो नरेन्‍द्र सिंह ने कहा ये साक्ष्‍य हमारे अतीत का आयना हैं, जो कि न केवल हमें अपनी स्‍वतंत्रता के प्रतिजजबाती बनाते हैं साथ ही देश की प्रगति के लिये हाने वाली कोशिशों के प्रति प्रतिबद्ध करतें हैं।उन्‍होंने उम्‍मीद जतायी कि आने वाले समय में  प्रदर्शनी के इस आयोजन के समान ही विद्यार्थियों को बौद्धिक परपक्‍वता देने वाली सांस्‍कृतिक गतविधियों निरंतर आयोजन होना जारी रहेगा।पूर्व में क्षेत्रीय अभिलेख अधिकारी रमेश चन्‍द्र ने कॉलेज प्रचार्य और फैकल्‍टी सदस्‍यों का स्‍वागत करते हुए बताया कि क्षेत्र अभिलेखागार शिक्षाशास्‍त्रियों और क्षात्रों को अध्‍ययन के लियेमहत्‍वपूर्ण स्‍थल है।उम्‍मीद है कि इस प्रदर्शनी से शोधार्थियों व सामान्‍य क्षात्रों को क्षेत्राअभिलखागार आने को प्रेरणा मिलेगी।
श्री रमेश चन्‍द्र ने कहा कि जनसामान्‍य के साथ ही स्‍वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिये यह प्रदर्शनी खास महत्‍वपूर्ण है जिसमें वे अपने परिवार के उन बुजुर्गों के आजादी में रहे योगदान से संबधित साक्ष्‍यों से रू ब रू हो सकेंगे । उन्‍हों ने कहा कि प्रदर्शनी में 24 प्रदर्श प्रदर्शित हैं, इनमें गांधी जी के द्वारा आगरा में 1920 में दिया गये भाषण, 1905 में विदेशी वस्‍तुओं के आगरामें हुए बहिष्‍कार की रिपोर्ट आदि भी शामिल हैं। 1940 से 45 के बीच स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौरान पकडे गये स्‍वतंत्रता सेनानियों की सूची आदि व्‍यापक रुचि के डौक्‍यूमेंट शामिल हैं। जल अधिकार फाऊंडेशन श्री अवधेश कुमार उपाध्‍याय ने कहा कि निश्‍चित रूप से यह प्रदर्शनी आज की पीढी को उस अतीत का स्‍मरण करवाती जो उन संघर्ष गाथाओंसे भरा हुआ है जिनसे हमें आजादभारत में सांस लेना संभव हो सका है।

क्षेत्रीय अभिलेखागार के द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 15 और 16 अगस्‍त को भी प्रात: 10.30 बजे से सांय 4 बजे तक खुलीरहेगी।