--ग्राहकों की अपेक्षा के अनुरूप नया लुक देने कोशिश
![]() |
| (आफीसर्स च्वाइस: अबनयेडिजायन पैकों में) |
फरीदाबाद,:इंटरनेशनल ट्रैंड और समय
के साथ कस्टमर की बदलती अभिरुचियों को दष्टिगत भारत की सबसे बड़ी घरेलू शराब कंपनी, एलाइड ब्लेंडर्स एण्ड डिस्टिलर्स
(एबीडी), ने इस सप्ताह अपने
प्रमुख ब्रांड्स-ऑफिसर्स च्वॉइस और ऑफिसर्स च्वॉइस ब्लू के लिए नई आकर्षक पैकेजिंग
डिजाइनों का अनावरण किया।
समसामयकि नई
डिजाइनों का लक्ष्य ब्रांड पहचान के साथ तालमेल बिठाना; सौंदर्य, आकर्षण
और दृश्यता में सुधार करना है। आफिसर्स च्वॉइस
को अद्भुत सफेद, लाल और गोल्ड लुक दिया गया है और इसी तरह
आॅफिसर्स च्वाॅइस ब्लू में ब्लू एवं गोल्ड के स्वच्छ एवं मिनिमल डिजाइन सौंदर्य को
पेश किया गया है।
इस अवसर पर श्री
अहमद रहिमतुल्ला, मार्केटिंग प्रमुख-एलाइड ब्लेंडर्स एण्ड
डिस्टिलर्स ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘एबीडी
हमेशा से ग्राहकों की जरूरतों और आकांक्षाओं के साथ कदमताल करता आया है।
पिछले कुछ वर्षों से
एबीडी ने उद्योग के विकास को पीछे छोड़ दिया है। बीते 3 साल से कंपनी 20 प्रतिशत
की सीएजीआर दर से आगे बढ़ रही है जबकि उद्योग की विकास दर महज 6 प्रतिशत है। आफिसर्स च्वाॅइस व्हिस्की- दुनिया का
सबसे अधिक बिकने वाला व्हिस्की ब्रांड, ने
वित्त वर्ष 2015 में 26 मिलियन
केसेस की बिक्री दर्ज की। जबकि इसके 4 वर्ष
पुराने प्रीमियम वैरिएंट, आॅफिसर्स च्वाॅइस ब्लू ने इसी अवधि में 8 मिलियन केसेस की बिक्री हासिल की।
एलाइड ब्लेंडर्स
एण्ड डिस्टिलर्स प्रा. लि. के विषय में:
एलाइड ब्लेंडर्स
एण्ड डिस्टिलर्स प्रा. लि. किशोर छाबड़िया द्वारा प्रवर्तित कंपनी है। इसका प्रमुख
ब्रांड आॅफिसर्स च्वाॅइस व्हिस्की ब्रांड है। अन्य प्रसिद्ध ब्रांडों में आॅफिसर्स
च्वाॅइस ब्लू व्हिस्की, आफिसर्स च्वाॅइस ब्लैक व्हिस्की, क्लास 21 ग्रेन
वोदका और वोदका गोर्बाच्योव (जर्मनी का नं. 1 वोदका), जाॅली रोजर प्रीमियम रम, लाॅर्ड एण्ड मास्टर ब्रांडी, यराॅन प्रीमियम ब्रांडी शामिल हैं। 2015-16 में, एबीडी
भारत की तीसरी सबसे बड़ी शराब कंपनी रही और इस अवधि में एबीडी ने 36 मिलियन पैक की बिक्री की। पिछले तीन वर्षों में
यह 20 प्रतिशत की सीएजीआर दर से बढ़ रही है और भारत में
सबसे तेजी से आगे बढ़ती शराब कंपनी बन गई है। एबीडी के पास मजबूत देशव्यापी बिक्री
एवं वितरण नेटवर्क और राष्ट्रीय स्तर का उत्पादन आधार उपलब्ध है, जिसमें देश के 22 राज्यों
में 15 बिक्री कार्यालयों सहित 44 विनिर्माण/बाॅटलिंग इकाईयां शामिल हैं।
