--पंजाब ऐसेम्बली में बैन लगाये जाने के लिये पेश किया जा चुका है प्रस्ताव
नई दिल्ली: पाकिस्तान अपने इलैक्ट्रानिक मीडिया से तो परेशान
है ही अब न्यूज बुलैटिनों के अलावा बच्चों के लिये प्रसारित होने वाले डोरेमौन जैसे
बच्चों के लोकप्रिय कार्यक्रम भी उसे गलत
लग रहे हैं। पाकिस्तान
तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने इस बुधवार को पंजाब असेंबली में एक प्रस्ताव पेश किया है
जिसमें बच्चों के फेवरेट डोरेमॉन कार्टून को बैन करने की मांग की गई है, और कहा गया है कि इस कार्टून सीरिज से बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है
इसलिए इसे बैन कर दिया
जाए।
प्रस्ताव में पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी से
आग्रह किया है कि कार्टून चैनलों को बैन किया जाए और डोरेमॉन को खासतौर पर बैन
किया जाए या कार्टून चैनलों के घंटों को कम दिया जाए।
रिजोल्यूशन में कहा गया है कि 24 घंटे कार्टून चौनलों का प्रसारित होना न केवल बच्चों को
शारीरिक नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर डाल रहा है
इसलिए या तो इस कार्टून को बैन कर दिया जाए या फिर
कार्टून चैनलों की समय सीमा सीमित कर दी जाए।
उल्लेखनीय है कि डोरेमॉन जापान की एक कार्टून
सीरीज है। डोरेमॉन
जापान के फुजिको एफ फुजिओ द्वारा बनाई गई एक जापानी कार्टून सीरीज है।यह एक
रोबोटिक बिल्ले की कहानी है, जिसका नाम डोरेमॉन है। यह
स्कूली बच्चे नोबिता की मदद करता है। डोरेमॉन सीरीज पहली बार 1969 में एक साथ छह मैगजीन में पब्लिश हुआ था। इसमें कुल 1344 कहानियां हैं।
