--हनीफ की भारतीय क्रिकेट गतविधियों में ताजिंदगी दिलचस्पी बनी रही
मुम्बई:पाकिस्तान के पूर्व टैस्ट स्टार हनीफ मौहम्मद का निधन हो गया। करॉची के आगा खां
हॉस्पिटल में
भर्ती हनीफ को फेफड़ों का कैंसर था। जुलाई के आखिरी हफ्ते में सांस लेने
में हो रही दिक्कत के कारण उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था।
![]() |
| (हनीफ मौहम्मद) |
लंग्स
कैंसर का पता उन्हें तीन साल पूर्व ही लगा था।हनीफ मौहम्मद को दुनियां का
पहला लिटल मास्टर कहा जाता है। हनीफ मौहम्मद का नाम भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट
के रिश्तों के लिये खास चर्चित रहता आया है। उन्होंने अपने टैस्ट क्रिकेट कैरियर
की शुरूआत पाकिस्तान से भारत आयी पहली क्रेकेट टीम के सबसे कम सदस्य के रूप में की
थी। इस सीरिज का एक मैच लखनऊ में भी हुआ था ,जिसका सबसे बउा आकर्षण अपनी कम उम
होने के कारण हनीफ मोहम्मद ही थे।हनीफ को क्रिकेट खलने के गुर अब्दुल अजीज ने ही
सिखाये थे ,जो कि भारतीय टैस्ट स्टार रहे सलीम दुर्रानी
के पिता थे। हनीफ को भारत में उनकी मां अमीर बी के कारण खास पहचान मिलती रही थी जो
कि अविभाजित भारत की महिला बैडमिटन स्टार थीं। हनीफ के बेटे और क्रिकेटर शोएब
मोहम्मद के अनुसार उनके पिता को 2013 में फेफड़े का कैंसर का पता चला।
- उन्होंने लंदन में
सर्जरी और ट्रीटमेंट भी करवाया।
- उन्होंने लंदन में
सर्जरी और ट्रीटमेंट भी करवाया।
- हनीफ 1954-55 में भारत के पहले दौरे पर आई
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के मेंबर थे।
- 1957-58 में उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में 970 मिनट तक बैटिंग की और 337 रन बनाए। यह 40 साल तक टेस्ट हिस्ट्री की सबसे
लंबी इनिंग रही। हनीफ ने 55 टेस्ट मैच खेले और 3915 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 12 सेन्चुरी और 15 हाफ सेन्चुरी लगाई।फर्स्ट क्लास
क्रिकेट के 238 मैच में उन्होंने 17059 रन बनाए और 55 सेन्चुरी, 66 हाफ सेन्चुरी लगाई। 499 रन उनका हाइएस्ट स्कोर रहा।फर्स्ट
क्लास क्रिकेट में उन्होंने विकेटकीपिंग भी की और 12 स्टम्प किए। हनीफ की बैटिंग टेक्नीक काफी मजबूत थी। वे हवा में शॉट लगाने
की बजाय ग्राउंड बेस्ड ज्यादा शॉट लगाते थे।
-पूरे टेस्ट क्रिकेटर में उन्होंने सिर्फ 2 छक्के लगाए।
-पूरे टेस्ट क्रिकेटर में उन्होंने सिर्फ 2 छक्के लगाए।
