--पांच पैनल्टी कॉर्नरों में से एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सका भारत
नई दिल्ली: रियो
गये भारतीय खिलाडियों के दल के मौडिलों के साथ लाध्ेटने की आशा अब बहुत ही
क्षीण रह
गयी है। भारत को उस समय भारी धक्का लगा जबकि देश की हॉकी टीम नीदरलैंछ से मात खा गयी।रियो
ओलिंपिक में अपने दूसरे पूल मैच में अर्जेंटीना को हराने के बाद जोश से भरपूर
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपना चौथा लीग मैच नीदरलैंड से खेला. डच टीम ने भारत को 2-1 से हरा दिया.
भारत को अंतिम सेकेंड में पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह
स्कोर बराबर नहीं कर पाई. ओलिंपिक इतिहास में पहली बार हॉकी में 15-15 मिनट के चार
क्वार्टर रखे गए हैं. भारत
के एसके उथप्पा ने अपना 100वां इंटरनेशनल मैच खेला. तीसरे क्वार्टर के अंतिम और चौथे क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में भारत को 9 खिलाड़ियों से खेलना पड़ा, क्योंकि फाउल पर अंपायर ने सुनील और वीआर रघुनाथ को यलो कार्ड दिखा दिया था.।
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| (ऑलम्पिक मैडिल अब दूर की कौडी) |
के एसके उथप्पा ने अपना 100वां इंटरनेशनल मैच खेला. तीसरे क्वार्टर के अंतिम और चौथे क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में भारत को 9 खिलाड़ियों से खेलना पड़ा, क्योंकि फाउल पर अंपायर ने सुनील और वीआर रघुनाथ को यलो कार्ड दिखा दिया था.।
चौथे क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में
भारतीय टीम 9 खिलाड़ियों के साथ उतरी और तीसरे मिनट में डच टीम को दूसरा
पेनल्टी कॉर्नर दे दिया. वास्तव में तीसरे क्वार्टर के अंतिम समय में दो
खिलाड़ियों के यलो कार्ड का दंड चौथे में भी कुछ मिनटों तक जारी रहा. हालांकि
श्रीजेश ने डाइव मारते हुए गेंद रोक ली और गोल नहीं हुआ और स्कोर 1-1 ही रहा, लेकिन डच टीम
लगातार हमले करती रही. नीदरलैंड को अंतिम 8 मिनट में एक
और पेनल्टी कॉर्नर मिल गया. भारतीय खिलाड़ी से डी के भीतर दूसरा फाउल हुआ और डच को
तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिल गया, पर गोल नहीं
कर पाए. डच ने हमले जारी रखे और अंतिम 7वें मिनट में
एक और पेनल्टी कॉर्नर ले लिया. इस बार श्रीजेश नही बचा पाए और वान डेर वीरडेन मिंक
ने गोल कर दिया और डच को मुकाबले में 2-1 से आगे कर
दिया.
डच टीम ने भारतीय खिलाड़ियों को डी के भीतर
कोई मौका नहीं दिया, फिर भी भारत
ने शानदार मूव बनाते एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया, लेकिन डच गोली
ने बचा लिया. अंतिम 50 सेकेंड में
भारत ने कई हमले किए, लेकिन गोल का
मौका नहीं बना पाए. इसके बाद 6वें सेंकेड
में डच टीम ने गलती कर दी और वीडियो रेफरल में अंपायर ने पेनल्टी कॉर्नर दे दिया, गोल तो नहीं
हुआ, लेकिन अंपायर ने वीडियो रेफरल लिया और भारत को एक और पेनल्टी
कॉर्नर मिल गया. इस शॉट पर भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिल गया. एक बार फिर
पेनल्टी कॉर्नर भारत को मिल गया..लगातार चौथा और फिर पांचवां भी...लेकिन भारत
फायदा नहीं उठा पाया और हार गया। अभी भारतको शुक्रवार को कैनाडा के साथ भी एक पूल मैच
खेलना है किन्तु इससे मैडिल टैली से बनचुकी दूरी पर खास असर पडता नहीं माना जा रहा।
