3 अगस्त 2016

जापान के नियंत्रण वाले समुद्र में दागी मिसाइलें

--अमेरिका ने की उत्‍तर कोरिया की कडी आलोचना

सोल : अपनी उटमी और दूरतक मारकर सकने वाली मिसाइली टैक्‍नेलाजी के बूते दबंगाई करने पर
(बैलास्‍टिक मिसाइल:फााइल फोटो)
आादा
उत्तर कोरिया ने सीधे जापान के नियंत्रण वाले जलक्षेत्र में एक बैलेस्टिक मिसाइल दाग कर दुनियां भर की उन ताकतों को भी सकते में डाल दिया है, जो कि अब तक अमेरिका के विरोध के नाम पर किसी न किसी रूप में उसके था खडी दिखती रही हैं। इस हमले पर टोक्‍यों ने कड़ी प्रतिक्रिया देकर उसके कदम को तनाव बढोत्‍तरी वाला करार दिया है। अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया के साथ उसका तनाव और बढ़ गया। अमेरिकी सेना के एक प्रवक्‍ता के अनुसार उत्तर कोरिया ने असल में एक साथ मध्यम दूरी की दो रोडांग मिसाइलें दागीं लेकिन ऐसा लगता है कि एक मिसाइल में उड़ान के समय विस्फोट हो गया।
 मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया
में एक अत्याधुनिक अमेरिकी मिसाइल रोधी प्रणाली की प्रस्तावित तैनाती पर भौतिक कार्रवाई की धमकी दी थी। इसके अलावा कुछ हफ्तों में दक्षिण कोरिया और अमेरिका का संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास शुरू होना है। 
 जापान ने कहा कि एक मिसाइल जापान के उत्तरी तट से करीब 250 किलोमीटर दूर जापान सागर में देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर जाकर गिरी।

  उम्‍मीदो के अनुसार अमेरिका ने इसकी निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों का साफ उल्लंघन बताया, जिनमें उत्तर कोरिया पर बैलेस्टिक मिसाइल तकनीक के उपयोग पर पाबंदी लगाई गई है। पेंटागन प्रवक्ता गैरी रोज ने कहा, इस उकसावे से उत्तर कोरिया की प्रतिबंधित क्रियाकलापों के जवाब में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता में बढोत्तरी होगी।