आगरा के पागल खाने में काफी तादाद में लोग ऐसे हैं जो मानसिक रूप से पीड़ित नहीं हैं फिर भी उन्हें वहां रख जा रहा है। कई मामलों में ऐसे बहुत से लोग पागलखाने में हैं जिसमें उनके रिश्तेदार उनके मानसिक बीमारी के बहाने उनकी संपत्ति पर कब्जा कर सकें। बहुत सी ऐसी महिलाएं वहां हैं जो मानसिक रूप से ठीक हैं किन्तु उनके पतियों ने दूसरी शादी करने के लिए उनको जबरन पागल डिक्लेयर कर वहां डलवाया हुआ हैं। ये कम पड़ी लिखी और आर्थिक रुप से टूटी महिलाएं अंदर रहने में मज़बूर हैं। कोई सहारा नहीं है इन्हें। सामाजिक कार्यकर्त्ता गौरव कुमार बंसल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की है कि इसकी जाँच हो और जो लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं उन्हें आम लोगों की तरह जीवन देने में सरकार सहायता करे।
