--फाउंडेशन 50 हजार रूपये देती थी इस्लाम में शामिल होने वालों को
नई
दिल्ली : विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक ने खुद को मीडिया ट्रायल का शिकार
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| (जरकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाडेशन काार्यालय पर बनीहुई है पुलिस की कडी निगरानी।) |
होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत लौटने और सरकारी एजेंसियों के सभी
सवालों का जवाब देने के लिए मैं तैयार हूं। लेकिन में यहां सिर्फ इसलिए नहीं
लौटूंगा, क्योंकि
मीडिया चाहता है कि मुझसे पूछताछ की जाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नाईक ने अपने
ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मैंने कभी आतंकवाद का समर्थन नहीं किया और
कभी करूंगा। कुरान का हवाला देते हुए बोले कि जो किसी बेगुनाह की हत्या करता है,
वह पूरी मानवता की हत्या करता है। ढाका हमले के बाद पहली बार किसी
टीवी इंटरव्यू में नाईक ने खुद को मीडिया ट्रायल का शिकार बताया। उन्होंने कहा
कि
अब तक किसी सरकारी एजेंसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया, ही
पूछताछ की।
मुम्बछईरूइस्लाकम
धर्म के उपदेशक जाकिर नाइक को स्थोपित करने में भले ही मीडिया का बडा हाथ रहा हो
किन्तुु वर्तमान में वह मीडिया से बेहद खौफजदा हैं।हाल में ही वह अपने एक
इंटरव्यूइ में कह चुके हैं कि सरकारी एजेंसियों से तो बात कर उनके प्रश्नों का जबाव
देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं हैं किन्तुर मीडिया के मामले में उनका बना
रवैया पूर्व वत ही कायम है।वह कह रहे हैं कि भारत में मीडिया की मनमर्जी और स्वच्छंैदता
कभी कभी दिशाहीनता की स्थिूति डत्पैन्नर कर देती है,।
श्री नाइक मानते हैं कि ऐसा ही उनके साथ हुआ है
ओर वह मीडिया ट्रायल का शिकार हो गये हैं।
प्राप्त उजानकारी के अनुसार नाईक ने अपने
ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मैंने कभी आतंकवाद का समर्थन नहीं किया और
कभी करूंगा। कुरान का हवाला देते हुए बोले कि जो किसी बेगुनाह की हत्या करता है, वह पूरी मानवता की हत्या करता
है। ढाका हमले के बाद पहली बार किसी टीवी इंटरव्यू में नाईक ने खुद को मीडिया
ट्रायल का शिकार बताया। उन्होंने कहा कि अब तक किसी सरकारी एजेंसी ने मुझसे संपर्क
नहीं किया, ही पूछताछ की।
उधर
अन्यह रिपोर्टों के अनुसार जाकिर नाईक के धर्मांतरण के प्रयासों मे संलिप्तए होने
के आरोपों में नऐ खुलासे हुए हैं। जिनमें से एक के अनुसार जाकिर नाईक की संस्था
इस्लामिल रिसर्च फाउंडेशन पचास हजार रुपये कैश देकर धर्म परिवर्तन करवाती थी। यही
नहीं जाकिर का फाउंडेशन धर्मांतरण के एक बड़े अड्डे के रूप में काम कर रहा था.
जाकिर नाईक के फाउंडेशन पर 800 लोगों के धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगा है.
आरोप
है कि जाकिर के करीबी आर्शी कुरैशी और रिजवान मिल कर धर्मान्तरण का काम करते थे.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जाकिर नाईक के भाषणों से प्रभावित लोग जब आईआरएफ से धर्म
परिवर्तन के लिए संपर्क करते थे. उस वक्त आर्शी कुरैशी उन्हें मुंबई बुलाता था.
रिजवान उन्हें मुंबई से पहले पनवेल स्टेशन पर उतार लेता था.
रिजवान
मौलवी की तरह काम करता था। उनके ठहरने-खाने-पीने का इंतजाम करता था. साथ ही उनकी
शादी और धर्मान्तरण से जुड़े कागजातों के इंतजाम का जिम्मा भी रिजवान पर था। इसके
बाद रिजवान इस पूरे काम का बिल आर्शी को भेज देता था. आर्शी जाकिर नाईक के
फाउंडेशन से पमेंट करवाता था.
एक
अनय खुलासे के अनुसार धर्मांतरण के लिए
जाकिर नाईक के फाउंडेशन को सऊदी अरब से फंडिंग होती थी अब पुलिस उपलब्धु हुए तथ्योंि के आधार पर जांच
कर रही है कि क्या धर्मान्तरण के बाद इनलोगों को आईएस में शामिल होने सीरिया भी
भेजा जाता था.
इन
लोगों पर केरल की एक महिला मरियम का धर्म परिवर्तन करवाकर आईएसआईएस के लिए सीरिया
भिजवाने का भी आरोप है।
