डिफेंस के नाम पर चलती रही राजनीति को उजागर करने का होगा प्रयास
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| मिग 29 ,सी-130 जे हरक्यूलिस |
आगरा: भारतीय वायुसेना की एयर कवर और एयर कॉरीडोर पॉलिसी क्या है ?, आम जनता को सहजता के साथ सुलभ करवाये जाने के उपयुक्त ‘अनक्लासीफाइड ‘ जानकारी’ उपलब्ध करवाने के लिये रक्षा सचिव को ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट आगरा डिर्जब इट्स ‘जागो आगरा जागो’ अभियान की ओर से एक पत्र लिखा गया है। पत्र में जानकारी मांगी गयी है कि आगरा में डिफेंस की एयर कवर पॉलिसी के तहत अगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं बन सकता तो फिर जैबर (जिला बुंलदशहर) में किस अधार पर अनुमति दिये जाने के प्रार्थनापत्र पर विचार किया जा रहा हे । क्यों कि जैबर से वायुसेना के हिंडन एयरपोर्ट की एरियल दूरी महज 60 कि मी है,और प्रगट तथ्यात्मक जानकारियों के अनुसार इसकी सेंस्टविटी अब आगरा एयरबेस जैसी ही है।गौतम बुद्ध नगर के एक राजनीतिज्ञ अपनी इलाकाई सोच की राजनीति के तहत यहां ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनवये जाने को भारत सरकार में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। लगता है कि सत्तादल से जुडे इन महानुभाव को अपनी सीट की सुरक्षा देश की सुरक्षा से कही जरूरी लग रही है।
अभियान के कॉर्डीनेटर श्री अनिल शर्मा ने कहा है कि यह पत्र उन्हों ने नहीं, बल्कि आगरा में इटरनेशनल एयरपोर्ट बनाये जाने के दिल्ली में सक्रिय लॉबिस्ट की ओर से लिखा गया है, इससे ज्यादा फिलहाल वह कुछ और कहने की स्थिति में नहीं हैं।संभवत: पत्र लिखने वालों का मकसद यह रहा है कि एयर फोर्स स्टेशन की सुरक्षा के नाम प्रचारित चर्चाओं के आधार पर आगरा के हितों के विरुद्ध किये जा रहे प्रयासो को बेअसर किया जा सके।
उधर अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पत्र में जैबर हवाई पटटी के रुख,प्रस्तावित एयरपोर्ट के कॉरीडोर आदि के मामले भी उठाये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि वायू सेना का हिंडन एयरपोर्ट युद्ध और आपदा प्रबंधन के मौकों पर लॉजिस्टिक एयरलिफ्ट को दृष्टिगत अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिसप्रकार आगरा की पहचान उसके गजराजों के ( आई एल 76-स्क्वर्डन) के कारण खास है, वहीं हिंडन एयर बेस सी-130 जे हरक्युलिस टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की मौजूदगी के कारण खास है।वैसे 29/11में मुम्बई में हुए आतंकवादी हमले के बाद से वायू सेना के तेजतरार सजग प्रहरी ‘मिग 29 का बेस भी बना हुआ है। यही नहीं यह एयरुील्ड वायूसेना के उन चुनींदा एयरफील्डों में मुख्य है जिन्हें रक्षा मंत्रालय के 2009 में शुरू हुए ‘मार्डनाजेशन आफ एयरुील्ड इन्फ्रास्ट्रैक्चर (एम ए एु आई)’ जैसे महत्वकांक्षी कार्यक्रम में शामिल किया हुआ है।
