फिलहाल यू पी पॉलिटिक्स में पार्टी को स्थान दिलवाने के लिये जूझेंगे
आगरा: मानव संसाधन राज्य मंत्री रामशंर कठैरिया मंत्रिमंडल छोड़ कर संगठन में जा रहे है, संभवत: मंगलवार से उनकी नई पारी शुरू हो जायेगी। यू पी में पार्टी को जीत दिलवाना उनका लक्ष्य होगा । श्री कठैरिया का त्यागपत्र राजनैतिक हल्कों के लिये कोई आश्चर्यजनक नहीं है। जिस दिन से उन्हे मंत्री पद मिला था उसी दिन से उनके विरुद्ध अच्छी खासी लाबिंग शुरू हो गयी थी। आगरा के लाबिस्ट इसके लिये सबसे ज्यादा सक्रिय थे।
इनके अलावा पार्टी के ही कुछ स्थानीय प्रभावी भी जो कारगुजारियां कर सकते थे कर रहे थे।वैसे पार्टी के शीर्षस्थ भी जोरदार हैं, जहां एक ओर श्री कठैरिया से आगरा और आसपास पार्टी को मजबूत करने की अपेक्षा कर रहे थे वहीं दूसरी ओर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसभा में किये गये वायदे के के बावजूद ग्रेटर नोयडा ले गये। इसी प्रकार यमुना नदी की बदहाली दूर कर नदी में बाहरमासी जलप्रवाह सुनिश्चित करने की बात की गयर तो जल संसाधन मंत्री की ओर से दिल्ली और बृंदावन में रिवरसाइड ब्यूटिफिकेशन की बात कही गयी वहीं नदी परिवाहन मंत्री की ओर से दिल्ली आगरा के बीच हॉवरक्राफ्ट तैराने की बात उठायी गयी। कठैरिया ही क्या अनेक बडे भाजपाई तक पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता के कारण यह सब सुनने को विवश थे। यह बात अलग है कि सब कछ साफ हो जाने के बावजूद भी शायद ही श्री कठैरिया उपरोक्त में से किसी पर कुछ कहें।अब पार्टी उनका किस प्रकारसे उपयोग कर पाती है, यह तो गुरूवार तक ही पता लग सकेगा, किन्तु अगर संगठन ने चुनावी अभियान में उन्हें लगाया तो उनके सामने एक बडी चुनौती होगी। श्री केशव मौर्य की टीम से उनको कॉर्डीनेशन बनाना पडेगा। जिसकी फुल फार्म एक्टिविटियों को पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ,लालजी टंडन , राजू भैय्या तक पशेपेश में हैं।श्री मौर्य यू पी के चुनाव में प्रत्यक्ष चुनौती बन चुकीं श्रीमती प्रियंका गांधी, बसपा सुप्रीमो मायाबती, समाजवादी परिवार के श्रेष्ठजनों की घेराब करने की स्थिति में कितने कारगर साबित हुए हैं।इस पर बहस की कोयी गुजयिश अब नही है किन्तु श्री राम शंकर कठैरिया को इन सभी का मुकाबला करना होगा। आजादी के बाद केन्द्रीय मंत्रिमंडल में सबसे पहले रेल उप मंत्री के रूप में स्व वी पी सिह की मिनिस्ट्री में स्थान मिला था , इसके बाद श्री राम जी लाल सुमन को समाज कल्याण एवं श्रमराज्य मंत्रीके रूप में स्थान मिला था। भाजपा की केंद्र में चार बार सरकारें ब नचुकी है, श्री बाजपेयी के नेतृत्व वाली तीसरी सरकार में स्व भगवान शंकर रावत को मंत्री के रूप मे तो नहीं किन्तु हाईपावर पब्लिक एकाउंट्स कमेटी के चैयरमैन जरूर रहे , और अपनी कानूनी पकड के बूतेपर ताज ट्रिपेजियम जोन अथार्टी के प्रोजेक्टों को वित्तीय पोषण की व्यवस्था सुनिश्चत करवायी जिससे आगरा मे ढाचागत सुविधाओं के कई महत्वपूर्ण कार्य संभव हुए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसभा में किये गये वायदे के के बावजूद ग्रेटर नोयडा ले गये। इसी प्रकार यमुना नदी की बदहाली दूर कर नदी में बाहरमासी जलप्रवाह सुनिश्चित करने की बात की गयर तो जल संसाधन मंत्री की ओर से दिल्ली और बृंदावन में रिवरसाइड ब्यूटिफिकेशन की बात कही गयी वहीं नदी परिवाहन मंत्री की ओर से दिल्ली आगरा के बीच हॉवरक्राफ्ट तैराने की बात उठायी गयी। कठैरिया ही क्या अनेक बडे भाजपाई तक पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता के कारण यह सब सुनने को विवश थे। यह बात अलग है कि सब कछ साफ हो जाने के बावजूद भी शायद ही श्री कठैरिया उपरोक्त में से किसी पर कुछ कहें।अब पार्टी उनका किस प्रकारसे उपयोग कर पाती है, यह तो गुरूवार तक ही पता लग सकेगा, किन्तु अगर संगठन ने चुनावी अभियान में उन्हें लगाया तो उनके सामने एक बडी चुनौती होगी। श्री केशव मौर्य की टीम से उनको कॉर्डीनेशन बनाना पडेगा। जिसकी फुल फार्म एक्टिविटियों को पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ,लालजी टंडन , राजू भैय्या तक पशेपेश में हैं।श्री मौर्य यू पी के चुनाव में प्रत्यक्ष चुनौती बन चुकीं श्रीमती प्रियंका गांधी, बसपा सुप्रीमो मायाबती, समाजवादी परिवार के श्रेष्ठजनों की घेराब करने की स्थिति में कितने कारगर साबित हुए हैं।इस पर बहस की कोयी गुजयिश अब नही है किन्तु श्री राम शंकर कठैरिया को इन सभी का मुकाबला करना होगा। आजादी के बाद केन्द्रीय मंत्रिमंडल में सबसे पहले रेल उप मंत्री के रूप में स्व वी पी सिह की मिनिस्ट्री में स्थान मिला था , इसके बाद श्री राम जी लाल सुमन को समाज कल्याण एवं श्रमराज्य मंत्रीके रूप में स्थान मिला था। भाजपा की केंद्र में चार बार सरकारें ब नचुकी है, श्री बाजपेयी के नेतृत्व वाली तीसरी सरकार में स्व भगवान शंकर रावत को मंत्री के रूप मे तो नहीं किन्तु हाईपावर पब्लिक एकाउंट्स कमेटी के चैयरमैन जरूर रहे , और अपनी कानूनी पकड के बूतेपर ताज ट्रिपेजियम जोन अथार्टी के प्रोजेक्टों को वित्तीय पोषण की व्यवस्था सुनिश्चत करवायी जिससे आगरा मे ढाचागत सुविधाओं के कई महत्वपूर्ण कार्य संभव हुए।
