--सरकारी आवास के उपयोग को सुरक्षा से जोडा
नई दिल्ली : प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक
समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया
को कानूनी नोटिस भेजकर मांग की कि उनके सरकारी आवास
संबंधी अपनी रिपोर्ट के लिए समाचार पत्र उनसे माफी मांगे।प्रियंका के वकील अमन
पंवार की ओर से अखबार के एडिटर-इन-चीफ जयदीप बोस और अन्य को संबोधित एक पत्र में
कहा गया है, "उनके
मुवक्किल ने आपके प्रतिष्ठित प्रकाशन से माफी की मांग की है और यह भी कि इस पत्र
की सामग्री को उसी प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाए, जिस
तरह से झूठी और दुर्भावनापूर्ण
खबर प्रकाशित की गई थी।"
पत्र में कहा गया है कि पत्रकारों ने एक सनसनीखेज
मगर झूठी व अपमानजनक खबर बनाने की उत्सुकता में अकाट्य तथ्यों को पूरी तरह
नजरअंदाज कर दिया।खबर प्रकाशित की गई थी।"
पत्र में कहा गया है, "आपकी खबर की पूरी प्रकृति, मिजाज भ्रामक है और पूर्वकल्पित घातक शब्दों से भरा हुआ है।"
प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा था कि उनके सरकारी आवास का किराया ठीक उतना ही है, जितना उनकी श्रेणी के अन्य लोगों के आवास का है, और सुरक्षा कारणों से उन्होंने यह परिसर लिया है।
प्रियंका के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सरकार द्वारा निर्धारित विशेष लाइसेंस शुल्क वह नियमित तौर पर देती रही हैं।
उधर समाचार पत्र में आयी एक रिपोर्ट के अनुसार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान प्रियंका के घर का किराया 53,421 रुपये प्रति माह से घटाकर 8,888 रुपये कर दिया गया था। यह जानकारी सूचना का अधिकार के तहत प्राप्त एक जानकारी पर आधारित है।
अखबार की रपट में कहा गया है कि प्रियंका ने मई 2002 में सरकार को पत्र लिखा था कि 53,421 रुपये एक बड़ी राशि है और वह इसे अदा करने में अक्षम हैं।
उन्होंने सरकार बताया है कि उन्होंने एसपीजी के अनुरोध पर यह बंगला लिया है, जिसके बड़े हिस्से पर इसी सुरक्षा एजेंसी का कब्जा है।
उन्होंने सरकार बताया है कि उन्होंने एसपीजी के अनुरोध पर यह बंगला लिया है, जिसके बड़े हिस्से पर इसी सुरक्षा एजेंसी का कब्जा है।
