--वार्ड नम्बर 60 और 63 में मचवाई पानी की त्राही त्राही
आगरा: अगर आगरा के आम मतदाता से कोइ सर्वे करने वाला पूछे कि वह कैसा
जनप्रिनिधि चाहते
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| (आगरा नगर निगम के असरदार पार्षद हेमंतप्रजा पति:दो म्यूनिस्पिल वार्डों में मचवाई बूंद बूंद पानी की किल्लत) |
हैं तो वह बिना संकोच के ही कह उठेगा हेमंत प्रजापति जैसा। वह पार्षदों
और मेयर के लिये ही नहीं सांसद और भाविष्य के विधायकों के लिये भी रोल मॉडिल बन चुके
हैं। जब से किदबई पार्क पुल की बेसन की बस्तीकी ओर से शुरू हुई चढाई के ठीक बराबर
से राजामंडी,बल्काबस्ती,गोकुलपुरा,अहीरपाडा किदबई पार्क
के घने आबादीक्षेत्र की पाइप लाइन में टी लगवाकर पानी को अपने निर्वाचन
क्षेत्र के पुनिया पाडा बागअन्ता तरकारी गली पुल छिंगा मोदी की ओर पाइपलाइन केपानी के बडे भाग को डायवर्ट करवाया है तब से इन सभी क्षेत्रों में भरपूर पानी आ रहा है। आगरा नगर निगम के 90वार्डों में से शायद ही कोई दूसरा वार्ड हो जिसका पार्षद श्री हेमन्त प्रजापति जैसा करिश्मा दिखा सका हो।सबसे दिलचस्प बात यह है कि पार्षद के क्षेत्र के मौहल्लों को लाभ देने के लिये पाइप लाइन में टी लगावाने के करिश्मे को अंजाम देने में लिप्त अब इस कृत्य का दायित्व तक लेने को तैयार नहीं हैं।
क्षेत्र के पुनिया पाडा बागअन्ता तरकारी गली पुल छिंगा मोदी की ओर पाइपलाइन केपानी के बडे भाग को डायवर्ट करवाया है तब से इन सभी क्षेत्रों में भरपूर पानी आ रहा है। आगरा नगर निगम के 90वार्डों में से शायद ही कोई दूसरा वार्ड हो जिसका पार्षद श्री हेमन्त प्रजापति जैसा करिश्मा दिखा सका हो।सबसे दिलचस्प बात यह है कि पार्षद के क्षेत्र के मौहल्लों को लाभ देने के लिये पाइप लाइन में टी लगावाने के करिश्मे को अंजाम देने में लिप्त अब इस कृत्य का दायित्व तक लेने को तैयार नहीं हैं।
पार्षद के क्षेत्र को उपकृत करने के लिये टी लगाये जाने का काम करने
में सहयोगी रहे अधिकारियों के द्वारा जिम्मेदारी लिये जाने से बचने का कारण इस कार्य का
पूरी तरह से टैक्नेलाजी और उपलब्ध जलराशि की पहले से ही किल्लत वाली स्थिति को
अनदेखा कर क्रियान्वित किया जाना है।है।हकीकत यह थी कि वार्ड 60 व वर्ड 63 केअधिकांश मौहल्लों में पानी की पहले से ही अत्यंत सीमित मात्रा में उपलब्धता थी।
वार्ड 77 के पुनिया पाडा बागअन्ता, तरकारी गली, पुल छिंगा मोदी, मौहल्लो में पानी पहुंचाने के लिये चढाई से ठीक पहले टी लगाने के काम मे लिप्तों ने कारनामा तो जरूर कर डाला किन्तु इस तथ्य को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया कि उनके काम से न केवल पानी की कटौती ही होने जा रही है अपितु जो पानी किसी प्रकार से पुल की चढाई पार करके किदबई पार्क के तिराहे के वाल्व तक पहुंचता भी था उसकी मात्रा भी प्रेशर कम होने के कारण पूर्व सप्लाई की भी आधी से भी कम रह गयी है1 फलस्वरूप वार्ड नम्बर 63 की पार्षद प्रेमा के गोकुलपुरा मंसादेवी, अहीरपाडा क्षेत्र में एक एक बूंदपानी की किल्लता है। इसी प्रकार से वार्ड नम्बर 60 की पार्षद श्रीमती चन्द्रावती का तो लगभग पूरा वार्ड ही बिना पानी के हो गया है।दोनों ही महिला पार्षद अब तक लोहामंडी टंकी प्रबंधन के द्वारा करवाये गये इस करिश्मे को समझ ही नहीं सकी हैं। मेयर और जलसंस्थान की महाप्रबंधक के समक्ष मामला उठाया जाना तो बाद की बात है।
वार्ड 77 के पुनिया पाडा बागअन्ता, तरकारी गली, पुल छिंगा मोदी, मौहल्लो में पानी पहुंचाने के लिये चढाई से ठीक पहले टी लगाने के काम मे लिप्तों ने कारनामा तो जरूर कर डाला किन्तु इस तथ्य को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया कि उनके काम से न केवल पानी की कटौती ही होने जा रही है अपितु जो पानी किसी प्रकार से पुल की चढाई पार करके किदबई पार्क के तिराहे के वाल्व तक पहुंचता भी था उसकी मात्रा भी प्रेशर कम होने के कारण पूर्व सप्लाई की भी आधी से भी कम रह गयी है1 फलस्वरूप वार्ड नम्बर 63 की पार्षद प्रेमा के गोकुलपुरा मंसादेवी, अहीरपाडा क्षेत्र में एक एक बूंदपानी की किल्लता है। इसी प्रकार से वार्ड नम्बर 60 की पार्षद श्रीमती चन्द्रावती का तो लगभग पूरा वार्ड ही बिना पानी के हो गया है।दोनों ही महिला पार्षद अब तक लोहामंडी टंकी प्रबंधन के द्वारा करवाये गये इस करिश्मे को समझ ही नहीं सकी हैं। मेयर और जलसंस्थान की महाप्रबंधक के समक्ष मामला उठाया जाना तो बाद की बात है।
विधायक श्री योगेन्द्र दुबे जो कि लोहामंडी टंकी से पानी लाने वाली
कि दबईपार्क की जरजर पाइप लाइन के सुप्रीम कोर्ट मानीटरिंग कमेटी के निर्देश पर बदले
जाने का काम पूरा होने तक क्षेत्र में लगातार लोगों से मिलकर पीने केे पानी के संकट का
जायजा ले रहे थे अब टी लगाये जाने के करिश्मे के बाद से प्रभावित वार्डों की जनता को उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जो
भी हो श्री हेमन्त प्रजापित एडवोकेट आगरा नगर निगम के सबसे असरदार पार्षद साबित हुए है। किसी का भी पानी छीना हो किन्तु उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता को तो पानी पिलवा ही
दिया है।
शहर के जलिरतण तंत्र के साथ टी लगाकर पहले से ही कम पानी वाले क्षेत्रों
जलशून्य स्थिति में पहुंचा दियो जाने के कृत्य को 'जांच और वाक्य चातुर्य' से प्रशासनिक
संरक्षण भेले ही बना रहे किन्तु हकीकत में वार्ड
नम्बर 60 वार्ड , नम्बर 63 और वार्ड नम्बर 77 के पार्षदों की सकल रूप से अक्षमता का ही नमूना मौजूदा जलवितरण सिस्टम में छेडछाड । जो कि अपने निर्वाचन काल में लोहामंडी टंकी से अतरिक्त पानी उपलब्ध करवाने के स्थान पर जो पानी किसी प्रकार जल किल्लत से त्रस्त राजामंडी गोकुलपुरा क्षेत्र मे था
उसे ही अपनी ओर ले गये।यही नहीं राजामंडी –आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के बीच के ट्रैक
के नीचे से नई पाइप लाइन नहीं डलवा सके जिसका ट्रैच
लैस टेक्नेलाजी से डाले जाने के लिये एस्टीमेट पहले से ही बना हुआ तैयार पडा था।
इस नई लाइन डालने के स्थानपर राजामंडी बाजार लेविल क्रासिंग के पास एक टी लगाकर राजामंडी
क्षेत्र मे भी किदबईपार्क की लाइन से काटकर लाया गया पानी देने की बात कही जा रही है। उससे जो पानी
किसी प्रकार फुब्बारा टंकी से लोहामंडी जाने वाली अनुरक्षण से अलग की जा चुकी पाइप लाइन
से होकर पहुंच रहा था वह भी अब लोहामंडी की ओर पहुंच रहा है। दरअसल इस पाइप लाइन का ढाल
राजामंडी से लोहामंडीकी ओर का है इस लिये इस पूरानी पाइप लाइन से राजामंडी को भी पानी
मिलने की बात अधिकारियों द्वारा समझाना एक बात है किन्तु वास्तविकता कहीं अलग।
