---जो पढेगा उसे लगेगी अपनी ही कहानी
उपन्यास की कथा कितनी यतार्थ आधारित है कि मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव तक को लखनऊ स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित विमोचन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहना पडा कि इस किताब को जो भी पडेगा उसे लगेगा कि ‘किताब की कहानी, उसकी अपनी कहानी है’।
बताते है कि
पार्थो जी जितनी दिलचस्पी जारी होने वाले शासनादेशों में लेते हैं उससे कही अधिक दिलचस्पी उनके पब्लिक और सिस्टम पर पडने वाले इम्पैक्ट के आब्जवेर्शन पर।लगता है कि उनकी यही जबाव देही की यही प्रवृत्ति अंतरमन के लेखक पर हावी रही।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में अंग्रेजी पुस्तक ‘लव साइड बाई साइड’ के हिन्दी रूपान्तर ‘हम हैं राही प्यार के’ का विमोचन करते हुए कहा कि इस पुस्तक को जो भी पढ़ेगा, उसे इसकी कहानी अपनी सी लगेगी। उन्होंने कहा कि लेखन गम्भीर कार्य है, ऐसे में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वाह करते हुए इस पुस्तक की रचना काबिले-तारीफ है और साहित्य सृजन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ समय पहले इनकी अंग्रेजी में लिखित ‘लव साइड बाई साइड’ पुस्तक का विमोचन किया गया था, परन्तु अंग्रेजी में होने के कारण काफी लोग इसे पढ़ नहीं पा रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए अब इस पुस्तक का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक की कथावस्तु की पृष्ठभूमि नबबे के दशक की है। जो कि आर्थिक एवं सामाजिक बदलाव के लिए जाना जाता है। इसी दौरान पुरानी अर्थव्यवस्था को छोड़कर खुली अर्थव्यवस्था को अपनाने का काम शुरू हुआ था। समाज में भी तमाम बदलाव इस दशक में आए। इस दशक के दौरान समाज के उन वर्गों में भी आर्थिक चेतना जाग्रत हुई, जो अभी तक मुख्य धारा से अलग थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री शर्मा ने अपने इस उपन्यास में 90 के उस दौर का भलीभांति चित्रण किया है। आई0ए0एस0 अधिकारी होने के कारण उन्हें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से समाज में आने वाली आर्थिक खुशहाली और बदलावों का अनुभव था, जिसका उन्होंने पुस्तक में बखूबी वर्णन किया है।
यही नहीं मुख्यमंत्री को यहां तक कहना पडा कि इस पुस्तक के माध्यम से इस बात का भी पता चलता है कि कभी-कभी बहुत सोच समझकर बनाई गई योजना की असफलता जीवन की सबसे खूबसूरत घटना बन जाती है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग साहित्यकारों का बहुत सम्मान करते हैं। इसी क्रम में मशहूर शायर श्री वसीम बरेलवी जी को विधान परिषद में नामित करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय साहित्यकारों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कन्नौज की सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने कहा कि ‘लव साइड बाई साइड’ पुस्तक का हिन्दी अनुवाद उपलब्ध होने के कारण अब इसे काफी लोग पढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों से उबरने में परिवार का सहारा बहुत महत्वपूर्ण होता है।
पुस्तक के लेखक श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस पुस्तक को काफी लोगों ने पढ़ा है। कुछ लोगों ने इसकी प्रशंसा की तो कुछ ने आलोचना भी की।
उन्होंने कहा कि पुस्तक 1990 के दशक की आर्थिक-सामाजिक परिस्थितियों पर आधारित है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पुस्तक के विमोचन के लिए समय देने के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम को साहित्यकार श्री वसीम बरेलवी ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा यह पुस्तक बेहतरीन ढंग से लिखी गई है और अपने मकसद में कामयाब है। उन्होंने कहा कि श्री शर्मा इसके लिए बधाई के पात्र हैं।
राज्ययोजनाआयोग के उपाध्यक्ष नवीन चन्द्र बाजपेयी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव वित्त श्री राहुल भटनागर, सूचना निदेशक श्री सुधेश कुमार ओझा सहित शासन-प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रतिष्ठित जन मौजूद थे।
