4 मार्च 2016

मनोज कुमार की ‘पूरब और पश्चिम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ जैसी फिल्‍मों को शायद ही कोई भुला सके

मनोज कुमार को वर्ष 2015 के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा


दिग्गज फिल्म अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार को वर्ष 2015 के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा भारतीय सिनेमा की प्रगति और विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। पुरस्‍कार में एक स्वर्ण कमल (गोल्डन लोटस), 10 लाख रुपये की नकद राशि और एक शॉल शामिल हैं। सरकार द्वारा यह पुरस्कार इस उद्देश्य के लिए गठित प्रख्‍यात हस्तियों की समिति की सिफारिशों के आधार पर दिया जाता है। इस वर्ष की पांच सदस्यीय जूरी में शामिल लता मंगेशकर, आशा भोसले, सलीम खान, नितिन मुकेश और अनूप जलोटा ने सर्वसम्मति से श्री मनोज कुमार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देने की सिफारिश की है। सूचना और प्रसारण मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज श्री मनोज कुमार से बातचीत की और उन्‍हें पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के लिए बधाई दी।


 मनोज कुमार एक जाने-माने कलाकार और निर्देशक रहे हैं। उनकी फिल्‍म ‘हरियाली और रास्‍ता’, ‘वो कौन थी’,’हिमालय की गोद में’, ‘दो बदन’, ‘उपकार’, ‘पत्‍थर के सनम’, ‘नील कमल’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ और ‘क्रांति’ जैसी फिल्‍मों के लिए याद किया जाता है। उन्‍होंने देशभक्ति की विषयवस्‍तु वाली फिल्‍मों में काम करने और निर्देशित करने के लिए भी प्रसिद्धि प्राप्‍त की। 


मनोज कुमार का जन्‍म जुलाई 1937 में अविभाजित भारत के एबटाबाद में हुआ था। दिल्‍ली के हिन्‍दू कॉलेज से स्‍नातक होने के बाद उन्‍होंने फिल्‍मों में प्रवेश करने का निर्णय लिया। 1960 में उन्‍हें ‘कांच की गुडि़या’ नामक फिल्‍म में पहली बार शीर्ष भूमिका निभाने का मौका मिला। उनकी ‘दो बदन’ नामक फिल्‍म को राजखोसला के निर्देशन, मनोज कुमार के अभिनय और रवि के बेहतरीन संगीत तथा शकील बंदायूनी के अमर गीतों के लिए याद किया जाता है। 1965 में शहीद फिल्‍म से उनकी देशभक्ति के हीरो की छवि बनी। 1965 के भारत-पाकिस्‍तान युद्ध के बाद प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्‍त्री ने उन्‍हें जय जवान, जय किसान नामक नारे पर आधारित फिल्‍म बनाने के लिए कहा । इस पर उन्‍होंने ‘उपकार’ नाम से यादगार फिल्‍म बनाई। सर्वश्री दिलीप कुमार, शशि कपूर, ए.गोपाल कृष्‍णन , सोमित्र चटर्जी, सत्‍यजीत रे , मृणाल सेन जैसी हस्तियों को भी इस पुरस्‍कार से नवाजा जा चुका है। ‘उपकार’ फिल्‍म के लिए श्री मनोज कुमार को राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार प्रदान किया गया था। भारत सरकार ने 1992 में उन्‍हें पद्मश्री से भी सम्‍मानित किया था।