--श्री नाथ जलसेवा अब अकेली नहीं सहयोगी बनने को अनेक उद्यात
आगरा: महानसंत विजय कौशल जी की प्रेाणा से पशु
पक्षियों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया जाने को बांटे गयी
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| (श्री नाथ जल सेवा आगरा के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संत वि जयकौशलजी नें बाटी नादेउें।) फोटो:असलम सलीमी |
नांदों का महानगर के
विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग प्रारंभ हो गया है। जहां ये उपलब्ध नहीं सके हैं
वहां से इनकी मांग लगातार आने लगी है। शीता का दौर समाप्त होने के चरण के बाद
इनकी मांग और अधिक बढ जाने की संभावनाहै।
उल्लेखनीय है कि 18 फरवरी को संत विजय कोशल जी आगरा आये
थे और उन्हों ने सदर बाजार स्थित माना मंडपम में श्री नाथ जल सेवा के तत्वावधान
में आयोजित
कार्यक्रम में 151 नादें महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में रखे जाने को उपलब्ध करवायी थी। इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्हों ने कहा था कि दूसरों को सुख देना, प्राणी मात्र की सेवा करना ईश्वरीय कार्य है। यह कहना है मानस मर्मज्ञ विजय कौशल जी महाराज का।
कार्यक्रम में 151 नादें महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में रखे जाने को उपलब्ध करवायी थी। इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्हों ने कहा था कि दूसरों को सुख देना, प्राणी मात्र की सेवा करना ईश्वरीय कार्य है। यह कहना है मानस मर्मज्ञ विजय कौशल जी महाराज का।
संत विजय कौशल
महाराज ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और जानवर तक प्रदूषित
हो रहे हैं। गो माता की हत्या की जा रही है। एक ओर हम गो कथा करवाते हैं। गो माता
की जय जयकार करते हैं और दूसरी ओर उसे पालीथिन खिलाकर दम तोड़ने के लिए छोड़ देते
हैं। उन्होंने कहा कि आप गाय पाल नहीं सकते हैं तो पलवा तो सकते हैं। जो लोग
गोमाता का पालन कर रहे हैं वहां भूसा,
चारा, चोकर
आदि की व्यवस्था तो कर सकते हैं। श्री नाथ जी जल सेवा के संस्थापक श्री बांकेलाल
जी ने नांद प्रकल्प पर प्रकाश डाल कर जनता के बीच जल सेवा के प्रयासों में सहभागी
बनने की बढती प्रवृत्ति पर संतोष जता कर उम्मीद जतायी गयी कि आने वाले समय में
जलसंवा और भी बडे लक्ष्यों को पूरा करने का प्रयासकरेगी। इस अवसर पर श्रीनाथ जी जल
सेवा के संस्थापक बांके लाल माहेश्वरी,
दिनेश कातिब,
रमाशंकर गोयल,
राकेश अग्रवाल,
अमर उजाला के पूर्व प्रबंधनिदेशक श्री
अशोक अग्रवाल ,कुंज
बिहारी काल्या, पूर्व
एमएलसी अनुराग शुक्ला, पुष्पा
डागा, दलजीत
सिंह, डा.
राम अवतार शर्मा, डा.
मधुरिमा शर्मा, नंद
किशोर अग्रवाल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के संचालक एवं इस अभियान से सक्रिय रूप से जुड सोशल एक्टविस्ट
श्रीहरीश सक्सेना ‘ चिमटी’ ने बताया कि लोगों में जो
उत्साह है उसे देखकर लगता हे कि आने वाले समय में कुछ सौ नादों को और बंटवाना
पडेगा।विद्यालय परिसरों में पक्षियों के लिये पीने के पानी के ठिकानो का खास इंताम
करवाने का प्रयास किया जायेगा।
