सिविल एन्कलेव प्रोजेक्ट के अपडेट जानने को भी पार्षद करेंगे
प्रयास
( राजीव सक्सेना द्वारा )
( राजीव सक्सेना द्वारा )
![]() |
| (डा शिरोमणीं ने किया सम्बोधित) |
आगरा,ताज सिटी की एयर कनैक्टिविटी को लेकर बनी चल रही भ्रांतियां समाप्त कर
जनता के समक्ष वस्तुस्थिति सामने लाने के लिये नगर निगम सदन को माध्यम
बनाये जाने को प्रयास शुरू हो गये हैं। यह जानकारी पालीवाल पार्क परिसर
के प्राहरी हरित परसर में ‘ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट आगरा डिजर्ब इट्स—जागो आगरा ‘अभियान के तहत अहूत
बैठक में वरिष्ठ पार्षद डा शिरोमणी सिह द्वारा मीटिंग को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए दी गयी। डा शिरोमणी सिंह ने कहा कि एयर कनैक्टविटी केवल पर्यटन ही नहीं आगरा के
आम नागरिकों के हितो..
और सुविधाओं से जुडा मसला भी है, इस लिये
नगर निगम के सदस्यों इस पर विचारकरने का पूरा हक है और अब वह 9 मार्च को अधिसूचना अवधि
समाप्त होते ही विशेष् अधिवशन को आहूत करवाने को सक्रिय होने जा रहे हैं। जितने भी
पार्षदों से अब तक उनकी बात हुई वह सभी उनके प्रयासों से सहमत और योगदान देने को तत्पर हैं।
‘ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट ,आगरा डिजर्ब इट्स—जागो
आगरा ‘ के कार्डीनेटर
श्री अनिल शर्मा ने कहा कि अभियान की कार्यनीति के तहत पार्षद श्री शिरोमणी सिह के
द्वारा पहल कर चलाये जा रहे नगर निगम सदन के विशेष अधिवेशन को आहूत के प्रयासको पूरा
समर्थन दिया जायेगा। अभियान के लिये निरंतर मीटिंगे आहूत की जायेंगी तथा अधिकारियों
से संपर्क कर प्रगति की नवीनतम जानकारी एकत्रित करने का प्रयासरहेगा।
रिवर कनैक्ट आंदोलन के नेता एवं नागरिक हितों को लेकर अनवरत
सक्रिय रहने वाले श्री बृज खंडलवाल ने सिविल एन्कलेव को जहां तत्कालीन जरूरत बताया
वहीं अंतराष्र्ट्रीय एयरपोर्ट आगरा की दीर्घकालीन अवश्यक्ता के लिये जरूरी बताया।
‘जलधारा’ संगठन के अध्यक्ष अवधेश उपाध्याय ने कहा कि
आगरा की एयरकनैक्टविटी के लिये संयुक्त अनवरत प्रयासों के चलतेरहने की आवश्यक्ता
है।इसकेलिये अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों पर भी दबाव बनाया जाना चाहिये।
आगरा के नागरिकों की कम्यूनिकेशंन क्षमता को बढाने को निरंतर
सक्रिय रहने वाले प्रख्यात चिकित्सकडा संजय चतुर्वेदी ने कहा कि धनौली में सिविल
एन्कलेव को बनाये जाने के समबन्ध में सभी औपचारिक्ताये पूरी हैं।एयरपोर्ट अथार्टी
आफ इंडिया (एएआई) और सिविल एवियेशन मिनिस्ट्री की ओर से इस प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस
मिली हुई है।अगर मंडलायुक्त कार्यालय में पडी संबधित फाइल को गतिशल बनाये रखने में
सोसायटी कुछ सक्रियता दर्शा सकी कम से कम सिविल एन्कलेव तो बन ही जायेगा।उन्होंने
एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडिया और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों से भी इस समबनधमें बैठकें
आयोजित करने का सुझाव दिया। वरिष्ठ पत्रकार
राजीव सक्सेना ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नवीनतम
स्थिति पर प्रकाश डाल कर बताया कि मंडलायुक्त आगरा को यूनिस्कों के मानकों
के अनुरूप अंतर्राट्रीय साहित्यिक शहर का दर्जा दिलवाये जाने के पक्षधर हैं। किन्तु
विश्व के देशों से एयरकनैक्टिविटी के बिना
यह कैसे संभव हो सकताहै। उन्हों ने कहा कि सरकार सिविल एयरपोर्ट और एयर कनैक्टिविटी
को लेकर पत्राचार करने का खेल मात्र ही खेल रही है।सही वस्तु स्थिति सामने लाये जाने
का काम अब तक नहीं हो सका है।केनद्र सरकार भी इस मामले में भ्रांति का माहौल खडा किये
हुए है। प्रधान मंत्री श्री नरेनद्र मोदी ने अपने चुनावी भाषण में आगरा को इंटरनेशनल
एयरपोर्ट खोलने का वायदा किया था। किन्तु अबतक उसके द्वारा अपना पक्ष स्पष्ट न कर
मामले को घुमाया जा रहा है। ग्रेटर नोयडा में केन्द्रीय मंत्री एयरपोर्ट बनवाये जाने
को फिर से सक्रियहो गयो है मुख्यमंत्रीभी यहां के लिये पत्र लिख रहे हैं जबकि प्रस्तावित
स्िाान जेबर को श्री अखिलेश यादव की सरकार खुद ही पूर्व के नोटिफिकेशन को निरस्त
करर चुकी है। यही नहीं इसकी इन्दिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल टी -3 से एरियल दूरी
150 कि मी के अब तक के प्रचलित मानक से कही कम है।
सोशल मीडिया एक्टविस्ट एवं सिविल एवियेशन की गहन जानकारीरखने
वालींश्रीमती एकता अग्रवालने कहा कि अगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अडडा बनाये जाने में
कुछ समस्याये है तो भी आगरा की एयरकनैक्टिविटी की जरूरत को पूरा करने वाले ऐसे सिविल
एन्कलेव की तो जरूरत है ही जा कि वायुसेना परिसर की जटिल औपचरिक्ताओं से मुक्त एवं
पर्यटन उद्योग की जरूरतों को पूरा करनेवाला हो।भारतीय जनता पार्टी समर्थित ट्रेड यूनियन
भारतीय मजदूर संघ के नेता हरिओम जी ने बताया कि एयरपोर्ट के मामले को आम जनता के साथ
जोड कर जनाआंदोलन खडा कियाजाना चाहिये। श्री विकास सिह ने राष्ट्रीय एकीकरण ,जन सदभावना
और सहनशीलता आदि मुद्दों पर बोलने के साथ ही स्वजातीय जाट बंधुओं की आरक्षण संबधी
मांगा से असहमति जतायी। पूर्व केन्द्र
सरकार के वरिष्ठअधिकारी डा बी के शर्मा, अग्रभारत के संपादक धर्मेन्द्र सिह, इंडिया राइजिंग के नितिन जौहरी, अंकित राठौर, अशेक वर्मा आदि अन्य विचार व्यक्त करने वालों में शामिल थे।
