3 फ़रवरी 2016

‘ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आगरा के हक को छेडेंगे ‘सत्याग्रह ‘

-- ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिये शुरू किया जागो आगरा अभियान

आगरा, नागरिक उड्डयन सुविधाओं के विकास के दौर में आगरा का भविष्‍य, राज्‍य सरकार के द्वारा
(ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट :सत्‍याग्रह ही एक मात्र विकल्‍प)

यहां नये सिविल एन्‍कलेव के लिये जगह दिये जाने के लिये की गयी घोषणा के बावजूद अनिश्‍चित्‍ता के दौर में है। जिला प्रशासन और मंडलायुक्‍त के द्वारा शासन को भेजे जाते रहे पत्रों के क्रममें एक और पत्र प्रेषित कर दिये जाने के बावजूद स्‍थिति में खास बदलाव नहीं हुआ है। वायू सेना स्‍टेशन खेरिया आगरा के परिसर से धनौली गांव की जिस 55 एकड जमीन की प्रशास के द्वारा पैमाइया करवायी गयी थी उसमें से लगभग 30 एकड जमीन किसानों की है जिसे
अधिकग्रहित किया जाना है जबकि शेष जमीन ग्राम सभा या राजकीय अस्‍थान की है। जिसे उपलब्‍ध करवाने के लिये सिर्फ एक नोटिफिकेशन ही पर्याप्‍त होगा।
पूर्व में सिविल एन्‍कलेव के लिये किसान एक करोड प्रति एकड के हिसाब से जमीन देने को तैयार थे। उप जिला अधिकारी सदर की ओर से इसकी पैमाइश भी करवायी गयी थी।बाद में पर्यटन विभाग
अनिल शर्मा : चलेगा 'जागो आगरा' अभियान
को इसके लिये नाेडल विभाग बनाकर कुछ टोकिन एमाऊंट भी दिया गया था। बाद में राज्‍य ड्डयन विभाग को इस प्रोजेक्‍ट के लिेये नोडल विभाग बना दिया गया।उसके बाद से तो कार्रवाही एक प्रकार से समाप्‍त ही हो गयी।
ग्रेटर नोयडा और सैफई में ग्रीनफीडल्‍ड प्रोजेक्‍ट के समान ही जब आगरा में 'रॉयट' ने ग्रीन फील्‍ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्‍ट के लिये सर्वेक्षण करना शुरू किये तो आगरा में नये सिविल एन्‍केलव की मांग ठंडी पड गयी इस पर सिविल अथार्टी ने तो मौका देखते ही फायले एक प्रकार से दाखिल दफ्तर ही कर दीं।अब जब ग्रीनफील्‍ड प्रोजेक्‍ट आगरा से काफी दूर जा चुका है तो फिर से नये सिविल एन्‍केलेव का मुद्दा एक बार फिर गर्माया है।
नये सिविल एन्‍कलेव और आगरा की एयर कनैक्‍टिविटी को प्रभावी बनाये जाने के लिये शुरू हुई नई मुहिम के श्री अनिल शर्मा ने कहा है कि हमने यह लडाई नये सिरे से शुरू की है,कहां तक लेजायी जा सकेगी यह तो समय ही बतायेगा ।वैसे मै मानता हूं कि आगरा के लोगों ने इस मांग को जहां भी मंच मिल सका उठाया।यह बात अलग है कि इलहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ की मांग के समान ही उन्‍हें इसको लेकर भी धोखा ही मिलता रहा।
गांधियन एक्‍टविस्‍ट श्री शर्मा का कहना है कि चैम्‍बर आफ इंड्रस्‍ट्रीज एड कामर्स ,टूरिस्‍ट गिल्‍ड, फरेन ट्रेडर्स एसोसियेशन ,सहित आगरा के बजट होटलों के संगठनों की इस मांग को लेकर प्रतिबद्धता रही है। नागरिक संगठनों में से भी कई ने इसके लिये काफी प्रयास किये  किन्‍तु कहीं न कहीं चूक,शिथिलता और सरकारों की उपेक्षाओं से यह मामला मुकाम के नजदीक पहुंचने के बावजूद आगे नहीं बढ सका।
अब सिविल एन्‍केलेव की आगरा में बनवाये जाने की बात वह सरकार कह रही है जो कि यमुना एक्‍सप्रेस और अधबने लखनऊ-आगरा एक्‍सप्रेस वे जैसे स्‍टेट एक्‍सप्रेस वे का उपयोग हवाई जहाजों की लैडिंग के लिये प्रयोग में वायू सेना में साझीदार रही है। सैफई एयर स्‍ट्रिप पर आई एल एस सिस्‍टम को लगवाकर बडे हवाईजहाजों की कोहरे में भी रात्रिकालीन लैंडिंग सुरक्षित कर चुकी है। हमारी कोशिश है कि आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट जरूर बने यही यहां की गारिमा के अनुकूल है और अपने आप में स्‍थापित जरूरत है।नये सिविल एन्‍केलेव का भी विरोध नहीं है बल्‍कि सिविल एवियेशन की बढती उपयोगिता को दृष्‍टिगत वह भी विकल्‍प के रूप मे जरूरी है।
श्री शर्मा ने फिलहाल अपने अभियान की शुरूआत फेस बुक पेज (लिंक https://www.facebook.com/groups/1042305815791293/?fref=nf)
से की है।उम्‍मीद जतायी है कि एक बडा ग्रुप शीघ्र ही प्रभावी भूमिका के लिये खडा हो जायेगा। वह  नगर निगम आगरा को भी इस मांग के लिये माध्‍यम बनाने का प्रयास शुरू कर चुके है।