आपने कभी यह सोचा है कि रेल यात्रा के दौरान कोच में आपको जो कम्बल ओढ़ने के लिए दिए जाते हैं, वह कम्बल दो महीने में एक बार धुलता है। यह खुलासा किया राज़ रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने आज राज्यसभा में। जरा कल्पना कीजिये आपका कम्बल दो महीनों में कितने लोगों ने ओड़ा होगा। सुविधा की जगह इससे बीमारियों का खतरा भी हो सकता है। राज्यसभा सभापति और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी आखिर कुछ कह ही डाला कि यात्रा के दौरान अपना बिस्तरा ले जाना ही उचित होगा। यह भी कहा जा सकता है कि यात्री ट्रेन में कंबल नहीं बल्कि बीमारियों को ओढ़ कर चैन से सोते हैं।
